'कर्मचारियों को 5500 करोड़ रु के लाभ से दूर रखा':पूर्व मंत्री केदार बोले-बगैर वेतन कर्मियों की कैसे मनेगी दिवाली,DA का लाभ भी नहीं दिया

जगदलपुर3 महीने पहले
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भाजपा के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने छ्त्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने कहा कि, दिवाली का पर्व आ गया है और राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी है, वे मायूस हैं। उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार को अपने अफसरों की चिंता नहीं है। आखिर बिना वेतन के अपनी दिवाली कैसे मनाएं?

दरअसल, शनिवार देर शाम को केदार कश्यप ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि, देश के सबसे बड़े त्योहार दिवाली के लिए सभी तरफ उत्साह का माहौल है। लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अभी तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। त्योहार के समय वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवार पर आर्थिक संकट आ पड़ा है।

तीन साल का महंगाई भत्ता रोका

लेकिन इससे अब राज्य सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा कि, सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों का वेतन उनके खाते में डाल दें, ताकि सभी लोग खुशी-खुशी दिवाली का त्योहार मना सकें। केदार ने कहा है कि, सरकार ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को लगभग 5500 करोड़ रुपए के लाभ से वंचित किया है। सालों से कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तरफ से घोषित महंगाई भत्ता नहीं दिया गया।

कर्मचारियों के आंदोलन के बाद जब महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ा कर दिया गया तो इससे पूर्व के तीन साल का महंगाई भत्ता से उन्हें वंचित कर दिया। भाजपा की सरकार में इस राशि को GPF में जमा कर दिया जाता था। जो कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को एक बढ़ी राशि के रूप में काम आता था। इसी प्रकार आवास, भाड़ा भत्ता सातवें वेतनमान अनुसार मिलना चाहिए।

जल्द वेतन भुगतान के लिए कर्मचारी संगठन ने CM को लिखा था पत्र

दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन भुगतान करने के लिए छत्तीसगढ़ के कर्मचारी संगठन ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिखा था। संगठन ने अक्टूबर माह का वेतन दिवाली से पहले 20 अक्टूबर तक भुगतान करने का अनुरोध किया था। उनके मुताबिक अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में दिवाली होने के कारण उन्हें ज्यादा खर्च उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सीएम से कहा था कि पहले की तरह उन्हें इस माह की सैलरी त्योहार से पहले मिल जाती है तो कुछ राहत मिल सकेगी।

इससे पहले भी पूर्व मंत्री साध चुके हैं निशाना

छ्त्तीसगढ़ में साल 2023 में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। दोनों पार्टी के नेता लगातार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इधर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर के सारे कांग्रेस विधायकों को भ्रष्ट बताया है। इनके बयानों का पलटवार करते हुए जगदलपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव शर्मा ने केदार कश्यप को मानसिक संतुलन खोना कह दिया है।

बस्तर के सारे कांग्रेस विधायक भ्रष्ट- केदार

दरअसल, भाजपा के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस के सारे विधायकों को भ्रष्ट बताया। उन्होंने कहा कि, सरकार अपने सारे विधायकों को किस मापदंड पर देखना चाहती है, यह समझ से परे है। बस्तर के उनके सारे विधायक भ्रष्ट हैं। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से कहा है कि, उनके सारे विधायक झगड़ा करते हैं, गालियां देते हैं, भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।

मानसिक संतुलन खो चुके हैं भाजपा नेता- राजीव शर्मा

इधर, केदार के इस बयान के बाद बस्तर में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के जगदलपुर जिला अध्यक्ष राजीव शर्मा ने केदार के इन बयानों का पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, केदार कश्यप अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। 15 सालों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। वे खुद मंत्री रहे हैं। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार कितना हुआ है यह हर कोई जानता है।

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