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कार्रवाई की तैयारी:इंडस्ट्रियल प्लॉट्स अलॉटमेंट स्कैम के आरोपी के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी

पंचकूला16 दिन पहले
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पंचकूला में 14 इंडस्ट्रियल प्लॉट्स को गलत तरीके से अलॉट करने के मामले में प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी डागर कत्याल के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी कर दिए हैं। स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने पुलिस के इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर को अगली तारीख में खुद कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है।

मामले की सुनवाई 13 जुलाई को होगी। आरोपी काफी समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रहा है। पिछले महीने भी कोर्ट ने उसके खिलाफ नॉन बेलेबल वॉरंट जारी किए थे। उसे सेक्टर-6 पंचकूला स्थित उसके घर पर समन भेजे गए लेकिन वह उस पते पर काफी समय से नहीं रह रहा है। उसके अलावा एक अन्य आरोपी सिद्धार्थ भारद्वाज भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहा है और उसके खिलाफ भी कोर्ट ने नॉन बेलेबल वॉरंट जारी कर दिए हैं।

इस केस में इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने 3 महीने पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्‌डा समेत 22 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। ईडी की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सविता चौधरी ने बहस के दौरान कहा कि आरोपी जानबूझकर पेशी से बच रहा है।

आरोप के मुताबिक डागर को पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया में 496 स्क्वायर मीटर का प्लॉट अलॉट किया गया था। ये अलॉटमेंट गलत प्रोसेस से हुई थी। हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के अफसरों की मिलीभगत के कारण योग्य लोगों की बजाय सरकार के चहेतों को मार्केट रेट से 8 गुणा कम कीमत पर प्लॉट अलॉट कर दिए गए थे।

ये है मामला

19 दिसंबर 2015 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हरियाणा ने पंचकूला में इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की अलॉटमेंट में गड़बड़ी की जांच के बाद केस दर्ज किया था। बाद में 19 मई 2016 को सीबीआई के पास केस ट्रांसफर हो गया और सीबीआई ने हुडा के पूर्व चेयरमैन और अन्य अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया। फिर ईडी ने भी जांच शुरू की और चार्जशीट फाइल कर दी।

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