नक्सली दहशत ने थामे पैसेंजर ट्रेनों के पहिये:विशाखापट्नम से किरंदुल नहीं आएंगी ट्रेनें; 12 मई तक नक्सली मना रहे काल मार्क्स की जयंती

जगदलपुर3 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में माओवादी दशहत की वजह से एक बार फिर यात्री ट्रेनों के पहिए थम गए हैं। किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर जगदलपुर से किरंदुल के बीच अब 12 मई तक तक पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलेंगी। विशाखापट्टनम से निकली ट्रेनों का जगदलपुर ही अंतिम स्टॉपेज होगा और यहीं से लौटेंगी। दरअसल, बस्तर में माओवादी 11 मई तक काल मार्क्स की जयंती मना रहे हैं। वहीं 12 मई को नक्सली दमन विरोधी सप्ताह मनाएंगे। इसी वजह से यात्री ट्रेनों को बंद करने का रेलवे ने निर्णय लिया है।

किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर साल 2022 में अब तक लगभग 35 दिन यात्री ट्रेनें बंद रही है। 28 अप्रैल से 6 मई तक ब्रिज के मेंटेनेंस और बाकी दिन नक्सली बंद की वजह से ट्रेनों का परिचालन नहीं हो सका है। हालांकि, किरंदुल से विशाखापट्टनम के बीच मालगाड़ियों की आवाजाही बरकरार रही है। 6 मई तक मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद 7 मई से ट्रेनों की आवाजाही शुरू की जानी थी। लेकिन, नक्सलियों के बंद के ऐलान के बाद रेलवे ने 12 मई तक बंद का निर्णय लिया है। रेलवे के सीनियर एसएमआर एमआर नायक ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैसेंजर ट्रेनों को जगदलपुर में ही रोके जाने का निर्णय लिया गया है।

दंतेवाड़ा-किरंदुल के बीच डेंजर जोन
रेलवे ने किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर दंतेवाड़ा-किरंदुल के बीच की दूरी को डेंजर जोन माना है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि, पिछले कुछ सालों में इसी मार्ग पर नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक को उखाड़ कई दफा ट्रेनों को डिरेल किया है। जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इसी वजह से जब भी माओवादी बंद का ऐलान करते हैं तो इस रुट पर चलने वाली दोनों ट्रेनों का परिचालन रोक दिया जाता है। दंतेवाड़ा-किरंदुल के बीच की दूरी को रेलवे के अफसरों ने डेंजर जोन माना है।

इन दिनों में बंद रही ट्रेनें

  • जिसमें जनवरी महीने में 7 दिन और फरवरी में सिर्फ एक दिन ट्रेन नहीं चली है।
  • नक्सली बंद की वजह से 10 मार्च से 15 मार्च के बीच ट्रेनों का परिचालन बंद रहा। वहीं इसी महीने 23 मार्च से 29 मार्च तक नक्सलियों के साम्राज्यवाद विरोधी सप्ताह के तहत किरंदुल तक ट्रेनें नहीं पहुंची।
  • 25 अप्रैल को माओवादियों ने दंडकारण्य बंद का आह्वान किया था। जिसके चलते 23 अप्रैल से 26 अप्रैल तक यात्री ट्रेनें नहीं चली।
  • 28 अप्रैल से 6 मई के बीच ब्रिज के मेंटेंसन कार्य को लेकर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया।