समस्या / डीएफओ पिंजौर के खिलाफ वन मंत्री हरियाणा को शिकायत

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  • सरपंचों ने ग्राम पंचायत की जमीन पर निमार्ण कार्य में वन अधिकारी के हस्तक्षेप का लगाया आरोप...

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

पिंजौर. पिंजौर ब्लॉक के सरपंच एसोसिएशन, सरपंचों ने संयुक्त रूप से लिखित पत्र द्वारा वन विभाग के उच्च अधिकारी द्वारा सड़कों के निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करने को लेकर हरियाणा के वन मंत्री कंवर पाल गुज्जर से शिकायत की है ब्लॉक पिंजौर सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष हरदेव सिंह, उपाध्यक्ष लखमीर सिंह, प्रवक्ता प्रेमचंद,्र सचिव धर्मपाल व महासचिव रंजीत सिंह द्वारा वन मंडल अधिकारी पिंजौर व मोरनी रामकुमार जांगड़ा पर लिखित में आरोप लगाते हुए कहा कि जब से उन्होंने क्षेत्र का कार्यभार संभाला है तब से ही पूरे क्षेत्र के स्थानीय लोगों को छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान कर रखा है। ग्राम पंचायत बक्शीवाला के सरपंच हरदेव, जबरोट सरपंच बबली देवी, कोटियां सरपंच निषाद, मंगनी वाला सरपंच कृष्ण कुमार सहित दर्जनों सरपंचों ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम पंचायत अपनी जमीन पर कोई भी निर्माण कार्य शुरू करते हैं तभी वन विभाग के अधिकारी आकर काम बंद करवा देते हैं और जबकि जिन गांव में विकास कार्य की सीएम हाउस द्वारा घोषणा के पश्चात सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं और एरिया में जहां पर शिवालिक पहाड़ी क्षेत्र में जनरल सेक्शन-4 का एरिया पड़ता है।

वहां पर भी मात्र पेड़ काटने की अनुमति विभाग द्वारा दी जाती है वहां पर भी डीएफओ पिंजौर राम कुमार जांगड़ा के आदेशों पर कार्य को रुकवा कर गांव के लिए हो रहे क्षेत्र में चिन्हित मार्गों में हस्तक्षेप किया जा रहा है जबकि ग्राम पंचायत की जमीन पर कार्य करने के लिए वन विभाग से परमिशन लेने जाते हैं तो उन्हें रोक दिया जाता है। कुछेक सड़कें हरियाणा सरकार ने मंजूर कर रखी हैं उन पर भी कार्य बंद करवा दिया है।
सरपंच हरदेव सिंह ने बताया कि मंगनीवाला से नंदपुर केदारपुर सड़क व गांव नोलटा से कामली परवाणू हिमाचल प्रदेश तक ऐसी बहुत ही सड़कों का कार्य बंद करवा दिए गए है और वैसे भी किसी गांव में छोटी पगडंडी की सड़क को चौड़ा कर गांव तक जाने का रास्ता बनाया जाता है उसमें भी बेवजह विभाग द्वारा हस्तक्षेप किया जा रहा है जबकि गांव के रास्ते को सुधारने के लिए वन विभाग के डीएफओ की परमिशन की आवश्यकता नहीं होती।
वन विभाग के अधिकारी डीएसओ द्वारा पिंजौर एचएमटी परिसर में बनने वाली सेब मंडी का काम बेवजह रुकवाया गया है क्योंकि वन विभाग की फॉरेस्ट्री स्कीम के तहत पेड़ लगाने व देखरेख नियम अनुसार 3 वर्ष की है जबकि पेड़ वर्ष 2014 में लगाए गए हैं और अब 2020 चल रहा है तो वन विभाग इस कार्य में हस्तक्षेप करने को लेकर सरोकार नहीं है और अब रायतन व दून के सरपंचों ने अपनी मोहरें लगाकर पूर्व विधायक लतिका शर्मा व वन मंत्री को शिकायत की है कि क्षेत्र में चल रही विकास गति को न रोका जाए और हमारी समस्या का समाधान जल्द करवाया जाए।
इस विषय मेंं वन विभाग के जी रमन आईएफएस चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट नॉर्थ सर्कल अंबाला से बात की गई तो उन्‍होंने बताया कि सरपंच एसोसिएशन की ओर से मेरे पास कोई शिकायत नहीं मिली।
उधर सरपंचों ने बताया कि उन्होनें यह शिकायत वन मंडल अधिकारी मोरनी पिंजौर के कार्यालय में मेल द्वारा भेजी है और उन्होनें संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच करवाकर अपने लिए न्याय की 
गुहार लगाई है।   

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