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ऐसा पहली बार:‘आईजी’ के स्टेनो को बनाया जेल का डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, पूर्व एचएस रिलीव होने से पहले कर गए ऑर्डर

चंडीगढ़9 दिन पहले
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चंडीगढ़ पुलिस में पहली बार एक स्टेनो को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल लगा दिया गया। पूर्व होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता ने इसको लेकर 26 अगस्त को निर्देश जारी कर दिए थे। अरुण कुमार गुप्ता 31 अगस्त को रिलीव होकर अपने मूल कैडर हरियाणा वापस जा चुके हैं। 26 अगस्त को जारी हुए निर्देशों में पुलिस डिपार्टमेंट में ही बतौर सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर मुकेश गोयल को सुपरिंटेंडेंट जेल ग्रेड-2 (ग्रुप-बी) की पोस्ट पर एक साल के डेपुटेशन पर नियुक्त कर दिया गया।

मुकेश गोयल इससे पहले तक डीआईजी, जिनके पास आईजी (जेल) का भी चार्ज है, उनके स्टेनो के तौर पर काम कर रहे थे। अब वे जेल में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के तौर पर काम देख रहे हैं। पंजाब प्रिजन स्टेट सर्विस रूल्स 1978 के तहत ये पोस्ट भरी गई है। अगर इस बीच खाली पोस्ट के अगेंस्ट रेगुलर पोस्टिंग हो जाती है तो संबंधित अफसर जिसे इसमें नियुक्त किया गया है, उसे वापस उसकी पोस्ट पर बुलाया जा सकता है।

नई भर्ती होने तक इस पद को भरा है
डिपार्टमेंट में दिसंबर महीने में ये डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की पोस्ट लैप्स हो जानी थी। इसलिए हमने सभी विभागों से विलिंग मांगी थी, ताकि इस पोस्ट को भरा जा सके। इसके लिए कुल 6 लोगों ने अप्लाई किया। इनमें से बाद में 2 कर्मियों ने अपना नाम वापस ले लिया। 1 एप्लीकेंट की एसीआर ठीक नहीं थी, जबकि एक की रिटायरमेंट नजदीक थी। फिलहाल टेंपरेरी अरेंजमेंट करते हुए इस पोस्ट को भरा गया है। नई रिक्रूटमेंट होने तक इस पद को भरा गया है। मुकेश गोयल को एक साल की टेन्योर या इससे पहले भी वापस बुलाया जा सकता है।
ओमवीर बिश्नोई, डीआईजी कम आईजी जेल

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