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क्रियानवन में देरी:वॉटर सप्लाई एवं सीवरेज विभाग ने 5 करोड़ लेकर भी एसटीपी का काम शुरू नहीं किया

जीरकपुर8 महीने पहले
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  • 27 करोड़ से बनना है जीरकपुर में एक नया एसटीपी, इसके बनने के बाद सीवरेज सिस्टम सुधरेगा

एक ओर पूरे शहर में सीवरेज सिस्टम दिनोंदिन ठप हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज विभाग यहां नया एसटीपी लगाने में देरी कर रहा है। फंड न हो तो काम शुरू न होने की बात कही जा रही है। ऐसे हालात तब हैं जब जीरकपुर एमसी इस काम के लिए विभाग को एडवांस में 5 करोड़ भी दे चुका है। इसके बाद भी काम नहीं हो रहा है। यहां एक नया एसटीपी गाजीपुर एरिया में बनना है। इस प्रोजेक्ट को पास किए कई महीने हो गए।

इस एसटीपी की क्षमता भी सिंगपुरा में बने एसटीपी के बराबर होगी। इसमें 17 मिलियन लीटर सीवरेज रोजाना डिस्चार्ज किया जा सकेगा। इससे बलटाना, ढकौली और पीरमुछल्ला की आबादी को कवर करेगा। जिस जगह यह एसटीपी बन रहा है, उसके नजदीक ही सुखना नाला है। इस एरिया से अप-स्ट्रीम कॉलोनियों के लिए यह बनाया जा रहा है। डाउन स्ट्रीम के लिए सिंगपुरा का एसटीपी रहेगा।

जीरकपुर शहर के आधे हिस्से की आबादी के लिए बनने वाले नए एसटीपी के लिए 27 करोड़ की राशि मंजूर किए कई महीने हो गए। जीरकपुर एमसी ने इस काम को शुरू करने के लिए पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज विभाग को 5 करोड़ रुपए दे चुका है लेकिन अब तक काम शुरू नहीं किया है। दूसरी ओर, पूरे शहर की सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो हो गई हैं। नए एसटीपी को लगाने के लिए विधायक एनके शर्मा ने सीवरेज विभाग के अधिकारियांे से पूछा कि न तो पूरे पंजाब में कहीं एसटीपी लगाने का काम हो रहा है ताकि हम यह समझंे कि आपकी टीम वहां लगी है और जीरकपुर में काम करने के लिए अभी समय नहीं है। कहीं भी काम नहीं हो रहा है तो जीरकपुर का ही काम शुरू किया जाना चाहिए।

{गाजीपुर में लगना है एसटीपी: यह एसटीपी गाजीपुर गांव के पास एमसी की तीन एकड़ जमीन पर बनना है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने के बाद आधे से ज्यादा शहर को इसका फायदा होगा। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी कि सिंगपुरा का एसटीपी छोटा पड़ रहा है। बरसात के दिनों में इसमें ज्यादा पानी पहुंचता है। कई कॉलोनियांे का सीवरेज इसलिए सीधे नालों में छोड़ना पड़ता है। दो साल से सिंगपुरा का एसटीपी ओवरफ्लो हो रहा था। इस कारण बिना ट्रीट किए ही सीवर नालों में डालना पड़ रहा है। इससे जीरकपुर प्रदूषित शहरों में से एक बन गया है। जीरकपुर शहर के लिए सिंगपुरा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जब बनाया गया था, उस समय उसमें 7 मिलियन लीटर सीवरेज रोजाना डिस्चार्ज होता था। 10 अक्टूबर 2013 को शुरू हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 17 एमएलडी है। इस समय इस एसटीपी में रोजाना करीब 17 एमएलडी सीवरेज डिस्चार्ज किया जाता है। यह ओवरफ्लो हो चुका है। बरसात के दिनों में इसमें 25 एमएलडी तक सीवरेज पहुंचता है। तब यह ओवरफ्लो से भी आगे पहुंच जाता है। एसटीपी में काम करने वालों को उस समय कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।

पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज विभाग के अधिकारी ने बताया कि बलटाना का एरिया सिंगपुरा से 38 फुट की ऊंचाई पर है। बलटाना, पीरमुछल्ला भी गाजीपुर से 7 फीट की ऊंचाई पर है। इन दोनों ही जगहों से गाजीपुर में सीवरेज की मेन लाइन रही है। यहां नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम सही निर्णय है।

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