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लापरवाही पड़ी भारी:राॅयल इस्टेट सोसायटी में लिफ्ट गिरी, पांच लोग थे लिफ्ट के अंदर, एक को लगी चोट

जीरकपुर4 महीने पहले
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50 से ज्यादा रेजिडेंट्स ने सोसायटी मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। - Dainik Bhaskar
50 से ज्यादा रेजिडेंट्स ने सोसायटी मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी की।
  • लोग बोले- लंबे समय से लिफ्ट की मेंटेनेंस की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहीं हो रही सुनवाई

जीरकपुर की सबसे पहली सोसायटियों में से एक रॉयल इस्टेट के रेजिडेंट्स में यहां की मैनेजमेंट के प्रति काफी दिनों से इस बात को लेकर रोष है कि यहां लिफ्ट की मेंटेनेंस नहीं हो रही है और बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों की यह आशंका सच साबित हुई, जब सोमवार सुबह 9 बजे यहां 12 नंबर टावर के छठे फ्लोर पर रहने वाले दो परिवारों के चार लोग और उनका एक ड्राइवर लिफ्ट से उतर रहे थे।

अचानक दूसरे फ्लोर पर पहुंचने पर लिफ्ट कंट्रोल से बाहर हो गई और धड़ाम की आवाज के साथ वहीं रुक गई और इस झटके के साथ ही लिफ्ट के अंदर की ऊपरी छत गिरकर नीचे खड़े लोगों के सिर पर लगी। हादसे में लिफ्ट में मौजूद ड्राइवर के सिर पर गहरी चोटें आई। वह राजपुरा से यहां आया था और अपने मालिक को लेकर जाना था। इस हादसे के बाद पांचों लोग बुरी तरह से डर गए।

दरवाजा खोलकर जब बाहर आए तो वहां बाकी लोगों को भी बुला लिया, क्योंकि इस लिफ्ट समेत पूरी सोसायटी की लिफ्ट्स को लेकर लोग पिछले दो साल से शिकायत कर रहे थे। छठे फ्लोर पर रहने वाले और लिफ्ट में मौजूद 70 साल के आरके गुप्ता ने बताया कि जबर्दस्त झटके के साथ लिफ्ट नीचे टकराई।

यह हादसा जानलेवा भी हो सकता था लेकिन संयोग से हमारी जान बच गई। इसके बाद आरके गुप्ता के बेटे अतुल गुप्ता ने इसकी शिकायत मैनेजमेंट के लोगों से की तो वहां ऑफिस से सारे भाग गए। वहीं, मैनेजमेंट सोसायटी का कहना है कि यह हादसा पावर कट के कारण हुआ। लिफ्ट में अचानक खराबी नहीं आई।

दो घंटे तक लोगों ने किया हंगामा: लिफ्ट गिरने के बाद रॉयल इस्टेट के रेजिडेंट्स ने दो घंटे तक यहां की मैनेजमेंट के ऑफिस के बाहर हंगामा किया और पुलिस बुलाई। लोगों में गुस्सा इस बात का था कि वहां मैनेजमेंट का कोई व्यक्ति सुनवाई के लिए तैयार नहीं था। रेजिडेंट आरके गुप्ता के बेटे अतुल गुप्ता ने कहा कि लिफ्ट में इस तरह का हादसा होना खतरनाक होता है, क्योंकि लिफ्ट जब गिरती है तो उसमें बचने के चांसेस कम होते हैं।

यह अपने आप में बेहद गंभीर लापरवाही है। इसकी शिकायत डीसी मोहाली को दी जाएगी। जो एसोसिएशन यहां मैनेजमेंट की जिम्मेदारी उठाती है, उसका प्रधान पिछले दो महीने से बीमारी की वजह से यहां काम नहीं देख पा रहा है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।

सक्षम व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ताकि किसी भी परिवार के साथ हादसा न हो। यहां किसी की जान चली जाती तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। मेरे मां-बाप 70 साल से ऊपर के हैं, वे हादसे के बाद से घबराए हुए हैं।जीरकपुर में सोसायटियों में मेंटेनेंस को लेकर लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं।

​​​​​​​रॉयल इस्टेट के रेजिडेंट्स का कहना है कि जीरकपुर नगर परिषद को इस मामले में एक विंग बनानी चाहिए, जो पब्लिक की सुनवाई करे, क्योंकि सोसायटीज में बनी मैनेजमेंट कमेटियां समय पर कई काम नहीं करती हैं। इस वजह से लिफ्ट गिरने जैसे हादसे होते हैं।

रेजिडेंट्स ने सोसायटी में मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया

रॉयल इस्टेट में सोमवार शाम को भी लोगों ने हंगामा किया। यहां के 50 से ज्यादा रेजिडेंट्स ने सोसायटी में मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि यहां की मैनेजमेंट सोई हुई है और लोगों की जान की परवाह नहीं कर रही है।

पावर कटे के कारण पंखे का हिस्सा गिरा आज का हादसा लिफ्ट गिरने वाला नहीं है बल्कि पावर कट लगने के कारण हुआ। लिफ्ट में सेफ्टी सिस्टम के चलते ऐसा हुआ और पंखे का हिस्सा गिरा। रही बात पुरानी लिफ्ट की मेंटेनेंस की मांग को लेकर, तो हम लोग 6 महीने पहले से ही इस मैनेजमेंट की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। इस काम में थोड़ा समय लगेगा और पैसा भी लगेगा। - वी.एम. आनंद, जनरल सेक्रेटरी, मैनेजमेंट रॉयल इस्टेट

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