पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • The New Technology Of The Garbage Plant May Be Sealed, After The Visit Of The Administrator's Advisor To The Plant, The Corporation Had Decided To Call A Special House Meeting.

चंडीगढ़ नगर निगम की विशेष बैठक:सदन शुरू होने से पहले कांग्रेसियों का हंगामा; पानी के बिल को फाड़कर किया विरोध, गारबेज प्लांट पर कमिश्नर बोले...

चंडीगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नगर निगम की बैठक में बोलतीं कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत। - Dainik Bhaskar
नगर निगम की बैठक में बोलतीं कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत।

डीपीआर और आरएफपी के लिए पैक और थापर इंस्टीट्यूट से विशेषज्ञों की सेवाएं ले सकते हैं। अक्टूबर के अंत तक कम्पनी भी तय कर दी जाएगी। इस बीच कोई समस्या या सन्देह हो तो टेक्निकल एक्सपर्ट्स के साथ विचार कर सकते हैं। डंपिंग ग्राउंड के नजदीक गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की नई टेक्नोलॉजी के मुद्दे पर चर्चा शुरू होने पर कमिश्नर केके यादव पत्रकाराें से बात कर रहे थे।

गुरुवार को चंडीगढ़ नगर निगम की सदन की विशेष बैठक शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्षदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सदन की बैठक शुरू होते ही शहर में पानी के बिल फाड़कर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि एडवाइजर की ओर से बढ़े हुए पानी के बिल पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके शहरवासियों को जो बिल आ रहे हैं, वह बढ़े हुए रेट के हिसाब से आ रहे हैं।

यह बैठक विशेष तौर पर नए गारबेज प्लांट को लेकर बुलाई गई थी, लेकिन अब यह हंगामे की भेंट चढ़ गई। इसी क्रम में नगर निगम मेयर रविकांत शर्मा ने कांग्रेसी पार्षदों द्वारा किए गए हंगामे को ड्रामा बताते हुए कहा कि कांग्रेस का शहर के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जिन दिनों की जानकारी कांग्रेस के पार्षद दे रहे हैं, वह मई से पहले के बिल हैं।

वहीं प्रशासन की ओर से नगर निगम को 90 करोड़ रुपए की ग्रांट देने से भी मना कर दिया गया है। यह 90 करोड़ की राशि नगर निगम ने प्रशासन से मांगी थी। नगर निगम का दावा है कि मई से लेकर अगले साल मार्च माह तक पानी के पुराने रेट लागू होने से 90 करोड़ रुपए का घाटा होगा। बता दें कि प्रशासक के एडवाइजर के पिछले दिनों प्लांट के दौरे के बाद निगम हरकत में आया था।

प्लांट के निरीक्षण वाले दिन ही निगम ने विशेष सदन बुलाने का फैसला लिया था। एडवाइजर ने स्पष्ट तौर पर निगम को पॉलिसी बनाने को कहा था, जिसके बाद निगम पर दवाब बढ़ गया था। निगम के नई टेक्नोलॉजी के फैसले पर शहर की तमाम रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की भी नजर भी गढ़ी हुई है।

हाईकोर्ट में याचिका दायर

वहीं सदन की बैठक से ठीक पहले हाईकोर्ट में डंपिंग ग्राउंड की वजह से आसपास फैले वायु प्रदूषण को लेकर जनहित याचिका भी दायर हो चुकी है। याचिका में वर्तमान गारबेज प्लांट का जिक्र भी किया गया है। अगर बैठक में इस विषय को लेकर चर्चा हुई तो बहस गर्म भी हो सकती है। वहीं याचिका में निगम के पार्षदों के स्टडी टूर पर करोड़ों के खर्चे का भी जिक्र है।

खबरें और भी हैं...