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हेल्थ डे पर विशेष:ब्रेन स्ट्रोक मरीज की स्थिति का पता 5-7 मिनट में चलेगा, पहले लगते थे 40 मिनट

चंडीगढ़15 दिन पहलेलेखक: मनोज अपरेजा
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  • पीजीआई में लगाई गई एडवांस वैस्कुलर इंटरवेंशनल लैब अपने आप में यूनीक, रीजन में पीजीआई में ही यह मशीन
  • हैमरेज में ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी, स्टेंट से होगा इलाज

आर्टफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए 5-7 मिनट के अंदर ब्रेन स्ट्रोक के पेशेंट को इवैल्यूएट करके पता किया जा सकेगा कि इलाज किस तकनीक से करना है। यह मुमिकन होगा पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्नोसिस एंड इमेजिंग में आई नई मशीन- बाई प्लेन डीएसए मशीन से। पहले पेशेंट को इवैल्यूएट करने में ही 30-40 मिनट लग जाते थे। इस रीजन में पीजीआई ही एक मात्र ऐसा इंस्टीट्यूट है, जहां पर यह मशीन है।

गोल्डन आवर

बहुमूल्य 25-30 मिनट बचेंगे...

जिन मरीजों को ब्रेन स्ट्राेक पड़ता है, उनके दिमाग की नसों में क्लॉट (खून के थक्के) जम जाते हैं। इस मशीन के जरिये क्लॉट का पता लगाने में बहुमूल्य 25-30 मिनट बच जाएंगे। यह मिनट गोल्डन आवर हैं, जिसमें इलाज मिलने से मरीजे के दुरुस्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

पहले रिकवरी में लगता था वक्त

पहले स्ट्रोक पड़ने पर मरीज को टिश्यु प्लाजमिनोजेन एक्टिवेटर (टीपीए) का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसमें क्लॉट गल जाता था। लेकिन इसका सक्सेस रेट उतना ज्यादा नहीं था। मरीज को रिकवरी में वक्त लगता था। नई मशीन में सीधे टारगेट पर जाकर स्टंट से क्लॉट को खींचा जाता है। इसमें कुछ ही देर में मरीज की बॉडी में मूवमेंट आ जाती है। लेकिन इसके लिए 4-6 घंटे में मरीज को हॉस्पिटल पहुंचना जरूरी है।

ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं

ब्रेन हैमरेज का मुख्य कारण है दिमाग की नसों में एन्युरिज्म का फटना। सामान्यत: इसका इलाज ओपन ब्रेन सर्जरी से होता है। लेकिन इंटरवेंशन रेडियोलॉजी के जरिए एन्युरिज्म का इलाज ओपन ब्रेन सर्जरी के बिना संभव है। इसमें मरीज की जांघ या हाथ की नसों के द्वारा छाेटी नलियों से ब्रेन एन्युरिज्म तक पहुंचने के बाद उनके अंदर कॉयल्स डाली जाती हैं। इससे एन्युरिज्म का भविष्य में दोबारा फटने का रिस्क बहुत कम हो जाता है।

ऐसे हुआ मुमकिन... पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिज के प्रो. अजय कुमार बताते हैं कि इंटरनेवेंशन रेडियोलॉजी के माध्यम से कई बीमारियों का जल्द और उचित इलाज संभव है। एडवांस वैस्कुलर इंटरवेंशनल लैब अपने आप में एक यूनीक लैब है। क्योंकि इसमें एडवांस बाई प्लेन डीएसए मशीन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्ट्रोक इवैल्युएशन सॉफ्टवेयर, कोविड सेफ हेपाफिल्टर से लैस एयर कंडीशनर सिस्टम व कार्बन डाईऑक्साइड एंजियोग्राफी उपलब्ध है।

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