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आधुनिक शिक्षा:जिले के 418 स्कूल के 39,288 स्टूडेंट्स आज से ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे

पंचकूला16 दिन पहलेलेखक: रविश कुमार झा
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  • टीच मीट, गूगल मीट और जूम एप के माध्यम से पढ़ाएंगे बच्चों को, 400 टीचर्स को गुरुशाला की ओर से तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई

सरकारी स्कूल के पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें पढ़ाई के लिए स्कूल में नहीं जाना पड़ेगा बल्कि घर बैठे ही वे ऑनलाइन लाइव क्लास ले सकेंगे। जिले के सभी 418 स्कूल के 39,288 बच्चों को ऑनलाइन लाइव क्लास देने की तैयारी हो चुकी है। इसके लिए 400 टीचर्स को गुरुशाला की ओर से तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई है।

सोमवार को सभी टीचर्स डेमो सेशन में भाग लेंगे और उसमें यह देखा जाएगा तीन दिन की ट्रेनिंग के बाद कितने टीचर्स सही तरीके से ऑनलाइन लाइव क्लास बच्चों को दे सकेंगे। डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर संध्या मलिक ने बताया कि ऑनलाइन लाइव क्लास के लिए सभी 418 स्कूलों के टीचर्स को तीन दिन की ट्रेनिंग दी जा चुकी है और सोमवार को उनका डेमो सेशन भी है।

मंगलवार से वे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे। डिस्ट्रिक्ट एलिमेंटरी एजुकेशन ऑफिसर निरूपमा कृष्णन ने बताया कि सोमवार को सभी टीचर्स ऑनलाइन लाइव क्लास का डेमो सेशन लेंगे और मंगलवार से जिले के सभी 418 स्कूल के करीब 39 हजार बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का काम शुरू किया जाएगा।

रिकॉर्डिंग व बच्चों की लिस्ट की पूरी रिपोर्ट देनी होगी

दो या तीन दिन के सेशन के बाद सभी टीचर्स को ऑनलाइन लाइव क्लास के सेशन की पूरी रिकॉर्डिंग और बच्चों के लिस्ट की पूरी रिपोर्ट डीईईओ को देनी होगी। रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि कितने बच्चों की कितने समय तक ऑनलाइन क्लास ली गई।

ये है तैयारी | सभी टीचर्स की ओर से बच्चों का ग्रुप बनाया जा रहा है और बच्चों से ऑनलाइन लाइव क्लास लेने के लिए समय के बारे में जानकारी ली जा रही है। कुछ बच्चे सुबह व कुछ शाम के समय ऑनलाइन लाइव क्लास लेने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। उसी हिसाब से अलग-अलग ग्रुप में लिंक भेजकर बच्चों को ऑनलाइन लाइव क्लास दी जाएगी।

जिसके फोन में व्हाट्सएप होगा उन्हें रिकॉर्डिंग भेजेंगे

शिक्षा विभाग के सर्वे में कुछ बच्चे ऐसे भी आए हैं जिनके फोन में सिर्फ व्हाट्सएप चलता है और उनके मोबाइल में गूगल मीट या अन्य दूसरा कोई लिंक नहीं चल पा रहा है। ऐसे में ऑनलाइन लाइव क्लास को रिकॉर्ड कर उन्हें व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा। ऐसे बच्चों का अलग से ग्रुप बना रहे हैं।

जिनके पास मोबाइल नहीं उनके आस-पड़ोस में फोन किया जाएगा

शिक्षा विभाग के सर्वे के बाद यह पाया गया है कि 10 से 12 प्रतिशत बच्चों के परिवार में मोबाइल नहीं है या फिर सामान्य मोबाइल है। ऐसे में जिन बच्चों के पास सामान्य मोबाइल होगा उन्हें फोन करके सिलेबस की पूरी जानकारी दी जाएगी और होमवर्क भी दिया जाएगा। जिन बच्चों के घर में मोबाइल नहीं होगा उनके आस-पड़ोस के किसी जानकार का मोबाइल नंबर लेकर उससे संपर्क करके उसके सिलेबस और होमवर्क के बारे में बताएंगे।

असिस्टेंट ब्लॉक रिसोर्स कोर्डिनेटर को 7 से 8 स्कूलों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। एबीआरसी की ओर से देखा जाएगा कि स्कूल के टीचर्स बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं या नहीं और उसकी रिपोर्ट क्लस्टर हेड को करेंगे। क्लस्टर हेड्स अपनी रिपोर्ट बनाकर डीईईओ को भेजेंगे। डीईईओ पूरे जिले की फाइनल रिपोर्ट बनाकर डायरेक्टरेट में भेंजेंगी।

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