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कई मरीजों का चल रहा था इलाज:देर रात तेज बारिश से बाधित हुई हॉस्पिटल में बिजली सप्लाई, परिजनों का आरोप- ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से हुई मरीजों की मौत

चंडीगढ़एक महीने पहले
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सेक्टर-32 के ए ब्लॉक स्थित अस्पताल में भर्ती थे मरीज। - Dainik Bhaskar
सेक्टर-32 के ए ब्लॉक स्थित अस्पताल में भर्ती थे मरीज।

चंडीगढ़ के सेक्टर-32 कोविड हॉस्पिटल में लापरवाही की वजह से तीन मरीजों की मौत का मामला सामने आया है। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि शनिवार रात शहर में हुई तेज बारिश की वजह अस्पताल की बिजली कट गई थी। इस वजह से ICU में भर्ती मरीजों की ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई थी। इससे तीन मरीजों की जान चली गई। हालांकि, हॉस्पिटल प्रशासन ने इससे इनकार किया है।

परिजनों के मुताबिक, रात को जब बिजली गुल हुई तो आईसीयू वार्ड में लगाए गए वैंटिलेटर में बैक-अप की सुविधा न होने के कारण उन्होंने काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों की हालत खराब होने लगी और तीन मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल के बाहर बैठे कोविड मरीजों के परिजनों को इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और मरीजों की मौत का जिम्मेवार ठहराने लगे। इसी बीच रात 2 बजे अस्पताल में एसडीएम और सेक्टर-34 के एसएचओ भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। परिजनों की ओर से कहा गया कि जब हवा चलने से लाइट चली गई तो कोविड वार्ड में अफरा तफरा फैल गई थी और वेंटिलेटर पर इलाज करवा रहे कई मरीजों की मौत हुई है लेकिन अस्पताल प्रशासन इसे दबा रहा है।

एसएचओ राजीव कुमार के अनुसार तीन मरीजों के परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत आई है। उनके अनुसार परिवार वालों की शिकायत पर डीडीआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा मृतक मरीजों के परिवार वालों की ओर से कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण जब बिजली गुल हुई तो जेनरेटर ने काम नहीं किया। जिसके कारण वैंटिलेटर ने काम करना बंद कर दिया जिसके कारण मरीजों की मौत हो गई।

दूसरी ओर प्रशासन की ओर से शाम को जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि बिजली ठप होने के आधे घंटे तक वेंटिलेटर में बैकअप रहता है। सेक्टर-32 में जिन कोविड मरीजों की मौत हुई है उनकी अलग-अलग टाइम पर मौत हुई है। बिजली ठप होने के बाद जेनरेटर सैट पूरी तरह से काम कर रहे थे। बिजली जाने से किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। यह भी कहा गया है कि तेज हवा और बारिश के बाद कई अधिकारी अस्पताल में पहुंच गए थे और उन्होंने वहां दाखिल मरीजों के लिए पूरी व्यवस्था को देखा। जो भी कोरोना मरीजों की मौत हुई है उसमें बिजली जाने या जेनरेटर न चलने का कोई मामला नहीं है।

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