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ग्रीनरी बचाने के लिए हो रहा काम:शहर में 9 की जगह 11 मीटर ऊंचे बिजली के खंभे लगेंगे

पंचकूला2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • खंभों की ऊंचाई कम होने के कारण हर साल करनी पड़ती है पेड़ों की कांट-छांट

शहर में ग्रीनरी को बचाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अब 11 मीटर ऊंचे खंभे लगाए जा रहे हैं। अब शहर में 8 से 9 मीटर ऊंचे खंभों पर बिजली की तारें डाली गई हैं। मनसा देवी मंदिर कैंपस में 11 मीटर खंभे लगाने का काम शुरू करवा दिया गया है।

बिजली के खंभों में ऊंचाई कम होने के कारण हर साल इसके आसपास पेड़ों की कांट-छांट करनी पड़ती है, क्योंकि टहनियां लंबी होने से तारों को छू जाती है, इससे हादसे का खतरा रहता है। कई बार टहनियां टूटकर तारों पर गिर जाती है, इससे बिजली की आपूर्ति प्रभावित होती है। मगर पूरे खंभे में 11 मीटर ऊंचे खंभे लगने के बाद इस तरह की समस्या नहीं आएगी। वहीं बिजली निगम का खर्चा भी बचेगा।

ट्रीमिंग पर हर साल लाखों रुपए खर्च होते हैं। बिजली निगम की ओर से मनसा देवी मंदिर कैंपस के मेला ग्राउंड से बिजली लाइन शिफ्ट करने के लिए काम चल रहा है। ऐसे में मंदिर परिसर की दीवार के साथ लगे पेड़ों के साथ 11-11 मीटर के बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम के मुताबिक मंदिर कैंपस में बनने वाले मल्टीलेवल पार्किंग, गुरुकुल कॉलेज, आयुष इंस्टीट्यूट सहित अन्य प्रोजेक्ट्स के तहत बनने वाले मकानों में बिजली की सप्लाई देने के लिए बिजली की लाइन को शिफ्ट किया जा रहा है।

अंडरग्राउंड वायरिंग की प्लानिंग भी चल रही है...

यूएचबीवीएन के एक्सईएन संजीव सिवाच ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत गुड़गांव में अंडरग्राउंड वायरिंग का काम कुछ हिस्से में किया गया है जो कि सफल साबित नहीं हुआ है। उस प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है। गुड़गांव में प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद बाकी जिलों में इस पर काम किए जाने की संभावना है।

मिलकर बनाएं प्लान| यूएचबीवीएन के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर टी के शर्मा ने बताया कि एचएसवीपी के डिजायन के मुताबिक सड़क के एक ओर से सीवरेज- पानी की पाइपलाइन होती है जहां पर बिजली का खंभा नहीं लग सकता है। दूसरी ओर हॉर्टिकल्चर विंग ने पेड़ लगाया हुआ है।

मजबूरन बिजली निगम को पेड़ों के बीच से बिजली की तारें ले जानी पड़ती हैं। एचएसवीपी और बिजली निगम के अधिकारियों को बैठकर मीटिंग करनी होगी और प्लान तैयार करना होगा जिसमें ग्रीनरी भी प्रभावित न हो और बिजली की लाइनें भी ले जा सके।

नई प्लानिंग से सड़क के दोनों ओर बचेंगे पेड़...

यूएचबीवीएन के चीफ इंजीनियर एके रहेजा ने बताया कि सड़क के दोनों ओर पेड़ हैं। ऐसे में बिजली की तारें तो उनके ऊपर से ही ले जाना पड़ेगा। छायादार पेड़ों की लंबाई 9 से 10 मीटर तक होती है और ऐसे में हमने अब 11 मीटर के बिजली के खंभे लगाने शुरू किए हैं ताकि पेड़ों की ट्रीमिंग की नौबत न आए। जिले में 8 से 9 मीटर के बिजली के खंभे लगे हुए हैं, इसकी जगह 11 मीटर के बिजली के खंभे लगेंगे।

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