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नियमों की अनदेखी:लाखों रुपए सैलरी लेने वाले अफसर मार्केट से इंक्रोचमेंट हटाने में फेल

पंचकूलाएक महीने पहले
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सेक्टर-16 शोरुम मार्केट में बरामदे में सजा सामान। - Dainik Bhaskar
सेक्टर-16 शोरुम मार्केट में बरामदे में सजा सामान।
  • शहर की सभी मार्केटों में बरामदों, थड़ों और पार्किंग एरिया में कब्जे ज्यों के त्यों बरकरार

हर मार्केट में बरामदों, पार्किंग एरिया, रोड साइड पर अवैध कब्जों की भरमार है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कम होने की बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता बीते साढ़े छह साल से ज्यादा के कार्यकाल में संबंधित अफसरों के साथ एक दर्जन से ज्यादा मीटिंग कर उन्हें शहर से इंक्रोचमेंट हटाने के निर्देश दे चुके हैं।

हर मीटिंग के बाद चंद दिनों के लिए सरकारी जमीन से कब्जे हटाए जाते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद ही दोबारा कब्जे हो जाते हैं। एंटी इंक्रोचमेंट टीम पर मिलीभगत और रिश्वतखोरी के भी आरोप लगते रहे हैं। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ने दो हफ्ते पहले भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला नगर निगम और पुलिस अफसरों की संयुक्त मीटिंग बुलाकर सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद दिखावे के लिए कुछ कार्रवाई की गई है। शहर की मार्केटों में बरामदों, थड़ों और पार्किंग एरिया में कब्जे ज्यों के त्यों बरकरार हैं।

शहर की मार्केटों में दुकानदारों की तरफ से बरामदों और पार्किंग एरिया में किए गए कब्जे हटाने का जिम्मा एचएसवीपी का है। एचएसवीपी में अतिक्रमण हटाने के लिए अफसरों की पूरी फौज है जिन्हें हर महीने एक लाख रुपए से लेकर पौने दो लाख रुपए तक की सैलरी दी जा रही है।

इन अफसरों को लाखों रुपए सैलरी मिलने के बावजूद इन्हें सरकारी जमीन से कब्जे हटाने की जिम्मेवारी की कोई चिंता नहीं है। निगम कर्मियों से की थी मारपीट: सरकारी जमीन पर कब्जे करने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि इन्हें किसी का डर नहीं है।

सेक्टर 7 में पंचकूला नगर निगम की मंगलवार की शाम को सरकारी जमीन से रेहड़ी-फड़ी हटाने गई टीम पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने हमला कर दिया। निगम कर्मचारियों को इस मारपीट में मामूली चोंटे लगी है। इस मामले में नगर निगम की टीम की ओर से सेक्टर-7 पुलिस चौकी में लिखित शिकायत भी दी गई है।

ये है जिम्मेदार

पंचकूला में इंक्रोचमेंट हटाने का जिम्मा चार जूनियर इंजीनियरों में बांटा हुआ है। जेई नवीन श्योरान के पास सेक्टर-9, 10, 11, 15, 16, 17, 20 और 21 हैं। जेई दर्शनलाल सैनी के पास सेक्टर-1 से 5, 12, 12ए, 14 और पिंजौर का एरिया है। जेई अमित के पास सेक्टर-5, 6, 7, 8, 19 और एमडीसी का एरिया है। जेई विनोद के पास सेक्टर-23 से 32 तक का एरिया है। इन जेई की रिपोर्टिंग एसडीओ को हैं।

एसडीओ राजेश खुराना के रिटायर होने के बाद से यह पोस्ट खाली पड़ी है। एचएसवीपी में इनके ऊपर इस्टेट अफसर और एडमिनिस्ट्रेटर हैं। एचएसवीपी के इन अफसरों की फौज शहर में इंक्रोचमेंट को हटा पाने में विफल साबित हो रही है।

एचएसवीपी की टीम शहर की मार्केटों में जाकर बीते एक हफ्ते से इंक्रोचमेंट हटा रहे हैं। एंटी इंक्रोचमेंट टीम में तैनात अफसर स्वयं मौके पर जा रहे हैं। कुछ जगह इंक्रोचमेंट हटाने के चंद मिनटों के बाद ही दाेबारा कब्जे होने की शिकायतें मिली हैं। इन लोगों पर शिकंजा कसने को ठोस रणनीति बना रहे हैं। - धर्मेंद्र सिंह, एडमिनिस्ट्रेटर, एचएसवीपी

सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस से बात की है, उन्हें सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने वालों पर एरिया एसएचओ और चौकी इंचार्ज को केस दर्ज के निर्देश देने के लिए कहा है। - ज्ञानचंद गुप्ता, विधानसभा स्पीकर

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