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  • The Water Level Of Sukhna Lake Is Just 3 Feet Below The Danger Mark; If Emergency Happens, Flood Gates May Have To Be Opened; Advisor's Instructions Keep An Eye On 24 By 7

खतरे के निशान से 3 फीट नीचे सुखना का जलस्तर:इमरजेंसी हुई तो खोलने पड़ सकते हैं फ्लड गेट; एडवाइजर के निर्देश- 24 घंटे नजर बनाए रखें, सावधान है यूटी का इंजीनियरिंग विभाग

चंडीगढ़3 महीने पहले
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सुखना चौ के रास्ते से पंचकूला स्थित घग्गर नदी में पानी भेजा गया था। - Dainik Bhaskar
सुखना चौ के रास्ते से पंचकूला स्थित घग्गर नदी में पानी भेजा गया था।

मंगलवार देर रात और फिर बुधवार को शहर में हुई 30MM बारिश से सुखना लेक का जलस्तर 1159.90 तक पहुंच गया है जोकि खतरे के निशान से महज 3 फीट नीचे है। अगर शहर में फिर से बारिश होती है और लेक का जलस्तर 1163 फीट तक पहुंचता है तो फ्लड गेट खोलने की नौबत आ सकती है।

UT इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक 4 दिन पहले सुखना लेक का जलस्तर 1156 फीट रिकॉर्ड किया गया था। अब जलस्तर 1159.90 तक पहुंच गया है और आने वाले समय में अगर बारिश होती है तो ये और भी बढ़ सकता है। प्रशासन किसी भी तरह की स्थिति से निपटने को तैयार है।

उन्होंने बताया कि शिवालिक पहाड़ियों के अलावा साकेतड़ी और कांसल नालों से भी पानी का फ्लो सुखना लेक में आया है। वे बोले- पिछले साल अगस्त में जलस्तर खतरे के स्तर पर पहुंचने के बाद सुखना लेक के फ्लड गेट खोलकर सुखना चौ के रास्ते से पंचकूला स्थित घग्गर नदी में पानी भेजा गया था।

इसके अलावा साल 2018 में भी कैचमेंट एरिया में बारिश होने के कारण अथॉरिटीज को दो फ्लड गेट खोलने पड़े थे। उस वक्त 10 साल के बाद ये फ्लड गेट खोले गए थे। UT एडवाइजर के निर्देशों के मुताबिक UT इंजीनियरिंग विभाग 24बाय7 सुखना लेक पर नजर रख रहा है ताकि शहर में किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति पर समय से काबू पाया जा सके।