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  • Sikh Arts And Film Festival Organized From Sunday At Tagore Theater, Chandigarh, 24 Films From 8 Countries Will Be Shown Free

फिल्म फेस्टिवल:चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में 8 देशों की 24 शॉर्ट फिल्में दिखाई जाएंगी, सिख इतिहास पर आधारित पेटिंग और कलाकृतियां भी की जाएंगी डिस्प्ले

चंडीगढ़5 महीने पहले
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शहर में रविवार को कई देशों की शॉर्ट फिल्मों को टैगोर थिएटर में दिखाया जाएगा। - Dainik Bhaskar
शहर में रविवार को कई देशों की शॉर्ट फिल्मों को टैगोर थिएटर में दिखाया जाएगा।
  • भारत, USA, सिंगापुर, पाकिस्तान, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की फिल्में दिखाई जाएगी

चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में रविवार से सिख लेंस-सिख आर्ट एंड फिल्म फेस्टिवल-2021 इंडिया चैप्टर को लेकर 8 देशों की 24 फिल्में दिखाई जाएंगी। सिखों के इतिहास बहादुरी और शौर्य के बारे जानकारी देने वाली कई फिल्में बनी है। उसी को एक छत के नीचे दिखाने के लिए सिख लेंस फाउंडेशन आयोजित कर रही है। 24 टेलीफिल्मों को दिखाने के साथ-साथ सिख इतिहास को पेश करते हुए पेटिंग और कलाकृतियां डिस्प्ले की जाएंगी।

आज सिख लेंस के संस्थापक बिकी सिंह जो कैलिफोर्निया में रहते हैं ने प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से काफी कुछ सीखने को मिलता है। फेस्टिवल के बारे जानकारी देते हुए सिख लेंस फाउंडेशन के इंडिया हेड ओजस्वी शर्मा ने बताया कि हमारा प्रयास आम लोगों को सिख इतिहास के साथ जोड़ना है। जिसमें शहर के पतंग मेकर डॉ. दविंदरपाल सिंह सहगल , बादाम से कलाकारी करने वाले अमनदीप सिंह गुलाटी और विदेश से आकर भारत में आंखों का चेकअप कैंप लगाने वाले रछपाल सिंह की फिल्म को पहली बार दिखाया जाएगा।

टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में थिएटर फेस्टिवल दोपहर 11 बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। जिसमें गुरु नानक देव और विभिन्न गुरुओं के इतिहास को दिखाया जाएगा। फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण 3 फिल्मों का वर्ल्ड प्रीमियर किया जाएगा।

चंडीगढ़ के काइट मेकर दविंदरपाल सहगल पर भी शॉर्ट फिल्म

शहर में रहने वाले साइंटिस्ट डॉ. दविंदरपाल सिंह सहगल जो पिछले 40 सालों से मैसेज देने वाली पतंगें बना रहे हैं। उनके जीवन से संबंधित एक शॉर्ट फिल्म भी इस फेस्टिवल के दौरान दिखाई जाएगी। डॉ. सहगल का नाम सबसे छोटी और बड़ी पतंग बनाने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। डॉ. सहगल ने कई देशों में आयोजित काइट फेस्टिवल में हिस्सा ले चुके है और हर एक सामाजिक हित में काम आने वाले कार्यक्रमों को लेकर अपनी पतंगों के माध्यम से मैसेज देते हैं।

बादाम और माचिस की तिलियों पर पेंटिंग

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले अमन सिंह गुलाटी अपनी कलाकारी का जादू बादाम पर इस तरह से उकेरते हैं कि लोग देखने वाले देखते रह जाते है। बादाम के छोटे से दाने पर गुलाटी बड़े ही ध्यान से इस तरह से अपनी कलाकारी को दिखाते हैं कि जैसे किसी मशीन ने कोई आकृति बनाई हो। गुलाटी पहले सिख आर्टिस्ट हैं जो कि पेटिंग बादाम और माचिस की तिलियों पर करते हैं। रविवार को गुलाटी टैगाेर थिएटर में लगने वाली एग्जीबिशन में अपने सौ से ज्यादा कलाकारी वाली पेंटिंग को डिस्पले करेगा।

NRI रछपाल सिंह देश के लोगों के लिए लगाते हैं आई कैंप

NRI रछपाल सिंह पहले पंजाबी हैं जो कि विदेश से आकर भारत में हर साल पांच सौ से ज्यादा आंखों के कैंप लगाते हैं और लोगों की आंखों का फ्री में इलाज करते हैं। बीते 20 सालों में रछपाल 50 लाख से ज्यादा लोगों का फ्री में इलाज करवा चुके हैं।