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वैक्सीनेशन:ड्राइव के बीच में कोविशील्ड खत्म, 50 मिनट बाद पहुंचे कोवैक्सीन के टीके

पंचकूला24 दिन पहलेलेखक: रवीश कुमार झा
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  • दोपहर 3:50 पर शुरू फिर से शुरू हुआ वैक्सीनेशन ऑन व्हील्स
  • रात 2:30 बजे से लोग वैक्सीन लगवाने के लिए लाइन में लगे थे, लंबी लाइन से 5 रूट हुए प्रभावित
  • बैकडोर एंट्री से कई लोगों न लगवाई वैक्सीन

वैक्सीनेशन ऑन व्हील्स पार्ट 2 में 1970 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीन लगवाने के लिए पंचकूला के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल से लोग आए थे। कोविशील्ड की 1500 डोज होने की वजह से दोपहर तीन बजे टीकाकरण बंद हो गया। जिसके बाद कोवैक्सीन का टीका लाने में स्वास्थ्य विभाग को 50 मिनट का समय लगा और उसके बाद दोपहर 3:50 पर कोवैक्सीन टीका लगाना शुरू हुआ।

ड्राइव की शुरूआत में केंद्रीय राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मेयर कुलभूषण गोयल सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में चंडीगढ़ से आए विकलांगों को टीका लगाया गया। उसके बाद लोगों को टीका लगाने का काम शुरू किया गया।

वैक्सीनेशन ड्राइव सुबह 8 बजे के बजाय सुबह 9:15 बजे शुरू हुआ। दरअसल वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरूआत में चीफ गेस्ट की ओर से चंडीगढ़ से बुलाए गए विकलांगों को टीका लगवाना था। चीफ गेस्ट के सुबह 9 बजे पहुंचने के बाद वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हुआ।

सेक्टर-20 की पूजा शर्मा ने बताया कि वे वैक्सीन लगवाने के लिए काफी दिनों से कोशिश कर रही थीं लेकिन स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा था। शनिवार की रात तेज तूफान की वजह से बिजली भी नहीं थी। ऐसे में ओपन वैक्सीनेशन ड्राइव का पता लगने पर वह अपनी बेटी खुशी और कृष्णा के साथ आकर तड़के सुबह 2:30 बजे लाइन में लग गई।

सुबह 9:30 बजे उन्हें वैक्सीन लगी। वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू होते ही बैकडोर एंट्री से वैक्सीन लगवाने का काम शुरू हो गया। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाकर रसूखदारों के जानकारों ने वैक्सीन लगवाया। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी चुप बैठे रहे।

सुबह 9 बजे तक 900 गाड़ियों की लगी थी लाइन
ड्राइव के दौरान सुबह 9 बजे सबसे लंबी लाइन देखने को मिली। इस दौरान करीब 900 गाड़ियों की लंबी लाइन नाडा साहिब गुरुद्वारा तक लगी थी। सुबह 11 बजे के करीब 500 गाड़ियां लाइन में लगी थी और दोपहर 12:30 बजे लाइन में 370 गाड़ियां खड़ी थी।

3 बजे कोविशील्ड खत्म, कोवैक्सीन का पोर्टल नहीं खुला

दोपहर 3 बजे तक कोविशील्ड वैक्सीन खत्म हो गई। हालांकि कोविशील्ड वैक्सीन के लिए जिन-जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन अप्रूव्ड किया गया था उन्होंने कुछ देर तक हंगामा किया, जिसके बाद पांच गाड़ियों में आए 10 लोगों को पार्किंग में बिठाकर उन्हें कोविशील्ड टीका मंगवाकर लगाए जाने का आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से टीका लगवाने आए लोगों को बिना ऑब्जर्वेशन के ही भेजा जा रहा था। ड्राइव की शुरूआत में कुछ देर तक तो लोग 10 से 15 मिनट तक ऑब्जर्वेशन में रूके लेकिन बाद में लोगों ने टीका लगवाया और अपने घर को चलते बने।

लाइनों में लोग ऑनलाइन मंगवा रहे थे खाना

वैक्सीनेशन ड्राइव की वजह से जोमैटो व स्विगी वालों की चांदी हो गई। वैक्सीन लगाने के लिए घंटों तक गाड़ी में इंतजार करने वाले लोगों ने भूख लगने पर रास्ते में खाना ऑर्डर कर मंगवाया और खाना खाया ताकि इंजेक्शन लगने के बाद कोई परेशानी नहीं हो।

12:30 बजे अंतिम गाड़ी के पीछे पीसीआर लगाई

प्रशासनिक आदेश पर पुलिस की ओर से दोपहर 12:30 बजे आईटी पार्क के समीप लाइन में खड़ी अंतिम गाड़ी के पीछे पीसीआर लगा दी गई। उसके बाद किसी भी गाड़ी को लाइन में नहीं लगने दिया। दोपहर 12:30 बजे कुल 370 गाड़ियां लाइन में खड़ी थी।

न मौके पर डॉक्टर और न कोई नर्सिंग स्टाफ तैनात था

ड्राइव के दौरान गर्मी की वजह से वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत खराब हुई। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उनकी देखभाल के लिए रेडक्रॉस के वॉलंटियर्स को मौके पर तैनात किया था। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के न ही कोई डॉक्टर था और न ही कोई नर्सिंग स्टाफ।

नियम के मुताबिक वैक्सीन लगवाने के बाद अगर किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है तो उसे कुछ देर तक स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में रखना पड़ता है लेकिन ऐसा नहीं किया।

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