“हम होंगे कामयाब”:मिल-जुलकर व नियमों का पालन कर हम कोरोना को हरा देंगे

चंडीगढ़6 महीने पहले
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यह NGO युवसत्ता और दैनिक भास्कर का इनीशिएटिव है। - Dainik Bhaskar
यह NGO युवसत्ता और दैनिक भास्कर का इनीशिएटिव है।

“हम होंगे कामयाब” कैंपेन की शुरुआत शहर में हो गई है। यह NGO युवसत्ता और दैनिक भास्कर का इनीशिएटिव है। इसके मकसद, जरूरत, शुरुआत और कैंपेन के तहत काम करने के बारे में बात हुई NGO के कोऑर्डिनेटर प्रमोद शर्मा से। उन्हाेंने बताया कि इस कैंपेन का मकसद हर ओर पॉजिटिविटी लाना है क्याेंकि कोरोना वायरस की वजह से माहौल बहुत ख़राब हो चुका है। लोग जान गंवा बैठे हैं, किसी को वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है। कई इसे हरा चुके हैं। फिर भी कई लोगों में डर है।

डर से मरने की बजाय जरूरत है डर को दूर भगाया जाए। निगेटिविटी से भरे इस माहौल को दूर करने से ही कोरोना को हराया जा सकता है। इसके लिए हम सब को मिलकर साथ आना हाेगा, एक-दूसरे की हिम्मत बनना हाेगा, डरे बिना और नियमों का पालन करते हुए पॉजिटिविटी का माहौल तैयार करना हाेगा। इसके अलावा पावर ऑफ पॉजिटिविटी के बारे में सभी को बताए। तब हम कामयाब हो जाएंगे कोरोना को हारने में।

वैसे भी इतिहास देखें तो समय-समय पर बहुत मुसीबतें हम पर आईं, लेकिन साथ, हिम्मत और पॉजिटिविटी की वजह से ही हम उससे उभर पाए और आगे बढ़े। कब जहन में आया की ऐसा कर सकते हैं? प्रमोद बोले- पिछले हफ्ते की बात है। जान-पहचान व अन्य लोगों से बात की और यह देखा कि कभी बेड की कमी, कभी ऑक्सीजन की कमी हाे रही है। यह सब इंतजाम करने के दौरान ही लगा की कैंपेन की जरूरत है।

कैंपेन के तहत किस तरह से करेंगे काम? इस सवाल के जवाब में प्रमोद बोले- तरीके ताे बहुत हैं, लेकिन साथ में नियमों का पालन भी करना है जैसे दूरी बनाकर रखनी है, मास्क पहनना, हाथ धोने से लेकर सैनिटाइज करना, भीड़ में न जाना और ज़रूरत पड़ने पर ही बाहर निकलना। इस सभी नियमों का पालन करते हुए हम कैंपेन के तहत यह सब करेंगे…

  • शहर में हम होंगे कामयाब के बैनर लगाए जाएंगे। जैसे स्कूल, कॉलेज से लेकर मार्केट व अन्य जगह। इसके लिए सभी से गुज़ारिश करेंगे।
  • हम होंगे कामयाब के स्टिकर, पोस्टर दिए जाएंगे, ताकि इसे जहां लगा सकते है वहां लगा पाए।
  • सभी स्कूल की प्रिंसिपल से कहेंगे कि ऑनलाइन क्लास में बसे पहले टीचर हम होंगे कामयाब कैंपेन के बारे में बताए। उन्हें पॉजिटिव करें।
  • सोशल मीडिया पर या ऑनलाइन ग्रुप में नेगेटिव मैसेज भेजने की बजाय पॉजिटिव मैसेज भेजें।

इस कैंपेन में यह सब

शहर काे रोल मॉडल बनाना है|यह कैंपेन एक महीने तक चलेगा। इसके बाद इसे आगे लेकर जाएंगे। शुरुआत में फाेकस चंडीगढ़ पर ही रहेगा। सभी पॉजिटिविटी की पावर को ना केवल समझें, बल्कि इसे अपने अंदर उतारे, अपनाएं और घर, गली, मोहल्ले में भी। इस तरह से शहर को रोल मॉडल बनाना है, ताकि बाकी जगह भी ऐसा हो।

यह स्कूल जुड़े कैंपेन के साथ

प्रमोद ने बताया कि पहले दिन शुरुआत में कई स्कूल और यूनिवर्सिटी भी इस कैंपेन से जुड़ गए हैं। उन्होंने बैनर लगाए और तस्वीरें भी साझा की। मैंने अपने घर पर भी लगाया। पहले दिन यह स्कूल जुड़े...

  • गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास
  • गवर्नमेंट गर्ल्स मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर- 18
  • दिल्ली पब्लिक स्कूल
  • केबी डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल
  • चितकारा यूनिवर्सिटी
  • सीएल अग्रवाल डीएवी मॉडल स्कूल
  • न्यू पब्लिक स्कूल
  • डीएवी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-15
  • कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, जम्मू
  • आदर्श बाल विद्यापीठ, चंडीगढ़
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