सरकार पर फूटा गुस्सा / श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन

श्रम कानून में आए बदलाव को लेकर कर्मचारियों ने हॉस्पिटल में किया प्रदर्शन। श्रम कानून में आए बदलाव को लेकर कर्मचारियों ने हॉस्पिटल में किया प्रदर्शन।
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श्रम कानून में आए बदलाव को लेकर कर्मचारियों ने हॉस्पिटल में किया प्रदर्शन।श्रम कानून में आए बदलाव को लेकर कर्मचारियों ने हॉस्पिटल में किया प्रदर्शन।

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

पंचकूला. पंचकूला जिला की सभी मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों, ग्रामीण चौकीदारों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों हाॅस्पिटल में कार्यरत ठेका कर्मचारी, वन विभाग मजदूर व भवन निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों ने सभी ट्रेंड यूनियनों के आह्वान पर गांव के सत्र पर की जाने वाली विरोध कार्यवाही में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
 दोनों नेताओं का कहना था कि आज पूरे देश में भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर सभी केंद्रीय ट्रेंड यूनियन ने विरोध कार्यवाही का आयोजन किया था। सीटू जिला अध्यक्ष रमा व सीटू की जिला के महासचिव लच्छी राम ने बताया कि उनका कहना था कि केंद्र की मोदी सरकार कोरोना वायरस की महामारी की आड़ लेकर देश के मजदूरों के अधिकारों पर हमले कर रही हैं। श्रम कानूनों में बदलाव किया जा रहा है। काम के घंटे बढ़ा कर 12 कर दिए। सभी प्रकार की आंदोलनात्मक गतिविधियों पर रोक लगा दी।

सीटू ने मांग कि है कि सभी परियोजनाकर्मी  जैसे आशा वर्कर्स, मिडडे मील वर्कर ग्रामीण चोकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी व सरकारी विभागों में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को तीन मास का सूखा राशन दिया जाए। मनरेगा योजना को गांव के साथ साथ शहर में भी लागू किया जाए। मनरेगा योजना में दिहाड़ी 600 रुपए की जाए। दोनों नेताओं का कहना था कि अगर सरकार समय रहते नहीं चेतती तो हम आने वाले दिनों में ओर तीखा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
नहीं मिली मिड डे मील कर्मचारियों को पिछले कई महीनों की सैलरी

सीटू जिला प्रधान रमा ने बताया कि पंचकूला में ऐसे कई कर्मचारी हैं जिनकी पिछले कुछ महीनों की सैलरी नहीं मिली है| पंचकूला जिले में काम करने वाली मिड डे मील कर्मचारियों के पिछले कई महीनों से सैलरी नहीं दी गई है| ऐसे में लॉकडाउन के कारण विभाग की ओर से इनकी चिल्ड्रन नहीं मिलने पर इन्हें दिक्कत झेलनी पड़ रही है विभाग की ओर से इनकी सैलरी जल्द से जल्द दी जाए। पंचकूला में तैनात मिड डे मील कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण जब से शहर में पाबंदी लगी है तो उसे उन्हें सैलरी नहीं मिल रही यही कारण है कि वह अपने घर के गुजर-बसर  करने में समर्थ नहीं है। इन कर्मचारियों की पिछले 3 से 4 महीनों की सैलरी नहीं मिल पाई है। अब अगर इन कर्मचारियों की जल्द से जल्द नहीं मिलती तो सीटू जिला की ओर से विभाग से भी डिमांड की जाएगी

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