साधना से मिली सफलता:सीजी बोर्ड 12वीं के टॉपटेन में उमा, साइकिल से रोज चार किमी जाती थी पढ़ने, बनना चाहती है कम्प्यूटर इंजीनियर

अंबिकापुर10 दिन पहले
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पिता के साथ तेंदूपत्ता तोड़ती जिले की टॉपर बबीता। - Dainik Bhaskar
पिता के साथ तेंदूपत्ता तोड़ती जिले की टॉपर बबीता।

सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले की बेटी उमा सोनी ने बारहवीं की परीक्षा में टॉप टेन में स्थान बनाकर जिले को गौरवान्वित किया है। उमा टॉप टेन में दसवें नम्बर पर है। वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम रजखेता निवासी उमा सरकारी स्कूल की छात्रा हैं और पढ़ाई के लिए हर रोज चार किमी साइकिल चलाकर स्कूल जाती थी। वह कम्प्यूटर इंजीनियर बनना चाहती है।

इसी तरह से कई और बेटियां हैं जिन्होंने चुनौतियों को हराया है। सरगुजा जिले में बारहवीं में टॉप करने वाली बबिता सिंह इन दिनों माता-पिता के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने का काम कर रही है ताकि परिवार का सहारा बनने के साथ पढ़ाई के लिए परिवार पर बोझ न बढ़े। बारहवीं का जब रिजल्ट आया तो वह जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी, जहां शिक्षकों ने उसे फोन कर टॉप में आने की जानकारी दी। बबिता के पिता मजदूरी करते हैं और खुद स्कूल का मुंह तक नहीं देखा। इसी तरह बाकी टॉपरों में भी सबकी अपनी कहानी है।

बेहतर शिक्षा देने पिता ने मजदूरी की तो किसी ने पैतृक घर छोड़ा

समीर बना 10वीं का टॉपर
मठ पारा निवासी आत्मानंद स्कूल का छात्र समीर कुमार सिंह ने सरगुजा जिले में 10वीं में टॉप किया है। समीर को 94% अंक मिले हैं। समीर पिछले साल ही आत्मानंद में पढ़ रहे हैं। समीर के पिता चंद्रदेव सिंह पीएचई विभाग में टेक्नीशियन हैं। समीर इंजीनियर बनना चाहता है। पिता ने बताया कि समीर पढ़ाई के प्रति समर्पित है और कभी उसे पढ़ने के लिए नहीं कहना पड़ा। छह से सात घंटे वह रोज पढ़ाई करता था।

बेटी जिले की टॉपर,पिता ने स्कूल का मुंह तक नहीं देखा
अंबिकापुर सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ रही बबिता सिंह ने 12वीं में 94% अंक लाकर जिले में टॉप किया, उनके पिता बाबूनाथ की छोटी खेती है। पिता बताते हैं कि वे तो स्कूल का मुंह तक नहीं देखे हैं, खेती कम होने से मजदूरी भी करने जाते हैं, तो बेटी को स्कूल में शुल्क देने पैसे नहीं होते थे तो मजदूरी भी करते थे। अंबिकापुर में चचेरे भाई के साथ रहकर पढ़ाई कर रही है और शिक्षक बनना चाहती है।

पिता ठेले में बेचते हैं चना बेटी ने जिले में किया टॉप
सूरजपुर जिले के शिवनन्दनपुर स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल की छात्रा नेहा साहू ने जिले में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 91.20 % लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। नेहा के पिता ठेला में मूंगफली और चना बेचकर नेहा को पढ़ा रहे हैं और नेहा आगे डॉक्टर बनना चाहती है। वहीं माता हाऊस वाइफ हैं। नेहा ने क्लास 10वीं में भी 94% अंक प्राप्त किया था।

बेटी को पढ़ाने बीहड़ इलाके से बाहर निकले उमा के पिता
बलरामपुर जिले में 12वीं में स्टेट में टॉप टेन में स्थान बनाने वाली उमा सोनी के पिता सरकारी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं और बेटी को अच्छी शिक्षा देने बीहड़ गांव मानपुर से आकर वाड्रफनगर के रजखेता में रह रहे हैं। उमा वहां से साइकल वाड्रफनगर स्कूल जाकर पढ़ाई करती है। 10वीं में भी 96 % प्राप्त किया था, वहीं 12वीं में 94.20% प्राप्त किया है।

असद डिग्री के साथ करना चाहता है यूपीएससी की तैयारी
सूरजपुर जिले के जरही निवासी असद इकबाल ने भी 12वीं परीक्षा में 91.20 प्रतिशत लाकर जिले में टॉप किया। उनके पिता इलेक्ट्रिशियन हैं। उनका खुद का किराए से दुकान चलाते हैं, साइंस सब्जेक्ट से पढ़ाई कर रहा असद अब ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी करना चाहता है।

10वीं में श्रीराम टॉप टेन में 10वें स्थान पर
बलरामपुर जिले के कुर्लाडीह निवासी श्रीराम गुप्ता ने घर से 5 किमी दूर डुमरपान गांव स्थित हाईस्कूल में पढ़ाई कर 96.86 % पाकर स्टेट की मेरिट लिस्ट में 10 वां स्थान बनाया। वह डॅाक्टर बनना चाहते हैं और उनके पिता किराना व्यापारी हैं। अब आगे की पढ़ाई के लिए पास में कोई स्कूल नहीं है ऐसे में अब किस स्कूल में पढ़े इसे लेकर चिंतित हैं। श्रीराम ने बताया कि स्कूल बंद होने पर वे मुहल्ला क्लास में जाते थे।

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