काेराेना वायरस / होम आइसोलेट करने से पहले अब डाॅक्टर्स की टीम करेगी विजिट

Now a team of doctors will visit before home isolation
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Now a team of doctors will visit before home isolation

  • पंचकूला में हाेम आइसाेलेट होने वाले अब तक 49 मरीज हैं, 4 महीने में सबसे ज्यादा 133 मरीज जून में आए

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

पंचकूला. काेराेना वायरस के सैंपल पाॅजिटिव आने के बाद अब मरीज काे मेडिकल चेकअप के लिए हाेम आइसाेलेट भी किया जा रहा हैं। पंचकूला में अब तक ऐसे 49 मरीज हैं, जिन्हें हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लक्षण हाेने पर मेडिकल जांच के बाद हाेम आइसाेलेट किया जा चुका है। 
पंचकूला में अगर पिछले चार महीने की बात करें ताे सबसे ज्यादा मरीज जून में ही आए हैं। अब तक जून में 133 मरीज कन्फर्म हाे चुके हैं, जबकि मार्च में 2, अप्रैल में 16 और मई में 8 लाेग काेराेना पाॅजिटिव मिले थे। जून में आए 133 लाेगाें में से 84 मरीज पंचकूला के ही रहने वाले हैं। इसके अलावा 49 काेराेना पाॅजिटिव मरीज दूसरे राज्याें से पंचकूला आए थे, जाे यहां पर जांच के दाैरान काेराेना पाॅजिटिव पाए गए हैं।

दूसरे राज्याें से आने वाले लाेगाें काे धर्मशाला या अन्य भवन में क्वारेंटाइन किया जा रहा है। जबकि, विदेश से आने वाले लाेगाें काे पंचकूला के निजी हाेटल में ही रहने के लिए कहा जा रहा है। विदेश से आने वाले 8 लाेगाें काे पल्लवी हाेटल में रखा गया है, जबकि 10 लाेगाें काे हाेटल पार्क राॅयल, सूद भवन में 3, ऑस्कर रेजेंसी में 1, शिराज हाेटल में 5 और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में 1 व्यक्ति काे क्वारेंटाइन किया गया है। अब तक 79 काेराेना पाॅजिटिव मरीज ठीक हाेकर घर जा चुके हैं। विभाग की ओर से 1 हजार 248 लाेगाें काे हाेम क्वारेंटाइन भी किया गया है।
सेक्टर-7 निवासी 18 साल का उज्जवल की काेई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं: मंगलवार काे पंचकूला में काेराेना वायरस का एक पाॅजिटिव केस आया है। सेक्टर-7 में रहने वाले 18 साल के उज्जवल की रिपाेर्ट मंगलवार काे काेराेना पाॅजिटिव आई है। अभी तक उज्जवल ने यही बताया है कि वह पिछले कई दिनाें से बाहर नहीं गया है और 15 जून से ऑनलाइन स्टडी घर पर ही कर रहा था। उज्जवल काे पहले से ही साइनस की प्राॅब्लम है और अब पिछले करीब एक हफ्ते से उसे न ताे खाना खाते हुए काेई टेस्ट आ रहा था और न ही किसी तरह की स्मैल आ रही थी। 
एक हफ्ते से उसे गले में भी दर्द थी, जाे दाे दिन पहले ठीक हाे गया था। इसके बाद उज्जवल ने अपने सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में फ्लू काॅर्नर पर सैंपल दिए थे, जाे पाॅजिटिव पाए गए। उज्जवल के घर पर उसके मां-बाप और बड़ी बहन है, जिसमें उज्जवल ने बताया कि घर से भी काेई मेंबर बाहर नहीं गया है। अब उज्जवल काे सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में एडमिट किया गया है।
पाॅली क्लीनिक में ब्लड बैंक, लैब, स्टाफ और प्राॅपर वाॅर्ड बेहद जरूरी: हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से सेक्टर-26 की पाॅली क्लीनिक काे नाॅन काेविड डिलीवरी के लिए मेटर्नल हेल्थ हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक इसके लिए काेई खास काम नहीं हाे पाया है। अभी सिर्फ प्लानिंग तक ही इसका काम सीमित है। जबकि, प्रशासनिक अधिकारियाें की ओर से भी इस मेटर्नल हेल्थ हॉस्पिटल काे बनाने के लिए बात की जा चुकी है। वहीं, अगर प्रेक्टिकली बात की जाए ताे महिलाओं की डिलीवरी के ब्लड बैंक, सैंपल जांच के लिए लैब, एडमिशन के लिए प्रॉपर वाॅर्ड और डाॅक्टराें से लेकर पैरामेडिकल की कमी काे भी पूरा करना हाेगा।

