कार्रवाई:चेक नहीं किया क्लीयर, बैंक पर 15500 का जुर्माना

पंचकूला9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • फोरम ने सुनाया फैसला, सॉफ्टवेयर की खराबी की वजह से समय पर चेक नहीं हो पाया क्लीयर

कंज्यूमर ने एसबीआई बैंक में एक चेक इनकैश करने के लिए लगाया, लेकिन समय पर बैंक की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर चेक एक्सपायर हो गया। इसके बाद कंज्यूमर ने मामले की शिकायत कंज्यूमर फोरम में दी। फोरम ने एसबीआई पर जुर्माना लगाया है। सेक्टर-20 सनसिटी परिक्रमा निवासी 33 साल के डॉ. रॉबिन गुप्ता का चंडीगढ़ सेक्टर-32 जीएमसीएच के एसबीआई ब्रांच में खाता है।

18 अप्रैल 2019 को कंज्यूमर ने पंचकूला सेक्टर-20 एसबीआई ब्रांच में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 54 हजार रुपए का चेक लगाया। चेक जमा करने पर कंज्यूमर को ऑटो जेनरेटेड पर्ची भी मिली। लेकिन चेक एक्सपायर हो गया। कंज्यूमर ने बैंक अधिकारी से बात की और कहा कि चेक की वैलिडिटी 15 जनवरी 2019 से 14 अप्रैल 2019 तक तीन महीने की थी।

बैंक में भुगतान के लिए 8 अप्रैल 2019 को चेक लगाया गया था। 8 अप्रैल 2019 से 12 अप्रैल 2019 के बीच कोई छुट्टी भी नहीं थी। कंज्यूमर ने बैंक के अधिकारी से कहा कि उनकी लापरवाही की वजह से चेक एक्सपायर हुआ और उसके खाते में पैसा नहीं आया।

इसके बाद कंज्यूमर ने 25 अप्रैल को बैंक को लीगल नोटिस भेजा और मामले की शिकायत कंज्यूमर फोरम में दी। फोरम के प्रधान सतपाल, सदस्य डॉ. पवन कुमार सैनी और डॉ. सुषमा गर्ग की बेंच ने मामले में फैसला सुनाया।

19 फरवरी को कंज्यूमर ने फोरम को कहा 54 हजार मिल गए: सुनवाई के दौरान कंज्यूमर ने फोरम को 19 फरवरी 2021 को कहा कि उसने दोबारा से चेक जारी करवाकर इनकैश करवा लिया और उसके खाते में पैसे आ गए। इसके अलावा कंज्यूमर ने फोरम से 1 लाख रुपए कंपनसेशन और 25 हजार मानसिक परेशानी के लिए दिलवाने की गुजारिश की।

15,500 रुपए का जुर्माना लगाया
फोरम ने एसबीआई बैंक पर 15,500 रुपए का जुर्माना लगाया। इसमें कंज्यूमर के शारीरिक व मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार और 5500 रुपए मुकदमे की राशि के शामिल हैं। फोरम ने बैंक को कहा कि वह 30 दिन के भीतर कंज्यूमर को जुर्माने की राशि दे और ऐसा नहीं करने पर बैंक को जुर्माने की राशि का 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा।

नोटिस भेजने के बावजूद पेश नहीं हुए...

फोरम की ओर से मामले की सुनवाई में पेश होकर बैंक को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। इसके लिए 24 सितंबर 2019 को फोरम ने बैंक को रजिस्ट्री के माध्यम से नोटिस भेजकर मामले में जवाब देने के लिए कहा गया। एक महीने तक मामले में कोई जवाब नहीं मिलने पर फोरम ने उसे एक्स पार्टी कर मामले की सुनवाई जारी रखी।

खबरें और भी हैं...