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चंडीगढ़ में टावर पर टीचर:SP पहुंचे मनाने, उतरने से किया मना, पुलिस ने ऊपर चढ़ने का किया प्रयास तो पेट्रोल डालने की दी धमकी

चंडीगढ़6 महीने पहले
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टावर पर चढ़कर बैठा स्वर्ण सिंह। - Dainik Bhaskar
टावर पर चढ़कर बैठा स्वर्ण सिंह।

चंडीगढ़ में पंजाब एमएलए हॉस्टल के टावर पर बरनाला निवासी ईटीटी स्वर्ण सिंह चढ़कर बैठे हैं। वे रविवार शाम 6 बजे तक भी टॉवर से नहीं उतरे। रविवार शाम पांच बजे सिटी पुलिस अधीक्षक (SP) उन्हें मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन उसने कहा कि सोमवार को जब उसकी मांगे मान ली जाएगी तो वे नीचे आ जाएंगे। कुछ पुलिस कर्मचारियों ने ऊपर आने का प्रयास किया तो उसने पेट्रोल डालने की धमकी दी। SP के समझाने के बाद भी वह नहीं उतरा। हालांकि रविवार को उसकी शरीरिक हलचल काफी कम रही। बतां दे कि टीचर शनिवार को टावर पर चढ़ा था।उसे सुबह चार बजे हॉस्टल के ड्राइक्लीनर चिमन लाल ने सबसे पहले उसे देखा था। उसी ने पुलिस को सूचना दी थी।

पंजाब एमएलए हास्टर में टावर के नीचे तारबंदी की हुई है।
पंजाब एमएलए हास्टर में टावर के नीचे तारबंदी की हुई है।

तब से अब तक चंडीगढ़ पुलिस कई बार उसे उतारने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन वह अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने या कूदने की धमकी देता रहा। उसे मनाने के लिए शनिवार सुबह पहले अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल और विक्रम मजीठिया भी पहुंचे, परंतु वह नहीं माना। इसके बाद दोपहर 2 बजे पंजाब शिक्षा विभाग के सचिव भी पहुंचे और उससे नीचे उतरने का अनुरोध किया, लेकिन वह नहीं माना। वह एक ही बात दोहरा रहा है कि 180 ETT टीचरों की फाइल एफडी से अप्रूव करवाई जाए।

टावर पर चढ़ा ईटीटी टीचर
टावर पर चढ़ा ईटीटी टीचर

2016 में भर्ती हुआ था स्वर्ण सिंह

टॉवर से स्वर्ण सिंह ने एक लिखित पर्चा फेंककर जानकारी दी कि 2016 में वह अकाली-भाजपा सरकार के समय टीचर भर्ती हुआ था और उसे पक्का भी कर दिया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने 2018 में उसे नए सिरे से प्रोबेशन पीरियड में डाल दिया और वेतन भी 65 हजार रुपए मासिक से घटाकर 25 हजार रुपए कर दिया।

स्वर्ण सिंह का कहना है कि 2016 के दौरान 4500 और 2005 ETT टीचर के रूप में दो अलग-अलग भर्ती अभियान चलाए गए थे। विभाग की तरफ से दोनों भर्तियों में नौकरी सुरक्षित होने का हवाला देकर किसी एक भर्ती में नियुक्ति का ऑप्शन देने को कहा। इस तरह 4500 ETT अध्यापकों ने नियुक्ति हासिल कर ली।

इनमें जो जूनियर थे, उन्होंने 2005 पदों की भर्ती में जॉइन कर लिया। जिसके बाद भी सामान्य वर्ग के 150 पद खाली रह गए। करीब दो साल बाद 2018 में 4500 ETT अध्यापकों की भर्ती में तय सीमा से अधिक भर्ती का हवाला देते हुए विभाग ने 180 अध्यापकों को नौकरी से निकालने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

5 साल बाद अदालती आदेश पर विभाग ने इन्हें नौकरी पर लेते हुए गत 5 साल की सेवा खत्म कर दी और उन्हें नए वेतनमान के आधार पर नियुक्ति दी। नए वेतनमान में इन अध्यापकों का वेतन भी 65 हजार से घटाकर 25 हजार कर दिया गया। उसकी फाइल एफडी कार्यालय में पड़ी है, जिसे मंजूरी नहीं दी जा रही।

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