मरीज की मौत के बाद जांच:ओवरचार्जिंग में न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल जीरकपुर के एमडी, डायरेक्टर गिरफ्तार

जीरकपुर4 महीने पहले
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
  • डॉक्टर भाइयों ने कोविड के दौरान मरीज से ऐंठे 9 लाख

डॉक्टर में मरीज भगवान का रूप देखता है, क्योंकि वह जान बचाता है। लेकिन कोविड के दौर में भी दो डॉक्टरों ने पेशे की गरिमा का ध्यान नहीं रखा, मरीज से पैसे ऐंठते रहे, मरीज की मौत भी हो गई। जीरकपुर के न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. प्रवीण गोयल और उनके भाई डायरेक्टर डॉ. मनीष गोयल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रवीण चंडीगढ़ सेक्टर-7 और मनीष सेक्टर-26 में रहते हैं।

अदालत से पुलिस ने दोनों का रिमांड हासिल किया है। कोविड के दौरान इस हॉस्पिटल में नॉर्थ इंडिया के विभिन्न शहरों से लोग इलाज के लिए आए थे। इन्हीं में नोएडा के एक मरीज की यहां मौत हो गई थी, जबकि हॉस्पिटल ने इलाज के नाम पर मोटी रकम एंेठी थी। मरीज की मौत के बाद परिवार वालों ने हंगामा खड़ा किया तो इनकी असलियत सामने आई थी।

जांच में डॉक्टर्स की गंभीर लापरवाही आई सामने
कोविड मरीज की मौत होने और लाखों रुपए ऐंठने के मामले में डीसी मोहाली गिरीश दयालन ने हॉस्पिटल का मेडिकल रिकॉर्ड चेक करने के आदेश दिए और इसके लिए कमेटी गठित की। कमेटी ने अपनी रिपाेर्ट में बताया कि हॉस्पिटल में गंभीर खामियां हैं। हॉस्पिटल द्वारा वसूली गई रकम बहुत ज्यादा है। हॉस्पिटल के पास एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिटेशन बाेर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स) का भी सर्टिफिकेट नहीं है। यह भी बात झूठी साबित हुई जिसमें हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने कहा था कि उन्होंने मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं बरती। पूरे हॉस्पिटल के मैनेजमेंट सिस्टम में गंभीर खामियां पाई गई।

पुलिस जांच में यह आया सामने मामले में एसएसपी मोहाली ने पुलिस अफसरों को इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच करने के आदेश दिए। पुलिस ने हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर पर 18 मई को केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि हॉस्पिटल ने भयानक बीमारी में गलत फायदा उठाते हुए एक कमरे का 50 हजार रुपए तक वसूला। हॉस्पिटल का स्टाफ भी इस दौरान मरीजों की केयर करने में लापरवाह रहा। हॉस्पिटल से छुट्‌टी के बाद भी मरीजों को उनके बिल और रसीद नहीं दी गई। मनमर्जी के रेट वसूलने के लिए हॉस्पिटल काम करता रहा।

समय पर मरीजों को दवाइयां और खाना भी नहीं दिया गया। एसपी रूरल डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जांच में डॉक्टर्स की गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में सामने आया कि स्टाफ ने कोविड मरीज की सोने की चेन भी गायब की। इस कार्रवाई के बाद मृतक के परिवार ने कहा कि कानून ने अपना काम किया है। इस तरह की कार्रवाई से बाकी हॉस्पिटल्स को भी सबक मिलेगा।

यह था मामला...
नोएडा के परमजीत सिंह कोविड संक्रमण के कारण निमोनिया से पीड़ित थे। उन्हें 26 अप्रैल को न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। 14 मई को परमजीत की मौत हो गई। उनकी पत्नी अनुदीप ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि नोएडा के किसी हॉस्पिटल में बेड न मिलने पर पति को यहां भर्ती कराया था। हॉस्पिटल ने 9 लाख रुपए लिए और सभी दवाइयां भी बाहर से मंगवाई। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने इलाज के नाम पर सिर्फ रुपए ऐंठे। अनुदीप ने आरोप लगाया कि पति के चेहरे पर खून के निशान थे। डॉक्टर्स ने शुरू से लापरवाही बरती। बकाया बिल वसूलने के लिए शव देने से भी इनकार कर दिया था।

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