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स्मार्ट सिटी:चंडीगढ़ में कचरे की खुदाई का टेंडर 33 करोड़ में, मोहाली में 4.35 करोड़ में हुआ यही काम

चंडीगढ़3 महीने पहलेलेखक: राजबीर सिंह राणा
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  • डंपिंग ग्राउंड के कचरे की खुदाई में घपले की बू

डंपिंग ग्राउंड से 5 लाख मीट्रिक टन कचरे की खुदाई करने की एवज में कंपनी को चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड 33 करोड़ रुपए देगी। कंपनी आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइवेड फ्यूल) के वजन के हिसाब से पैसा स्मार्ट सिटी से ले रही है, जबकि उसे ओपन मार्केट में बेचकर पैसे कमा रही है।

वहीं, मोहाली नगर निगम ने डंपिंग ग्राउंड से 2 लाख मीट्रिक टन कचरे की खुदाई करके सेग्रिगेशन कर आरडीएफ बनाने का टेंडर 4.35 करोड़ में अलॉट किया हुआ है। यह भी शर्त है कि कंपनी 3 लाख मीट्रिक टन कचरा खोदकर सेग्रिगेशन करके आरडीएफ बनाने का काम करेगी।

मोहाली के टेंडर के हिसाब से देखा जाए तो चंडीगढ़ के डंपिंग ग्राउंड से भी कचरा खोदकर सेग्रिगेशन करने में 9 या 10 करोड़ का खर्च आता है। इस हिसाब से स्मार्ट सिटी के टेंडर में गड़बड़झाला झलक रहा है। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने एजिस इंटरनेशनल कंपनी से डंपिंग ग्राउंड के कचरे की खुदाई करने की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल 40 करोड़ बनाई थी।

इसे स्मार्ट सिटी की टेक्निकल कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में अप्रूवल किया गया। इसके बाद रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल काॅल की गई, जिसमें तीन कंपनियां आईं। इनमें एसएमएस एन्वाेकेयर लोएस्ट 32.98 करोड़ रही थी। इस कंपनी को स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से टेंडर अलॉट किया गया। इसके बाद कंपनी ने बैंक गारंटी टेंडर कॉस्ट की 7 फीसदी जमा करवाई और पॉल्यूशन की परमिशन ली।

तब जाकर 20 दिसंबर 2019 को डंपिंग ग्राउंड में लगी एक मशीन से कचरे की खुदाई करने का काम शुरू किया। इसका उद‌्घाटन नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनोर की ओर से किया गया था। टेंडर के अनुसार कंपनी ने दो साल में काम पूरा करना है, लेकिन पिछले साल लॉकडाउन की वजह से काम बंद रहा। इसके बाद डंपिंग ग्राउंड की खुदाई का काम मार्च 2022 तक तय कर दिया।

एसएमएस एन्वोकेयर कंपनी डंपिंग ग्राउंड में कचरे की खुदाई किए वेस्ट को सेग्रिगेशन करके आरडीएफ बना रही है। कचरे में डंप हुई मिट्टी, गटका, ईंट, पत्थर, को अपनी टेक्नोलॉजी से अलग करके इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलेशन यूनिट में भेजा जा रहा है।

बाकी वेस्ट से एन्वाकेयर कंपनी द्वारा आरडीएफ बनाया जा रहा है। इसके वजन के हिसाब से कंपनी स्मार्ट सिटी से पेमेंट ले रही है। इस आरडीएफ को कंपनी बाहर बेच भी रही है, जिससे कंपनी को इनकम भी हो रही है। यही काम मोहाली निगम की ओर से अलॉट किए गए टेंडर अनुसार होगा।

मोहाली निगम में पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन की ओर से डंपिंग ग्राउंड के कचरे को खोदकर उसे सेग्रिगेशन करके आरडीएफ बनाने की 4.86 करोड़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई गई। इस टेंडर में तीन कंपनियां आई। इसमें लोएस्ट गाजियाबाद की कंपनी इको स्पैन 4.35 करोड़ रही।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट महंगी कैसे बनाई गई, करवाएंगे जांच: निगम कमिश्नर

चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ केके यादव का कहना है कि चंडीगढ़ डंपिंग ग्राउंड से 5 मीट्रिक टन कचरे की खुदाई का टेंडर एसएमएस एन्वोकेयर को 33 करोड़ में अलॉट हुआ है। वहीं, मोहाली निगम से 2 लाख मीट्रिक टन कचरे की खुदाई का टेंडर 4.35 करोड़ में अलॉट किया गया है। स्मार्ट सिटी द्वारा प्रोजेक्ट रिपोर्ट महंगी कैसे बनाई गई, इसे चेक करवाया जाएगा।

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