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सस्पेंशन के खिलाफ:जनरल अस्पताल की शिकायतों की गाज सीएमओ पर गिरी

पंचकूलाएक महीने पहलेलेखक: संदीप कौशिक
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  • पंचकूला के सिविल अस्पताल की सीएमओ को मंगलवार को कर दिया था सस्पेंड
  • डाॅ. जसजीत काैर की सस्पेंशन के खिलाफ आईएमए और एचसीएमएस आई आगे

मंगलवार देर रात सस्पेंड की गईं पंचकूला जिले की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर के खिलाफ मार्च में शिकायत दी गई थी कि पंचकूला के जनरल अस्पताल में वह एक मरीज को 3 घंटे तक बेड नहीं दिला पाईं, तब कोरोना पीक पर था। इसके अलावा इसी अस्पताल में साफ-सफाई, खराब टॉयलेट, तीमारदारों के साथ बदसलूकी, इलाज में लापरवाही जैसी शिकायतें भी हैं। हैरानी की बात है कि शिकायतें जनरल अस्पताल की हैं और गाज सीएमओ पर गिरी।

बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पंचकूला यूनिट डॉ. जसजीत कौर के समर्थन में खड़ी नजर आई। एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना काल में बेहतर काम करने वाले डॉक्टरों को सस्पेंड किया जा रहा है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसाेसिएशन का कहना है कि सिविल सर्जन काे सस्पेंड करने से पहले साेच विचार किया जाना चाहिए था। एसाेसिएशन इस मुद्दे पर डीजी हेल्थ से मिलेगा।

सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, लोक सर्वहितकारी सोसायटी समेत पंचकूला की कुछ एसाेसिएशंस ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज काे लिखा है कि जिस अधिकारी की बदाैलत काेराेना काल में बेहतर काम हुआ, उसे नतीजे में सस्पेंड किया गया। उन्हें बहाल किया जाना चाहिए।

ये हैं आराेप

  • जब काेराेना पीक पर था ताे जनरल अस्पताल में मरीज इलाज के लिए 3 घंटे तक भटकता रहा
  • अस्पताल में काेराेना काल में साफ सफाई की शिकायतें मिली
  • अस्पताल के टाॅयलेट खराब कंडीशन में थे
  • मरीज के तीमारदाराें के साथ दुर्व्यवहार करना
  • जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभाना
  • मरीजाें के इलाज में लापरवाही
  • दुर्व्यवहाराें की शिकायताें पर कार्रवाई नहीं करना

काेराेना काल में ये काम डॉ. जसजीत कौर के कार्यकाल में हुए

  • साल 2020 में काेराेना शुरू हाेते ही 20 दिन में माॅलीक्यूलर लैब इंस्टाॅल करवाई
  • वेंटीलेटर, बाइपेप की सुविधा के लिए आईसीयू युनिट का काम पूरा करवाया
  • राज्य में पंचकूला वैक्सीनेशन में दूसरे नंबर पर, प्रति लाख लाेगाें के मुताबिक
  • वैक्सीनेशन ऑन व्हील्स में 7 हजार से ज्यादा लाेगाें काे टीके लगे
  • 6 महीने में 60 प्रतिशत लाेगाें काे पहली डाेज लगाने का काम करवाया
  • काेराेना पीक पर था और ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का काम करवाया
  • पूरे जिले में अलग अलग एरिया के अंदर काेविड केयर सेंटर चलवाए
  • प्राइवेट अस्पतालाें पर मरीजाें के बिलाें में ओवर चार्जिंग काे लेकर एक्शन
  • सैंप्लिंग के लिए अलग अलग प्लान पर काम करवाया

विभाग की वीसी चल रही थी, सीएमओ ने मंत्री के पीए का फोन नहीं उठाया

सिविल सर्जन ऑफिस में चर्चा है कि कुछ दिन पहले एक मंत्री के पीए का फाेन सिविल सर्जन के पास आया था। उस वक्त सीएमओ स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही चल रही वीडियाे काॅफ्रेंसिंग में थीं। उनका फाेन साइलेंट था, इसलिए एक-दो रिंग के बाद भी नहीं उठा। यह एक्शन इसी का नतीजा बताया जा रहा है।

दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि अभी तक जाे अधिकारी सिविल सर्जन की फेवर करते आ रहे थे, उनकी मंत्रालय में नहीं बन पा रही थी, जिस कारण भी यह एक्शन लिया गया है। दरअसल, इसी साल दो बार सीएमओ के ट्रांसफर की फाइल चली थी, लेकिन इस अफसर ने फाइल रिव्यू के लिए मंगवाकर ट्रांसफर रुकवा दी थी। इस बार रिव्यू का मौका ही नहीं दिया, सीधे सस्पेंड कर दिया।

बेड बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी थी, सीएमओ की नहीं

जाे हमें पता चला है उसके मुताबिक एक मरीज काे बेड नहीं मिला था, जिस मामले की जांच हाे रही थी। काेराेना जब पीक पर था ताे पंचकूला में दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ के अलावा कई राज्याें के मरीज एडमिट थे। हर जगह बेड फुल थे और अस्पतालाें में बेड बढ़ाने के लिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है।

अस्पताल में बेड नहीं है ताे इसमें सिविल सर्जन की गलती कहां है, इन्फ्रास्ट्रक्चर जितना है उतना ही रहेगा। आईएमए की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें से भी इस मामले काे लेकर मिला जाएगा।
-डाॅ राजीव आर्य, प्रेजीडेंट, आईएमए पंचकूला

सस्पेंड करना हल नहीं है

अभी तक जाे पता चला है, उसमें सामने आया कि अस्पताल में साफ-सफाई और अन्य मामलाें काे लेकर एक्शन हुआ है। सीएमओ काे सस्पेंड करने के फैसले पर विचार किया जाना चाहिए। एक्शन लेने के लिए ट्रांसफर कर देते, लेकिन सस्पेंड करना हल नहीं है। इसके लिए हम सीएमओ से भी मिलेंगे और डीजी हेल्थ से भी। हम स्वास्थ्य मंत्री से भी रिक्वेस्ट करेंगे मामला सुलझाने के लिए। -डाॅ जसबीर परमार, एचसीएमएस एसोसिएशन

मुझे शिकायत नहीं

मुझे डाॅ जसजीत काैर से काेई शिकायत नहीं थी। काेराेना काल में उन्हाेंने अच्छा काम ताे किया ही है। ये फैसला स्वास्थ्य मंत्री की ओर से लिया गया है और उनके पास उनकी काेई ना काेई शिकायत जरूर हाेगी। उनके पास काेई ना काेई इनपुट जरूर हाेंगे, जिसके तहत ये फैसला लिया गया है। ज्ञान चंद गुप्ता, हरियाणा विधानसभा स्पीकर

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