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कोरोना इफेक्ट:निगम के पास रेवेन्यू आया 376 करोड़, खर्च हुए 378.35 करोड़, अब शहर के विकास कार्यों के लिए नहीं है पैसा

चंडीगढ़12 दिन पहले
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पेड पार्किंग
  • नगर निगम की आर्थिक स्थिति हुई खराब, कमाई से ज्यादा तो खर्चा हो रहा...

(राजबीर सिंह राणा) निगम की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह चाहकर भी शहर में कोई काम नहीं कर सकता। कमाई से ज्यादा खर्चा हो रहा है। इसका खुलासा मंगलवार को निगम कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई रेवेन्यू मीटिंग में हुआ। निगम ने अक्टूबर महीने तक अपने संसाधनों से रेवेन्यू 150 करोड़ जुटाए हैं, जबकि ग्रांट इन ऐड की किस्तों से 226 करोड़ मिलाकर भी निगम के पास 376 करोड़ रुपए हैं।

निगम रेवेन्यू और कैपिटल हेड में 378 करोड़ 35 लाख 34 हजार 304 रुपए खर्च कर चुका है। यानि कमाई से 2 करोड़ 35 लाख 34 हजार 304 रुपए ज्यादा खर्च कर चुका है। निगम ने साल 2020-21 के बजट में अपने संसाधनों से रेवेन्यू जुटाने के आंकड़ों में 296 करोड़ 79 लाख शो किया था।

इसी में अक्टूबर तक रेवेन्यू 173 करोड़ 12 लाख 75 हजार अनुमानित था, लेकिन रेवेन्यू 150 करोड़ ही आया है। ऐसे में निगम को अनुमानित आमदनी से 13 करोड़ 12 लाख 75 हजार कम रेवेन्यू मिला है।

इन दो हेड्स में अनुमान से ज्यादा कमाई हुई...

  • रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी टैक्स... 12 करोड़ 11 लाख 46 हजार मिले हैं
  • कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स... 32 करोड़ 99 लाख 70 हजार मिले हैं

रेजिडेंशियल-कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स में अक्टूबर महीने के आखिर तक 28 करोड़ अनुमानित किया था, लेकिन 45 करोड़ 10 लाख 53 हजार इकट्‌ठा कर लिया है।

इस्टेट ब्रांच से...
5 करोड़ 83 लाख 33 हजार मिलने थे अक्टूबर महीने के अंत तक, मिले हैं लेकिन 7 करोड़ 23 लाख 76 हजार।

इलेक्ट्रिसिटी सेस और काउ सेस से भी कमाई

  • निगम एरिया में इलेक्ट्रिसिटी सेस से 12 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से 7 करोड़ अनुमानित था, लेकिन 8 करोड़ मिला
  • काउ सेस का टारगेट तय नहीं था, लेकिन 5 करोड़ 66 लाख 83

हजार मिल गया

रेवेन्यू जुटाने में यहां पिछड़ा निगम } लॉकडाउन का समय अब पड़ रहा भारी...

पेड पार्किंग... 6 करोड़ 82 लाख 50 हजार मिलने थे अक्टूबर के आखिर तक, लेकिन मिले 5 करोड़ 54 लाख 55 हजार।

एमओएच विंग...
12 करोड़ 25 लाख आने का अनुमान था, लेकिन मिले 68 लाख 12 हजार

वेंडर सेल... 4 करोड़ 66 लाख 67 हजार मिलने थे अक्टूबर के आखिर तक, लेकिन मिले 1 करोड़ 91 लाख 28 हजार

पानी बिल... 87 करोड़ 50 लाख आना अनुमानित था अक्टूबर तक, लेकिन आया सिर्फ 50 करोड़ 85 लाख 93 हजार

इंफोर्समेंट विंग...
2 करोड़ 4 लाख 17 हजार रेवेन्यू मिलना था, लेकिन 80 लाख 67 हजार ही मिल सका।

बुकिंग ब्रांच...कम्युनिटी सेंटर, पार्कों की बुकिंग से 6 करोड़ 37 लाख 58 हजार मिलने थे, मिले 1 करोड़ 37 लाख 49 हजार

रोड कट... 8 करोड़ 75 लाख अनुमानित था, लेकिन आया 7 करोड़ 16 लाख 79 हजार।

फायर सर्विस...
1 करोड़ 79 लाख मिलना था, मिला सिर्फ 91 लाख रुपए

ऐसी हालत के 3 कारण
1. निगम ने रिवाइज्ड बजट एस्टीमेट में 275 करोड़ मांगे थे, लेकिन वित्त मंत्रालय ने कुछ भी देने से मना कर दिया
2. बजट में केंद्र ने 20 फीसदी का कट लगा दिया था
3. कोरोना के कारण रेवेन्यू कम आना

निगम ने कर्मचारियों की सैलरी पर किया ये खर्च...

  • निगम ने कर्मचारियों की सैलरी पर अक्टूबर महीने के अंत तक 109 करोड़ 79 लाख 87 हजार 293 खर्च किए
  • आउटसोर्स, वर्कचार्ज, डेलिवेजिज की सैलरी पर अक्टूबर के अंत तक 102 करोड़ 60 लाख 66 हजार 2015 रुपए
  • रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर 23 करोड़ 11 लाख 7 हजार 378 रुपए
  • कर्मचारियों पर अक्टूबर महीने के अंत तक 235 करोड़ 51 लाख 60 हजार 876 रुपए खर्च किए

नहीं हो सकेंगे ये काम...

  • 13 गांवों का सीवर अपग्रेडेशन
  • स्टॉर्म वाॅटर लाइन बिछाने का काम
  • अतिरिक्त वाॅटर सप्लाई लाइन बिछाने का काम
  • रोड रिकार्पेंटिंग के काम
  • गांव रायपुर कलां और दड़वा में भाखड़ा नहर से पानी लाने के 12 करोड़ के काम
  • सेक्टर-22 में सेक्टर-37 वाॅटर वर्क्स से पानी लाने के लिए 1 करोड़ की अतिरिक्त पाइप लाइन बिछाने पर काम
  • शहर में अतिरिक्त सीवर और स्टॉर्म वाॅटर लाइन बिछाने के टेंडर लगे हुए हैं। लेकिन फंड की कमी के चलते काम शुरू नहीं किए जा सकेंगे।

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