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सोनिया ने मंजूर किया अमरिंदर का इस्तीफा:कांग्रेस के साथ 24 साल की दूसरी सियासी पारी खत्म, पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी से लड़ेंगे चुनाव

चंडीगढ़8 महीने पहलेलेखक: मनीष शर्मा
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कैप्टन अमरिंदर सिंह का कांग्रेस में 24 साल का सियासी सफर खत्म हाे गया। कांग्रेस के साथ अमरिंदर की यह दूसरी पारी थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी जानकारी दी। अमरिंदर ने मंगलवार शाम को अपना इस्तीफा भेजा था, जिसे बुधवार देर रात स्वीकार कर लिया गया।

नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रधान बनाने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम की कुर्सी से हटा दिया गया, जिसके बाद वह पार्टी से नाराज हो गए थे। 18 सितंबर को उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अमरिंदर दिल्ली गए और वहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात की। इसी दौरान उन्होंने कहा था कि अब वो कांग्रेस में नहीं रहेंगे।

अमरिंदर का कांग्रेस में सियासी सफर
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1965 की जंग के बाद भारतीय सेना छोड़ी थी। इसके बाद 1977 में कांग्रेस जॉइन की। कांग्रेस से वह 1980 में लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बनें। अप्रैल 1984 में उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में कांग्रेस छोड़ दी थी। 1997 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर कांग्रेस जॉइन की। अब 2021 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी।

कांग्रेस में रहते अमरिंदर सिंह को सोनिया गांधी के बहुत करीबी माना जाता था।
कांग्रेस में रहते अमरिंदर सिंह को सोनिया गांधी के बहुत करीबी माना जाता था।

अमरिंदर ने पंजाब में चलाई 'कैप्टन कांग्रेस'
अमरिंदर ने कांग्रेस में पिछले 24 वर्षों में कैप्टन कांग्रेस चलाई। कांग्रेस की दूसरी पारी में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम कई सियासी उपलब्धियां रहीं। 1997 में दोबारा कांग्रेस जॉइन करने के बाद 1999 में वह पंजाब कांग्रेस के प्रधान बने। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद वह 2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। 2009 में कैंपेन कमेटी चेयरमैन और 2010 से 2013 तक प्रधान रहे। 2012 में विधानसभा चुनाव हारे तो उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर रहे।

2015 से 2017 तक वह फिर पंजाब कांग्रेस के प्रधान रहे। फिर 2017 में कांग्रेस के जीतने पर मुख्यमंत्री बने। अमरिंदर जब सीएम रहे तो पार्टी प्रधान की नहीं चली। जब पार्टी प्रधान रहे तो अपने आगे किसी दूसरे कांग्रेसी नेता को नहीं टिकने दिया।

अमरिंदर सिंह ने कहा था कि उन्हें अपमानित किया गया।
अमरिंदर सिंह ने कहा था कि उन्हें अपमानित किया गया।

कांग्रेस में अमरिंदर की उपलब्धियां
अमरिंदर 1999 में पंजाब में कांग्रेस के प्रधान बने। इसके बाद कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 9 लोकसभा सीटें जीती। फिर 2002 में कांग्रेस 62 सीटें जीती। यह जीत इसलिए अहम थी क्योंकि 1997 में कांग्रेस को 117 में से सिर्फ 17 सीटें मिली थीं। इसके आद अमरिंदर मुख्यमंत्री रहे। फिर 2017 में कांग्रेस 77 सीटें जीतीं और अमरिंदर सीएम रहे। इसके बाद मोदी लहर में भी कांग्रेस पंजाब में 13 में से 8 लोकसभा चुनाव जीता।

इस्तीफे में अमरिंदर का दर्द भी छलका था। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू उम्र का लिहाज किए बिना मुझे बेइज्जत करते रहे; राहुल-प्रियंका ने शह दी, सोनिया ने भी आंखें मूंद ली।
इस्तीफे में अमरिंदर का दर्द भी छलका था। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू उम्र का लिहाज किए बिना मुझे बेइज्जत करते रहे; राहुल-प्रियंका ने शह दी, सोनिया ने भी आंखें मूंद ली।

अब पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी बनाई
अमरिंदर ने अब अपनी नई पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी बना ली है। इसके जरिए वह 2022 में पंजाब में 117 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले अमरिंदर किसान आंदोलन का हल निकलवाएंगे। इसके बाद भाजपा और अकाली दल के बागी नेताओं सुखदेव ढींढसा और रणजीत ब्रह्मपुरा से सीट शेयरिंग करेंगे।

इस्तीफा देते ही अमरिंदर ने अब पंजाब कांग्रेस में खलबली मचा रखी है।
इस्तीफा देते ही अमरिंदर ने अब पंजाब कांग्रेस में खलबली मचा रखी है।

अमरिंदर के खिलाफ कांग्रेसी खुलकर मैदान में उतरे
कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अब पंजाब के कांग्रेसी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। नवजोत सिद्धू ने तो उन पर पर्सनल अटैक शुरू कर दिए। वहीं, विधायक कुलबीर जीरा ने उन्हें भगौड़ा कह दिया। मंत्री राजा वड़िंग ने अमरिंदर के भाजपा से सीट शेयरिंग पर सवाल उठाए। मंत्री परगट सिंह ने नया ट्विटर अकाउंट बनाया तो दूसरे ही ट्वीट में अमरिंदर को घेर लिया। अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने भी कैप्टन से कहा कि वो रेत और ड्रग माफिया से जुड़े लोगों के नाम उजागर करें।

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