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अलग से श्राइन बोर्ड बनाने के लिए मांग शुरू की:चंडीमंदिर और कालिका जी मंदिर का अलग श्राइन बोर्ड बनाए जाएं

पंचकूला2 महीने पहले
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  • अलग से श्राइन बोर्ड बनाने के लिए क्षेत्र वासियों ने मांग शुरू की

चंडीमंदिर में चंडी माता का मंदिर और कालका में सिद्ध पीठ माता कालिका जी मंदिर के लिए अलग से श्राइन बोर्ड बनाने के लिए क्षेत्र वासियों ने मांग शुरू कर दी है, अभी कालका में काली माता मंदिर भी माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अंतर्गत है। 2010 में ही कालिका जी मंदिर को भी मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अंतर्गत लाया गया था।

10 साल तक क्षेत्र में नगर निगम का दर्जा होने के कारा क्षेत्र के लोग इन 10 वर्षों में पिंजौर-कालका क्षेत्र के विकास की तुलना पंचकूला से करके अपने क्षेत्र को विकास में अति पिछड़ा कहने लगे है वहीं इन 10 वर्षों में ही काली माता जी में हुए कार्य की तुलना माता मनसा देवी मंदिर से कर रहे है।

लोगों ने 10 वर्षों में क्षेत्र के लोगो को मिलने वाली सुविधाओं के आभाव व क्षेत्र की अनदेखी के लिए निगम अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कालिका जी मंदिर में 10 वर्षों में कोई बड़ा काम न करवाने के लिए श्राइन बोर्ड पंचकूला के अधिकारियों को जिम्ममेदार ठहराया।

  • 10 साल में श्राइन बोर्ड कालिका जी मंदिर की सबसे बड़ी जरूरत वाहनों की पार्किंग ही नहीं बनवा पाया। जिसके लिए कई बार बोर्ड की बैठकों में भी बात हुई परंतु फिर भी इस पर कोई काम शुरू नही हो पाया। जबकि यह मांग बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास भी की गई फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। - अरुण शर्मा, स्थानीय निवासी।​​​​​​​
  • कालिका जी मंदिर का करोड़ों का चढ़ावा जमा है फिर भी बोर्ड मंदिर के लिए पार्किंग तक नहीं बनवा पाया, करीब एक वर्ष से ज्यादा हो गया बोर्ड द्वारा करीब दो करोड़ में भव्य स्वरूप बनाने के लिए घोषणा की थी परन्तु काम नहीं शुरू हो पाया। बोर्ड मनसा देवी मंदिर में काम करवा रहा है जबकि कालिका मंदिर की अनदेखी कर रहा है।​​​​​​​ - दविंदर कुमार, स्थानीय निवासी।
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