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बर्ड फ्लू जांच:एक दिन में 55 हजार मुर्गियों की मौत, बीमारी का कारण जानने के लिए सैंपल जालंधर की लैब में भेजे

पंचकूला2 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • नॉर्थ एरिया की सबसे बड़ी पोल्ट्री बेल्ट बरवाला-रायपुररानी में मुर्गियाें के मरने का सिलसिला जारी

नॉर्थ एरिया की सबसे बड़ी पोल्ट्री बेल्ट बरवाला-रायपुररानी एरिया के पोल्ट्री फार्म एक बार फिर खस्ताहालात में पहुंचने की कगार पर हैं। क्योंकि सरकारी आंकड़ों के अनुुसार इस एरिया में अभी तक 4 लाख के करीब मुर्गियों की मौत हाे चुकी है। किस बीमारी से ये मौत हो रही है उसके लिए सैंपल जालंधर लैब में भेजा गया है। मंगलवार को भी 55 हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत हुई।

चौकाने वाली बात यह है कि अब मुर्गी के अंडों का रेट भी गिर रहा है और मुर्गी का रेट भी। बरवाला पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंगला ने बताया कि हमें अब मुर्गियों का राशन भी मंहगा पड़ रहा है। एक मुर्गी पर खर्च उसके अंडे के रेट से कुछ पैसे ज्यादा आ रहा है। लेकिन अब प्रशासन की ओर स्वस्थ मुर्गियों काे भी वैक्सीन करवाने के लिए कहा जा रहा है।

ऐसे में प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं दी जा रही। अंदर की बात यह है कि कुछ पोल्ट्री फार्म मालिकों की ओर से अपनी मुर्गियों को पिछले कुछ दिनों में हिमाचल, जम्मू कश्मीर एरिया में भी बेचा गया। यहां कई-कई गाड़ियों में मुर्गियों को भेजा गया है। जिसके चलते अब नई मुर्गियां फार्म में डाली रही हैं।

इस बारे में प्रशासन को भी जानकारी नहीं है। बरवाला एरिया में लोकल लेवल के डॉक्टरों को पहले ही इस बात की जानकारी पहुंच चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन लेवल पर इस बारे में जानकारी देरी से दी गई। जिसके चलते ये परेशानी बढ़ गई। यह मामला अब सीएम (हरियाणा) के पास पहुंच गया है। सीएमओ से मामले में जवाब मांगा गया है।

पोल्ट्री फार्म मालिकों का आरोप- प्रशासन की ओर स्वस्थ मुर्गियों काे भी वैक्सीन करवाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन उनकी कोई मदद नहीं की जा रही

डीसी ने ली अफसरों की मीटिंग...
पंचकूला के डीसी ने मंगलवार को अधिकारियों की मीटिंग ली। सरकार की ओर से हरियाणा के खासतौर पर बरवाला, रायपुररानी एरिया के पोल्ट्री फार्म मालिकों को एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि पोल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह से पकाकर खाने के लिए कहा गया है। बताया गया कि 20 से ज्यादा पोल्ट्री फार्मों में सैंपल लिए गए हैं। सरकार के अनुसार अभी तक बरवाला एरिया में करीब 4 लाख 9 हजार 970 मुर्गियों की मौत हो चुकी है। इन सभी जगह पर मुर्गियों की वेक्सीनेंशन करने के लिए टीम को भेजा जाएगा। जबकि सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर्स की टीम जांच करने पहुंची...
बरवाला-रायपुररानी एरिया में मंगलवार को दोबारा डॉक्टर्स की टीम कई पोल्ट्री फार्मों में पहुंची। यहां से जिंदा मुर्गियों के सैंपल लिए गए हैं। गढ़ी कोटाहा, जलौली गांव के पास सैंपल लिए गए हैं। जबकि कुछ सैंपल कुछ दिन पहले ही आरडीडीएल लैब जालंधर में भेजे गए थे। जिसकी अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार पंचकूला में 77 लाख 87 हजार 450 मुर्गियां हैं। जबकि 4 लाख 9 हजार 970 मुर्गियों की मौत हो चुकी है।

फैक्ट्स एंड फिगर...

  • कुछ पोल्ट्री फार्म ऐसे हैं जो रजिस्टर्ड नहीं हैं।
  • बरवाला-रायपुररानी एरिया में 180 पोल्ट्री फार्म हैं।
  • रोज 1 करोड़ 40 लाख अंडों का उत्पादन होता है।
  • अंडा दिल्ली, यूपी, हिमाचल, वेस्ट बंगाल, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा होता है सप्लाई।
  • डेढ़ करोड़ के करीब मुर्गियां हैं।
  • 20 दिन पहले 80 रुपए किलो के हिसाब से बिक रही थी मुर्गी, अब 25 रुपए।

बार-बार साबुन से हाथ धोना जरूरी

इन्फ्लूएंजा वायरस गर्मी के प्रति संवेदनशील है। भारत में खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाला सामान्य तापमान 70 डिग्री तक होने पर वायरस को मार सकता है। पोल्ट्री का उपयोग करने वाले या अंडे खाने वालों को इसे पूरे तरीके से पकाना चाहिए। इसलिए पोल्ट्री प्रोडक्ट को कच्चा न खाने की हिदायत दी गई है। पोल्ट्री मालिकों या यहां काम करने वालों को बार-बार साबुन से हाथ धोने के लिए कहा गया है।

छतबीड़ जू में वॉक इन एवियरी भी हुई बंद
हिमाचल में 1700 विदेशी बर्ड्स की फ्लू से मौत की वजह से जू प्रबंधन ने लिया फैसला

हिमाचल प्रदेश में विदेशी बर्ड्स की एन-5 एन-1 एवियन इंफ्लूएंजा से मौत की वजह से जीरकपुर स्थित छतबीड़ जू प्रशासन ने जू की वॉक इन एवियरी को बंद कर दिया है। यहां न तो कोई बर्ड एवरी के भीतर जा सकता है और न ही वहां से बर्ड बाहर आएंगे। बर्ड्स को एन-5 एन-1 एवियन इंफ्लूएंजा से बचाने के लिए ऐसा किया गया है।

जू प्रबंधन की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। टूरिस्ट्स के लिए भी एवरी को बंद कर दिया गया है। छतबीड़ प्रशासन की ओर से जू के अंदर वाॅक इन एवरी शुरू की गई। इसके तहत जू प्रबंधन की ओर से पिंजरे बनाए गए थे, ताकि पर्यटक इनमें सैर करते हुए बर्ड्स को खुले प्राकृतिक वातावरण में घूमते-फिरते देख सकें।

बर्ड्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ समय के लिए वॉक इन एवरी को बंद कर दिया गया है। बर्ड्स इनक्लॉजर को पूरी तरह बंद किया गया है।
-डॉ. एम. सुधागर फील्ड डायरेक्टर, छतबीड़ जू

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