हरियाणा में कल से पूरी क्षमता से नहीं खुलेंगे स्कूल:कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते सरकार ने वापस लिया फैसला, 9 दिसंबर तक पुरानी गाइड लाइन ही लागू

चंडीगढ़8 महीने पहले
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हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते एक दिसंबर से पूरी क्षमता से स्कूल खोलने का अपना फैसला वापस ले लिया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना खासकर ओमिक्रॉन से बचाव को लेकर की गई तैयारियों की की समीक्षा की।

सरकार ने कोरोना केसों में गिरावट के बाद एक दिसंबर से प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोलने का फैसला लिया था। अभी तक स्कूल में प्रत्येक कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति के ही निर्देश थे। अब ओमिक्रॉन के भय के चलते सरकार ने स्कूलों में पुरानी व्यवस्था लागू रहने के आदेश जारी किए हैं। अब सरकार ने नौ दिसंबर तक पुरानी गाइडलाइन के अनुसार ही चलने का फैसला लिया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने इसकी पुष्टि की है कि 1 दिसंबर से स्कूलों में पूरी क्षमता की बजाय 50 प्रतिशत बच्चे ही आएंगे। फैसले में कोई फेरबदल होता है तो इसकी सूचना सरकार की ओर से दी जाएगी।

दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर सरकार की पूरी तैयारियां है। कोविड-19 के नए ओमिक्रॉन​​​​​​​ वेरिएंट के फैलाव और कोविड की तीसरी लहर को आशंका को देख्ते हुए राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सचेत रहना होगा।

कोविड मरीज का जीनोम सिक्वेंस भी किया जाए

बैठक में विज को अधिकारियों ने बताया कि साउथ अफ्रीका में पाए गए नए वेरिएंट की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंस की आवश्यकता होती है। उसके लिए हरियाणा में एक मशीन को लगाया गया है। विज ने निर्देश दिए कि कोविड का नया मरीज हरियाणा में पाया जाता है तो उसकी कोविड की जीनोम सिक्वेंस पता जरूर लगाया जाए, ताकि अन्य लोगों को संक्रमित होने से बचाया जा सकें।

अभी वर्तमान में राज्य में प्रति दिन लगभग 12 हजार टेस्टिंग की जा रही हैं और इसे अब बढाने की जरूरत है। आने वाले कुछ दिनों में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाकर 40 हजार प्रति दिन करने का लक्ष्य रखा है ताकि लोगों को इस संक्रमण से बचाया जा सकें। वहीं, दूसरी ओर अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में टेंस्टिंग के लिए आरएटी टेस्टिंग कीट और आरटीपीसीआर टेस्टिंग कीट पर्याप्त संख्या में हैं।

राज्य में ‘एट रिस्क’ वाले देशों से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग की जाए

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ‘‘एट-रिस्क’’ वाले देशों जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल सहित यूरोप के देशों से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग एयरपोर्ट पर हो रही है। जो लोग नेगेटिव पाए जा रहे हैं, उनकी 8वें दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा टेस्टिंग की जा रही हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें।

विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी यात्री विदेश से आता है। वह अपने आपको क्वारंटीन करता है, तो भी स्वास्थ्य विभाग की टीम उससे रोजाना टेलीफोन पर बातचीत की जाए। उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की जाए।

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