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गृह मंत्रालय के जरिए कोर्ट ने भेजे नोटिस:आईडीबीआई बैंक से 17 करोड़ रुपए की ठगी कर न्यूजीलैंड भागे पति-पत्नी

चंडीगढ़एक महीने पहले
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सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को उनके न्यूजीलैंड के एड्रेस पर नोटिस जारी कर दिया है। - Dainik Bhaskar
सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को उनके न्यूजीलैंड के एड्रेस पर नोटिस जारी कर दिया है।
  • सीबीआई कर रही मामले की जांच
  • बैंक से कर्जा लेकर नहीं लौटाया, गिरवी रखी प्रॉपर्टी भी किसी और को बेच दी

3 साल पहले आईडीबीआई बैंक के साथ 17 करोड़ 29 लाख रुपए की ठगी का केस दर्ज हुआ था। उस मामले की जांच सीबीआई कर रही है लेकिन अभी तक कोर्ट में इस केस का ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा है। वजह ये है कि इस केस में मुख्य आरोपी अंकुश सूद और उसकी पत्नी सलोनी सूद न्यूजीलैंड भाग गए हैं। इन्हें अब वापस इंडिया लाने और कोर्ट में पेश करने के लिए सीबीआई की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को उनके न्यूजीलैंड के एड्रेस पर नोटिस जारी कर दिया है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय के जरिए न्यूजीलैंड में काउंसलेट ऑफ इंडिया को नोटिस भेजे हैं। हालांकि उसका कोई जवाब नहीं मिला है, इसलिए सीबीआई ने गृह मंत्रालय को रिमाइंडर भी भेजा है। अब मामले की सुनवाई 13 मई को होगी। अगर अब भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए तो सीबीआई उन्हें भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

लोन के वक्त दिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स

अंकुश सूद ने 7 फरवरी 2009 को आईडीबीआई के डीजीएम के पास लोन के लिए अप्लाई किया था। जांच में पता चला कि अंकुश ने लोन लेने के वक्त कंपनी के जो डॉक्यूमेंट्स जमा करवाए वे फर्जी निकले थे। सीबीआई ने आईडीबीआई, सेक्टर-17 के डीजीएम जितेंद्र की शिकायत पर एसएस टेक्नो कंसल्ट प्राइवेट लिमिटेड, अनन्या पॉलीपैक्स प्राइवेट लिमिटेड, एएए, एडप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, न्यूटाइम कॉन्ट्रैक्टर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, अंकुश सूद, सलोनी और संजीव के खिलाफ केस दर्ज किया।

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