पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मनमानी पड़ी भारी:कंपनी ने जीएसटी के नाम पर 4.50 रुपए ज्यादा लिए अब चुकाने होंगे 20 हजार

पंचकूला23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • चीजी गार्लिक स्टिक, कोल्ड ड्रिंक किया था ऑर्डर

फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी को कंज्यूमर से जीएसटी के नाम पर 4.50 रुपए अतिरिक्त चार्ज करना महंगा पड़ गया। कंज्यूमर फोरम ने कंपनी पर 4.50 रुपए के बदले 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। दरअसल सेक्टर-2 के अभिषेक गर्ग ने 4 अगस्त 2018 को फूड डिलीवरी कंपनी के एप के माध्यम से गार्लिक स्टिक कोल्ड ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक की तीन छोटी बोतल मंगवाई थी।

कुल राशि 234 रुपए में 46.80 रुपए डिस्काउंट देने के बाद 197 रुपए कंज्यूमर से चार्ज किया गया। जिसमें कंज्यूमर से 5 प्रतिशत जीएसटी 4.50 रुपए चार्ज किया गया था। कंज्यूमर ने फूड डिलीवरी कंपनी और रेस्टोरेंट से बात कर जीएसटी का चार्ज वापस करने को कहा लेकिन किसी ने कंज्यूमर की नहीं सुनी। जिसके बाद कंज्यूमर ने मामले की शिकायत कंज्यूमर फोरम में दी। फोरम के प्रधान सतपाल, सदस्य डॉ. पवन कुमार सैनी और डॉ. सुषमा गर्ग की बेंच ने मामले में फैसला सुनाया।

क्या कहना है कंपनी का

फूड डिलीवरी कंपनी बंडल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (स्विगी के नाम से जाना जाता है) ने अपनी दलील में कहा कि कंपनी अपने एप के माध्यम से रेस्टोरेंट से कंज्यूमर को सामान बेचता है और सामान की जिम्मेदारी रेस्टोरेंट की होती है। कंपनी की सिर्फ फूड प्रोडक्ट की डिलीवरी की जिम्मेदारी होती है।

कंपनी न ही सामान बनाता है और न ही उसे बेचता है। रेस्टोरेंट की ओर से जारी बिल कंज्यूमर से कंपनी वसूलती है, जिसमें टैक्स रेस्टोरेंट की ओर से लगाया जाता है। इसमें कंपनी का कोई रोल नहीं होता। ऐसे में कंपनी ने उसके खिलाफ दी गई शिकायत को खारिज करने की गुहार लगाई।

कंज्यूमर फोरम ने अपने फैसले में फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। फोरम ने कंपनी को कंज्यू्मर से लिए गए 4.50 रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने को कहा। इसके अलावा कंज्यूमर को हुई मानसिक, शारीरिक परेशानी और मुकदमे की राशि के लिए उसे 10 हजार रुपए देने का फैसला सुनाया। इसके अलावा हरियाणा स्टेट काउंसिल फोर चाइल्ड वेलफेयर के चंडीगढ़ बैंक खाते में 10 हजार रुपए जमा करवाने को कहा।

रेस्टोरेंट की नहीं कोई गलती

कंज्यूमर फोरम ने अपने फैसले में कहा कि ला पिनोज पिज्जा की ओर से खाने का सामान और कोल्ड ड्रिंक डिलीवरी के लिए फूड डिलीवरी कंपनी को दिया गया था। कंज्यूमर की ओर से रेस्टोरेंट के फूड व बीवरेज प्रोडक्ट की क्वालिटी पर किसी भी तरह का कोई सवाल नहीं खड़ा किया गया। जिसकी वजह से रेस्टोरेंट को इस मामले से बाहर किया जाता है।

खबरें और भी हैं...