मरीजों को अब राहत:प्रबंधन ने की रामानुज क्लब में दो डेंटल चेयर के साथ एक्स-रे सुविधा की शुरुआत

अंबिकापुर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दंत विभाग में एक मरीज के दांतों का इलाज करते डाक्टर। - Dainik Bhaskar
दंत विभाग में एक मरीज के दांतों का इलाज करते डाक्टर।

मेडिकल काॅलेज अस्पताल (एमसीएच) के दंत विभाग में प्रबंधन ने सुविधाएं बढ़ा दी। विभाग को रामानुज क्लब में शिफ्ट कर दांतों के इलाज के लिए सभी उपकरण उपलब्ध करा दिए गए। अब यहां दो डेंटल चेयर के अलावा एक्स रे की सुविधा हो सकेगी। इससे केविटी वाले मरीजों का भी बेहतर इलाज हो सकेगा।

वर्तमान परिवेश में दांतों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। दांतों की सड़न के केस बढ़ गए हैं। संसाधन बढ़ने से अब दंत विभाग में आरसीटी, फिलिंग, आदि की सुविधाएं भी शुरू हो गए हैं। शनिवार को ही यहां सात मरीजों का फीलिंग व आरसीटी के संबंधित इलाज किया गया। यहां बता दें कि भास्कर ने शुक्रवार के अंक में इस समस्या को उजागर किया था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई। उम्मीद की जा रही है इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।

केविटी के हर रोज औसत 10 मरीज आते हैं सामने
मेडिकल काॅलेज अस्पताल के दंत विभाग की ओपीडी में हर रोज औसत 40 मरीज आते हैं। इनमें 10 मरीज केविटी वाले होते हैं। शनिवार को ही ओपीडी में 42 मरीज आए थे जिनमें से सात मरीज को फीलिंग व आरसीटी करने की जरूरत पड़ी।

जड़ी बूटी से इलाज दांतों की बीमारी की बन रही बड़ी वजह
मेडिकल काॅलेज अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. अभिषेक कुमार बताते हैं कि दांतों की बीमारी के लिए साफ-सफाई में कमी के अलावा सरगुजा जिले में जड़ी-बूटी व तंबाकू एक बड़ी वजह है। ग्रामीण इलाके में दांत से संबंधित तकलीफ होने पर लोग जड़ी बूटी का लेप लगा लेते हैं। इससे बीमारी ठीक होने के बजाय और गंभीर हो जाती है। इसके अलावा तंबाकू भी एक बड़ी वजह है।

मरीजों को हर सुविधा उपलब्ध कराने की रहती है कोशिश
कोरोनाकाल में दंत विभाग को दूसरे भवन में शिफ्ट करने से ऐसी स्थिति बनी थी। विभाग को रामानुज क्लब वाले भवन में शिफ्ट कर उन्हें सभी उपकरण उपलब्ध करा दिया गया ताकि मरीज को दांत के इलाज से संबंधित सभी सुविधाएं मिले। विभाग को जरूरत के हिसाब से और भी उपकरण दिया जाएगा।

खबरें और भी हैं...