पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कोविड़-19:कोरोना के 666 नए संक्रमित मामले मिले, 3 मरीज हार गए जिंदगी की जंग

पंचकूला5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सेक्टर-6 सिविल हॉस्पिटल के बाहर कोरोना मरीज को लेकर आई एंबुलेंस। - Dainik Bhaskar
सेक्टर-6 सिविल हॉस्पिटल के बाहर कोरोना मरीज को लेकर आई एंबुलेंस।
  • हर राेज 500 नए मामले आने के बाद हाेम आइसाेलेशन में आ रही दिक्कत, विभाग ने टीमें बढ़ाई
  • संक्रमितों के लिए 4 नए अस्पतालाें काे काेविड हॉस्पिटल बनाने की चल रही तैयारी

रविवार काे एक बार फिर काेराेना वायरस के मरीजाें ने 500 का आंकड़ा पार किया हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि एक ही दिन में एक साथ 666 मरीज काेराेना पाॅजिटिव आए हाें। इनमें पंचकूला के 368 मरीज हैं। इसमें 212 पुरुष और 156 महिला शामिल हैं। मोगीनंद निवासी 66 साल की, माणक्या निवासी 60 साल की और घाटीवाला गांव निवासी 88 साल की महिला की मौत हो गई हैं।

अभी तक जिले में 26,285 मरीज कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें पंचकूला के 19,105 मरीज हैं। अभी तक 234 हेल्थ केयर वर्कर कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। जबकि, 16,297 पाॅजिटिव मरीज ठीक हो गए हैं। पंचकूला में अब 2625 मामले एक्टिव हैं।

वहीं, अब हर राेज 400 से 500 मरीज काेराेना पाॅजिटिव आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे मरीज भी हाेते हैं, जिन्हें अस्पताल में एडमिट करने की जरूरत हाेती है। लेकिन अब हालात ऐसे हाे गए है कि अस्पतालाें में काेविड मरीजाें काे एडमिट करने के लिए बेड की व्यवस्था कम हाेने से दिक्कत भी दिखाई देने लगी है। जिसे देख कर अब पंचकूला में चार और प्राइवेट अस्पतालाें काे काेविड डेजिग्नेटिड करने के लिए काम शुरू हाे गया है।

विभाग की ओर से चार और प्राइवेट अस्पतालाें काे काेविड डेजिग्नेटिड किया जा रहा है। इसमें पंचकूला के अलावा कालका एरिया में भी एक अस्पताल काे काेविड मरीजाें काे एडमिट करने के लिए प्लानिंग की जा रही है। इन सभी चार प्राइवेट अस्पतालाें में स्वास्थ्य विभाग की और से डाॅक्टराें की टीम ने भी विजिट किया है।

अब इन अस्पतालाें में काेविड मरीजाें काे एडमिट करने के लिए अलग से बंदाेबस्त करने के लिए कहा गया है। इसके बाद जैसे ही इनकी ओर से फाइनल अप्रूवल मिल जाती है ताे विभाग की ओर से यहां पर भी काेविड मरीजाें काे एडमिट करना शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, जनरल अस्पताल में भी अब आम मरीजाें के लिए कम बेड की सुविधा है और इन बैड काे बढ़ाकर काेविड मरीजाें के लिए सुविधा करवाई जा रही है।

हिमाचल और डेराबस्सी के सहारे अस्पताल

पंचकूला में हर राेज 5 टन ऑक्सीजन की खपत हाे रही है। जनरल अस्पताल में 6 टन ऑक्सीजन का टैंक लगा हुआ है। आम दिनाें में ये टैंक एक हफ्ते के बाद भरवाया जाता था। अभी यहां पर ऑक्सीजन हिमाचल और डेराबस्सी के सहारे है। जनरल हॉस्पिटल में राेजाना हिमाचल प्रदेश के बद्दी एरिया से सप्लाई आ रही है।

पंजाब के डेराबस्सी से भी अब हर राेज 30 से 40 सिलेंडर ऑक्सीजन के भरवा रहे हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए बैकअप में 20 सिलेंडर भी रखे जा रहे हैं, जिसमें 30 हजार क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन रहती है। हर राेज 10 बडे सिलेंडर डेराबस्सी से भरवा जा रहे हैं, जिसमें एक सिलेंडर के अंदर 7 हजार लीटर किलाे ऑक्सीजन हाेती है। छाेटे सिलेंडर भी भरवाए जा रहे हैं, जिसमें 1500 लीटर ऑक्सीजन गैस हाेती है।

टैक्नीशियन अभी महाराष्ट्र में कर रहे हैं काम

जनरल अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट अभी तैयार नहीं हुआ है। दिल्ली से कंपनी की ओर से टैक्नीशियन आने है, जाे पिछले करीब एक महीने से नहीं आ रहे। अगर इस प्लांट काे शुरू कर दिया जाए ताे 4 लाख क्यूबिक मीटर के करीब ऑक्सीजन अस्पताल में ही तैयार की जा सकेगी। पिछले दाे हफ्ते से विभाग की ओर से हेड ऑफिस में बात की की जा रही है। जिसके बाद भी अभी तक दिल्ली से कंपनी के टैक्नीशियन नहीं आ पाए। वे महाराष्ट्र में काम कर रहे हैं।

मौत के बाद महिला की कोरोना रिपोर्ट आई पॉजिटिव

कालका के टिपरा में निधन के बाद एक महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है, जिसके बाद नगर परिषद के कर्मियों ने मृतक महिला का अंतिम संस्कार कालका के श्मशान घाट में किया। वहीं जिस एरिया में महिला रहती थी उस एरिया को सैनिटाइज भी किया गया।

महिला के एक परिजन ने बताया कि कालका के टिपरा में रहने वाली उनके करीबी परिजन की तबियत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थीं। वह अपना सैंपल देने अस्पताल में भी गए थे लेकिन किसी कारणवश सैंपल नहीं हो पाया था। ऐसे में रविवार रात महिला का निधन हो गया था।

3-4 दिन बाद प्लांट का अधूरा काम शुरू हाे जाएगा

सीएमओ डाॅ. जसजीत काैर ने बताया कि ऑक्सीजन जैनरेशन प्लांट के लिए हेड ऑफिस से बात की गई है। जिन टैक्नीशियन ने यहां पर कनेक्शन करने के है, वे अभी महाराष्ट्र में है। अगले तीन चार दिन बाद प्लांट का अधूरा काम शुरू हाे जाएगा। अभी तो ऐसे ऑक्सीजन की शाॅर्टेज नहीं हुई है और इसकी रेगुलर सप्लाई हाे रही है। ह

मने तीन चार प्राइवेट अस्पतालाें काे विजिट किया है, जहां पर काेराेना मरीजाें काे एडमिट किया जा सकेगा। इसके लिए जैसे ही काम पूरा हाे जाएगा ताे वहां पर काेविड मरीजाें काे एडमिट किया जा सकेगा।

खबरें और भी हैं...