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हरियाणा में कल हड़ताल नहीं करेंगे डाक्टर:सरकार और हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के बीच बनी सहमति; वापस लिया हड़ताल का फैसला

चंडीगढ़4 महीने पहले
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11 जनवरी को पंचकूला में हड़ताल के दौरान मौजूद चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
11 जनवरी को पंचकूला में हड़ताल के दौरान मौजूद चिकित्सक।

हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन 14 जनवरी को हड़ताल नहीं करेंगी। हड़ताल को लेकर शाम स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा के साथ मीटिंग हुई। करीब दो घंटे मीटिंग चली। एसोसिएशन के पंचकूला जिला प्रधान डॉ. मंदीप सिंह ने कहा कि सरकार ने अगले दो तीन महीने में पीजी पॉलिसी बनाने पर सहमति दी है। साथ ही एमडी या एमएस डॉक्टरों के लिए स्पेशलिस्ट कैडर पद सृजित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस पर मार्च तक पॉलिसी बनाकर एप्रूव कर दिया जाएगा। इसलिए अब हड़ताल नहीं की जाएगी और ओपीडी सेवाएं चालू रहेगी। इससे पहले सुबह पूरा दिन हड़ताल को लेकर संशय बना हुआ था। क्योंकि सरकार की ओर से बातचीत के लिए कॉल नहीं आई थी।

विज लागू कर चुके हैं एस्मा

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 11 जनवरी को हड़ताल के बाद प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया था। जिसके तहत स्वास्थ्य कर्मचारी अगले 6 महीने तक हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। ऐसे में यदि डॉक्टरों ने 14 जनवरी की हड़ताल रद्द नहीं की तो उन पर एस्मा के तहत कार्रवाई होना स्वाभाविक है। तब स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि कि सारा देश कोरोना की लड़ाई लड़ रहा है ऐसे समय में डाक्टरों के एक समूह ने हड़ताल पर जाने की घोषणा करके उस लड़ाई में बाधा डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ‘‘हमने जो उनकी मांगें थी, मैंने उसी वक्त स्वीकार करके मुख्यमंत्री के पास तथा अन्य विभागों के पास भेज दी थी, हमारा सकारात्मक रुख था और मुख्यमंत्री के साथ बैठक होने के बाद उनकी मांगों की सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी गई थी।

सरकार ने ये लिया था निर्णय
सीएम ने एमडी या एमएस डॉक्टरों के लिए स्पेशलिस्ट कैडर पद सृजित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके अलावा डॉक्टरों को कोई प्रशासनिक कार्य भी नहीं दिया जाएगा और वे अपनी संबंधित विशेषता में ही अभ्यास करेंगे।मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सैद्धांतिक मंजूरी के तहत सरकार विशेषज्ञों के लिए एक विशेष सब कैडर बनाएगी, जिन्हें सलाहकार या वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नामित किया जाएगा। इससे पहले एमबीबीएस योग्यता और एमडी/एमएस योग्यता वाले डॉक्टर एक ही कैडर में होते थे। स्पेशलिस्ट कैडर पोस्ट बनने से ये डॉक्टर अपने काम पर और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

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