अच्छी पहल:पुलिस ने 30 परिवारों को टूटने से बचाया

बलौदाबाजार10 दिन पहले
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पुलिस का परिवार परामर्श केंद्र पारिवारिक अनबन और तलाक के मामलों में पुलिसिया कार्रवाई के बजाय समझा-बुझाकर परिवारों को टूटने से बचा रहा है। शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र ने ग्राम कुकुरदी निवासी रजनी भारती व राजेंद्र भारती तथा ग्राम सुहेला निवासी हेमलता डहरिया व भूषण डहरिया के बीच समझौता कराकर दो परिवारों को टूटने से बचा लिया।

पुलिस की समझाइश का ही असर है कि पति-पत्नी अपने मनमुटाव भुलाकर आपसी रजामंदी परिवार में वापस लौटकर नया जीवन शुरू कर रहे हैं। यह परामर्श केंद्र द्वारा जिले में इसी साल आए 77 मामलों में से 30 मामलों में टूटते परिवारों को पुनः बसाया जा चुका है।

पुलिस परामर्श केन्द्र के प्रभारी लक्ष्मी चौहान ने बताया कि बलौदाबाजार की सिटी कोतवाली के पास स्थित केंद्र में परिवारों की पेशी लगती है। इसमें दो या तीन ऐसे परिवारों को शामिल किया जाता है जो विघटन की राह पर हैं। हमारे काउंसलरों डॉ. निशा झा, अधिवक्ता नंदनी वर्मा, इंद्रनील पाध्ये, मंजू तिवारी की टीम दोनों पक्षों को समझाकर एक होने के लिए राजी करती हैं। दोनों पक्षों से शपथ पत्र लिया जाता है और इस तरह एक टूटता परिवार फिर जुड़ जाता है।

लगातार सुखद परिणाम सामने आ रहे : झा

एसएसपी दीपक झा ने बताया कि परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पारिवारिक कलह से टूटते रिश्ते को बचाने का हरसंभव एवं सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इसके अत्यंत सुखद परिणाम भी निरंतर सामने आ रहे हैं। किसी एक परिवार के बिखराव से कई जिंदगियां प्रभावित होती हैं।

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