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वैक्सीन नहीं तो स्कूल नहीं:12 से 18 वर्ष के बच्चे पढ़ेंगे ऑनलाइन, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग जल्द जारी सकता आदेश

बृजेन्द्र गौड़, चंडीगढ़8 महीने पहले
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मोबाइल कई घातक बीमारियों का कारण बन सकता है, अगर इसका लंबे समय तक प्रयोग किया जाए। चंडीगढ़ के बच्चों ने कोरोना काल में 2 साल मोबाइल स्क्रीन पर आंखें गाढ़ कर पढ़ाई की। उनकी आंखों पर भी इसका असर पड़ा। अब फिर से कुछ बच्चों को मोबाइल में 'आंखे फोड़नी' पड़ सकती हैं।

दरअसल कोरोना की संभावित चौथी लहर के बीच चंडीगढ़ प्रशासन एक फैसला लेने का विचार कर रहा है। 12 से 18 वर्ष के जिन बच्चों ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई, उन्हें ऑनलाइन मोड से पढ़ाई करने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग आने वाले सप्ताह से यह आदेश जारी कर सकता है। प्रशासन एक जानकारी में इस आदेश को जारी करने का संकेत दे चुका है।

मोबाइल रेडिएशन से होने वाले नुकसान

मोबाइल रेडिएशन से दिमाग का कैंसर, एकाग्रता, आंख की समस्याएं, तनाव में वृद्धि, जन्मजात के लिए जोखिम, न्यूरोडेगेनेरेटिव डिसऑर्डर, दिल का जोखिम, प्रजनन क्षमता और सुनने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एम्स और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने एक स्टडी में दावा किया गया है कि मोबाइल रेडिएशन के कारण इंसान बहरा हो सकता है और यहां तक कि नपुंसक होने की भी संभावना है।

ऑनलाइन स्टडी के यह नुकसान भी हैं

घरों में ऑनलाइन स्टडी के दौरान स्कूली माहौल जैसा वातावरण तैयार नहीं हो पाता। कई बार कनेक्शन फेलियर के कारण या अन्य कारण से टीचर और बच्चे का संपर्क नहीं हो पाता। बच्चों को बार-बार मोबाइल की ब्राइटनेस तेज कर और जूम कर लैटर्स और डायग्राम्स को देखना पड़ता है। टीचर्स को भी हायब्रिड मोड के साथ ऑनलाइन स्टडी में दोगुणी मेहनत करनी पड़ती है। कोरोना में 2 साल ऑनलाइन स्टडी करने के बाद स्कूल जाने वाले बच्चे भी ऑनलाइन स्टडी को कमजोर विकल्प बता चुके हैं।

ऐच्छिक वैक्सीन को 'अनिवार्य' बनाया जा रहा !

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार कह चुकी है कि कोरोना वैक्सीन पूरी तरह से ऐच्छिक है और चंडीगढ़ प्रशासन भी इस बात को दोहरा चुकी है। वहीं स्कूली बच्चों में वैक्सीन को लेकर जिस प्रकार तेजी दिखाई जा रही है। अब जिस प्रकार से वैक्सीन न लगवाने वाले बच्चों पर ऑनलाइन पढ़ाई का खतरा मंडरा रहा है उसे देखते हुए वैक्सीन लगवाने का दबाव बढ़ जाएगा।

आज इन स्कूलों में विशेष वैक्सीनेशन कैंप

चंडीगढ़ स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए कोर्बिवैक्स वैक्सीन के लिए स्कूलों में विशेष कैंप लगा रहा है। इसके तहत आज जीएमएसएसए 38(वेस्ट), जीएसएसएस-एमएमटी, जीएमएचएस-विकास नगर, जीएमएसएसएस-26 टीएम, जीएमएचएस-49, जीएमएसएसएस-धनास, जीएमएचएस-आरसी-2 और मलोया जीएसएसएस-45 शामिल है।