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  • Sikh Youth's Plea Please Save My 9 year old Son From Being Converted To Muslim, Hearing In Court On July 20, Will Complain To SSP On Thursday.

जबरन धर्म-परिवर्तन मामला...:सिख युवक की गुहार-मेरे 9 साल के बेटे को मुस्लिम बनाने से रोका जाए, कोर्ट में सुनवाई 20 जुलाई को,SSP से गुरुवार को करेंगे मुलाकात

चंडीगढ़16 दिन पहलेलेखक: आरती एम अग्निहोत्री
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अपने वकील दीक्षित अरोड़ा के साथ पीड़ित सिख युवक। - Dainik Bhaskar
अपने वकील दीक्षित अरोड़ा के साथ पीड़ित सिख युवक।

36 साल के एक सिख युवक ने अपनी मुस्लिम पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उसने आरोप लगाए हैं कि उसके ससुराल से उसे सिख धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाने की धमकियां दी जा रही हैं। यहां तक कि उसे बुरी तरह पीटा भी जा रहा है। वह किसी भी कीमत पर सिख धर्म छोड़ना नहीं चाहता है, इसलिए वह अपनी पत्नी और ससुराल से बचकर निकल गया। लेकिन उसे दुख है कि उसका बेटा अभी भी उसकी पत्नी के पास है।

उसे डर है कि उसकी पत्नी और उसका परिवार उसके 9 साल के बेटे को जबरदस्ती मुस्लिम बना देंगे। वे उसके बेटे का खतना भी करने जा रहे हैं। इसलिए उसने कोर्ट में याचिका दायर की है और मांग की है कि उसके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन न किया जाए। उसकी याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है। मामले की सुनवाई 20 जुलाई को होगी। लोकल सिख समुदाय भी सोशल सपोर्ट के लिए आगे आए हैं। इसके साथ ही युवक अपने वकील और सिख समुदाय के आगु के साथ गुरुवार को चंडीगढ़ के SSP कुलदीप सिंह चाहल से मुलाकात करेगा। SSP ने उन्हें मिलने का समय दे दिया है।

सिख युवक की ओर से एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा ने याचिका दायर की है। दीक्षित ने बताया कि जब युवक उनके पास आया तो उसे तुरंत रिलीफ चाहिए था। इसलिए हमने सिविल सूट कोर्ट में डाल दिया ताकि उसकी और बेटे की सिक्खी न छूटे। उन्होंने आगे कहा कि सेक्शन 298 के साथ पढ़े जाने वाले सेक्शन 295A के तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए आरोपितों पर FIR भी की जा सकती है।

वहीं सिख युवक ने शिकायत में बताया कि वह मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला है और यहां नौकरी करने के लिए आया था। 13 साल पहले उसने एक मुस्लिम युवती से लव मैरिज की थी। पहले दिन से उसे कहा जाने लगा कि अपना नाम बदलकर ताहिर कर दो और जब ससुराल आओ तो टोपी और कड़ा उतारकर आया करो। कुछ दिन बीते तो सब ठीक रहा लेकिन फिर उसकी पत्नी के परिवार ने दखल देना शुरू कर दिया और उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगे। इसलिए वह इग्नोर करने के लिए अपनी पत्नी और बेटे को लेकर दिल्ली चला गया। फिर कुछ साल बाद वह अमृतसर आ गया। लेकिन यहां भी उसकी पत्नी ने उसे वापस चंडीगढ़ जाने के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। वे अपनी पत्नी के कहने पर 2016 में चंडीगढ़ आ गया और किराए के मकान में रहने लगा। यहां उसके मकान में उसके ससुराल के लोग भी जबरन आकर रहने लगे और उसे कड़ा और पगड़ी उतारने के लिए मजबूर करने लगे।

बेटे को लेकर भाग गया था

शिकायतकर्ता ने बताया कि एक दिन वह तंग आकर अपने बेटे को लेकर अमृतसर चला गया था। ताकि उन दोनों का धर्म परिवर्तन न हो सके। लेकिन वहां भी फोन पर धमकियां मिलने लगी। आखिर में उसे फिर चंडीगढ़ लौटना पड़ा। अब वह तो अपने ससुराल से बचकर निकल आया है लेकिन उसका बेटा अभी भी उनके पास ही है।

साली की शादी के बाद बढ़ा दबाव

युवक ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी साली की शादी एक ब्राह्मण युवक से हुई। ब्राह्मण युवक ने भी अपना धर्म परिवर्तन कर इस्लाम धर्म को कुबूल कर लिया। उसके बाद से इसपर भी दबाव बनाया जाने लगा कि जब एक जवाई धर्म बदल सकता है तो तुम क्यों नहीं?

30 मई को पुलिस ने की दो बार पिटाई

युवक ने बताया कि वह मनीमाजरा में रहता है। ससुराल का घ्रर वहां से एक किमी दूर था। जब इस्लाम धर्म को कुबूल करने का दबाव बढ़ने लगा तो ससुराल पक्ष के लोग साथ आकर रहने लगे। इस साल 30 मई को उसके ससुराल के लोग घर में फिर तंग करने लगे और फिर सबने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। उसने रात के डेढ़ बजे 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया जिसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। वहां भी इसकी बात सुनने की बजाय पुलिस ने इसे ही पीट दिया और फिर दोनों पक्षोंं में समझौता करवाकर वापिस घर भेज दिया। युवक जब घर जा रहा था तो ससुराल पक्ष ने इसे फिर पीट दिया। इसके बाद जब उसने पुलिस को दोबारा काल किया तो पुलिस ने फिर पिटाई की और कहा कि हमें रात को बार-बार क्यों परेशान कर रहा है। इसके बाद उसने दो दिन मनीमाजरा के पार्क में रात बिताई।

बेटा डरा हुआ था, बोला पापा के पास जाना है

युवक ने बताया कि रविवार को उसने 112 नंबर पर कॉल कर अपने बेटे को मिलने की गुहार लगाई। जब मैं बेटे से मिला तो वह काफी डरा हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे उसे किसी ने मारा हो। वो बार-बार यही कह रहा था कि मुझे पापा के साथ जाना है। पर किसी ने उसकी नहीं सुनी।

दो साल के लिए दुबई गया पर 5 महीने में आ गया

युवक ने बताया कि 2018 में वह दो साल के लिए दुबई गया था ताकि वहां कामकाज करे और फिर परिवार को साथ ले जाए। लेकिन जब वह वहां गया तो ससुराल पक्ष ने मुस्लिम रीति-रिवाज में पहनने वाली टोपी पहनाकर बेटे की फोटो खींचकर मुझे भेज दी। मैंने पूछा तो बोले-ईद थी इसलिए टोपी पहनाई। इसके बाद मैंने पूछा कि क्या मैंने अपने बेटे को कभी पगड़ी पहनाई? इसके बाद मैं बहुत डर गया और 5 महीने में ही वहां से लौट आया।

परिवार बोला-खुद हैंडल करो

युवक ने बताया कि उसके पेरेंट्स ने अपनी बहू को किसी किंतु-परंतु के असेप्ट किया था। लेकिन जब वह कुछ साल अमृतसर रहा तो उसने उनसे भी बद्दतमीजी की। इसके बाद पेरेंट्स ने मुझे घर से बेदखल कर दिया। जब मैंने उन्हें भी आपबीती सुनाई तो सामने से जवाब आया- खुद ही शादी की है, खुद ही हैंडल करो।

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