घर पर पारिवारिक मेंबर किसी भी हाल में उससे नहीं मिल सकेगा

अगर किसी भी काेराेना पाॅजिटिव मरीज काे हाेम आइसाेलेट किया जाएगा ताे उससे पहले डाॅक्टराें की टीम मरीज के घर पर विजिट करेगी। घर पर मरीज के अकेले रहने के लिए पूरा बंदाेबस्त हाेना चाहिए। इसमें मरीज का अलग से कमरा, उस कमरे में भी काेई नहीं जाना चाहिए, इसके अलावा उसका वाॅशरूम भी अलग हाेना चाहिए, जिसे काेई दूसरा व्यक्ति इस्तेमाल नहीं करेगा।

इसके अलावा जाे भी घर पर पारिवारिक मेंबर साथ रहेगा, वह किसी भी हाल में उससे नहीं मिल सकेगा। खाने तक के लिए भी मरीज के अलग बर्तन हाेने चाहिए और मरीज काे घर पर आइसाेलेट हाेने के लिए इस बात भी पूरा ध्यान रखना पड़ेगा कि वह अपने कमरे से बाहर भी न जा सके। अगर ऐसा पाया गया ताे मरीज काे हॉस्पिटल में भी एडमिट किया जा सकता है।

  • सेक्टर-7 के जिस घर में काेराेना वायरस से ग्रस्त मरीज आया है, उसके घर के आसपास के एरिया काे कंटेनमेंट जाेन भी नहीं बनाया गया। जबकि, मामला आने के बाद ही कम से कम पुलिस के जवान एरिया में जरूर तैनान होने चाहिए। युवक की रिपाेर्ट सुबह पाॅजिटिव आई थी, लेकिन शाम तक भी लाेग उसके घर के आसपास ही घूम रहे थे। लाेगाें काे भी नहीं पता था कि एरिया में काेराेना पाॅजिटिव मामला आ चुका है। हमने पहले भी डिमांड की थी कि एरिया काे सेनेटाइज किया जाए, लेकिन पिछले दाे महीने से किसी भी तरह से सेनेटाइजेशन का काम नहीं किया गया। - तरसेम गर्ग,  प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर-7

मरीजाें की हालत देखकर ही हाेम आइसाेलेट भी किया जा रहा है..सीएमओ डाॅ. जसजीत काैर ने बताया कि मंगलवार काे एक ही मरीज काेराेना पाॅजिटिव मिला है। मरीज सेक्टर-7 का रहने वाला है और उसमें सिमटम दिखाई दिए थे ताे सैंपल करवाए गए थे। अभी पता लगाया जाना है कि उसे कहां से काेराेना वायरस का इन्फेक्शन हुआ है और साेर्स का पता लगाने के बाद उस पर काम किया जाएगा। अभी तक पंचकूला के 112 केस आ चुके हैं, जिसमें 83 मरीज ठीक हाेकर घर भी जा चुके हैं। मरीजाें की कंडीशन देखकर उन्हें हाेम आइसाेलेट भी किया जा रहा है।

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