चंडीगढ़ पुलिस में कराेड़ाें का सैलरी स्कैम:फरार चल रहे मास्टरमाइंड ने किया सरेंडर, कोर्ट ने दिया 6 दिन का रिमांड

चंडीगढ़20 दिन पहले
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चंडीगढ़ पुलिस में करोड़ों के सैलरी स्कैम के मास्टरमाइंड हेड कांस्टेबल नरेश कुमार ने शनिवार को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह दो महीने से फरार चल रहा था। उसकी अग्रिम जमानत याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। शनिवार को पुलिस ने कोर्ट से उसका 10 दिन का रिमांड मांगा। कोर्ट ने 6 दिन का रिमांड दिया है।

पुलिस ने कहा कि घोटाले के वक्त आरोपी नरेश पुलिस डिपार्टमेंट के अकाउंट ब्रांच में कार्यरत था। इस दौरान सैकड़ों पुलिसकर्मियों के खातों में एरियर और अलाउंस के नाम पर एक्स्ट्रा सैलरी डिपॉजिट की गई थी। इससे डिपार्टमेंट को करोड़ों का नुकसान हुआ। इस घोटाले में नरेश का प्लान क्या था और कितने लोग उसके साथ शामिल हैं, इन सबके बारे में पूछताछ की जानी है।

डीएसपी रामगोपाल खुद उसका रिमांड लेने के लिए कोर्ट में मौजूद थे। वहीं, नरेश की तरफ से कोर्ट में पेश एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा ने कहा कि उसने पिछले साल दो बार पुलिस इन्वेस्टिगेशन जॉइन की थी। इस केस में जो डॉक्यूमेंट्री एविडेंस हैं वह सब पुलिस हेड क्वार्टर में मौजूद हैं। इसलिए नरेश के रिमांड की जरूरत नहीं है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने उसका 6 दिनों का रिमांड दे दिया।

ये है मामला
दाे साल पहले पुलिस को शिकायत मिली थी कि मुलाजिमों के खाते में ज्यादा रुपए डालकर घोटाला किया जा रहा है। इसके बाद दिसंबर 2019 में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (कैग) से मामले की ऑडिट की मांग की। ऑडिट की रिपोर्ट में पता चला कि साढ़े तीन साल में 1 करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया गया है। इसके बाद मामले में एसआईटी गठित की गई और केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के खाते में ज्यादा सैलरी डाली गई थी। इसी साल सितंबर में पुलिस ने जूनियर असिस्टेंट बलविंदर कुमार और होम गार्ड वॉलंटियर सुरजीत सिंह को गिरफ्तार किया था।

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