'जूझदा पंजाब' मंच का गठन:कलाकारों और बुद्धिजीवियों की पहल; राजनीतिक पार्टियों को देंगे एजेंडा, सहमत न होने वालों का करेंगे विरोध

चंडीगढ़एक महीने पहले
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पंजाब के कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जूझदा पंजाब मंच का गठन करने का ऐलान किया। मंच के एजेंडे में चुनाव में 33 प्रतिशत महिलाओं को सीटें देने का मुद्दा भी शामिल किया है।

फिल्म निर्देशक अमितोज मान ने कहा कि कांग्रेस के समय पहले भी एक आंदोलन हुआ था। एक सरकार चली गई, परंतु भाजपा आ गई। पॉलिसी वही रही। पार्टियां बदलने के साथ हालात नहीं बदलते। जूझदा पंजाब मंच का गठन किया गया है, इसमें कलाकार, बुद्धिजीवी, पत्रकार, कृषि विशेषज्ञ शामिल हैं। मंच से युवाओं ने जुड़ना शुरू कर दिया है।

गायक बब्बू मान, फिल्म निर्देशक अमितोज मान, ज्ञानी केवल सिंह, कृषि विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा, डॉ. बलविंद्र सिंह सिद्धू, रविंद्र शर्मा, अभिनेत्री गुल पनाग, पत्रकार सर्वजीत धालीवाल, दीपक शर्मा, पत्रकार हमीर सिंह, डॉ. श्याम सुंदर दीप्ति, रणजीत बावा, जस्सी बाजवा, रविंद्र कौर भट्‌टी ने उपस्थिति दर्ज कराई।

राजनीति नहीं करेगा मंच

अमितोज मान ने कहा कि हमारा उद्देश राजनीति को प्रभावित करना है। राजनीति करना नहीं है। कभी सोचा नहीं था कि पंजाबी भी खुदकशी कर सकता है। गुरुओं की धरती खाली हो रही है। यूथ विदेश की ओर भाग रहा है। पार्टियों की ओर भाग रहा है। हम उनका हिस्सा नहीं बनेंगे, नई सोच की जरूरत है। सरकारी ट्रांसपोर्ट, कॉलेज बंद हो गए। मेडिसिन नहीं मिल रहीं। 85 प्रतिशत बच्चों का दाखिला प्राइवेट स्कूल में है।

उन्होंने कहा कि जब नेताओं को घेरते हैं तो किसी के पास जवाब नहीं होता। कहते है कि हमें पता नहीं। हमारे एजेंडे से सहमत नहीं हुए थे तो उनका विरोध करेंगे। जो राजनीतिक पार्टी एजेंडे से सहमत होगी, उसकी मदद की जाएगी। यह ग्रुप राजनीति नहीं करेगा, कोई चुनाव नहीं लड़ेगा। बब्बू मान, गुल पनाग, हमीर सिंह को पद की जरूरत नहीं है। पंजाब को बचाने के लिए रास्ता क्या है, इस पर चर्चा की जा रही है।

तीन करोड़ पंजाबी ठगे जा रहे

तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह ने कहा एसजीपीसी बड़ी प्रभावशाली है। इसमें बदलाव की जरूरत है। तीन करोड़ पंजाबी ठगे जा रहे हैं। राजनीतिक पार्टियां कंगाल मानकर नीतियां बना रही हैं। मंच अपने एजेंडे में सामाजिक मुद्दों को शामिल करेगा। केवल सिंह ने कहा कि पंजाब का नौजवान सदा ही पंजाब की खिदमत करना चाहता है। किसान आंदोलन ने युवाओं को नई ताकत दी है। नौजवान कभी गलत गायकी के कारण गुमराह हो गया था।

कलाकार युवाओं के आइडल हैं

मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. श्याम सुंदर दीप्ति ने कहा कि 36 साल से मेडिकल कॉलेज में पढ़ा रहा है। युवाओं के आइडल गायक हैं। पहलवान जस्सा पट्‌टी ने कहा कि उनके जिले में कोई खेल स्टेडियम नहीं है। खेल क्षेत्र के लिए पंजाब में नौकरियां बहुत कम हैं। स्पोर्ट्स मैन खेले भी और वह पढ़ाई में भी मेरिट लें, यह संभव नहीं। पंजाब में अधिकतर गैंगस्टर की बैकग्राउंड स्पोर्ट्स रही है। उन्हें दिशा नहीं मिली तो वे गैंगस्टर बन गए।