बस्तर में डेंगू से छात्र की मौत:अब तक 38 मरीजों की हुई पुष्टि, 5 सालों में प्रकोप सबसे ज्यादा

जगदलपुर3 महीने पहले
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अफसर खुद शहर के वार्डों में जाकर स्थित का जायजा ले रहे हैं। - Dainik Bhaskar
अफसर खुद शहर के वार्डों में जाकर स्थित का जायजा ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में डेंगू का कहर लगातार जारी है। जिले में पिछले कुछ महीनों से लेकर अब तक डेंगू के कुल 38 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। हालांकि, इनमें से कई ठीक भी हुए हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में डेंगू की बीमारी का इलाज करवाते 14 साल के एक छात्र ने भी दम तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि, डेंगू से इस साल की यह पहली मौत है। यदि आंकड़ों की मानें तो पिछले 5 सालों की तुलना में बस्तर जिले में डेंगू का प्रकोप इस साल ज्यादा देखने को मिल रहा है।

जगदलपुर शहर के कुल 30 वार्डों में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। मंगलवार को एक ही दिन में 13 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। शहर के सरकारी लैब में सैंपल जांच में कुल 8 और प्राइवेट लैब में कुल 5 लोगों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद से प्रशासन की टीम भी हरकत में आ गई है। अफसर खुद शहर के वार्डों में जाकर स्थित का जायजा ले रहें हैं। वार्ड में फॉगिंग मशीन से दवा का छिड़काव करवाया जा रहा है।

इधर अफसर सिर्फ बैठकों में व्यस्त
जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त दिनेश कुमार नाग ने डेंगू के रोकथाम और बचाव के उद्देश्य से संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यक बैठक ली। बैठक में डेंगू के रोकथाम और बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के अधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, युवोदय के स्वयंसेवक और युवा मितान सदस्य उपस्थित थे।

आयुक्त दिनेश कुमार नाग ने बताया कि, शहर के 48 वार्डों के लिए डेंगू के रोकथाम और बचाव के लिए संयुक्त टीम का गठन किया है। यह टीम शहर के हर वार्ड में घर-घर जाकर सर्वे कर डेंगू के रोकथाम और बचाव के उपाय लोगों को बताएगी। साथ ही स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर की टीम को शहर के शासकीय और निजी विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं और युवा मितान सदस्य, युवोदय के स्वयं सेवकों को डेंगू के रोकथाम और बचाव के बारे में जानकारी देने निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने किया दल का गठन
बस्तर जिले में डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए कलेक्टर चंदन कुमार ने पर्यवेक्षण एवं उचित कार्यवाही के लिए दल का गठन किया है। जिसमें नगर निगम आयुक्त दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके चतुर्वेदी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एसएस टेकाम को नोडल अधिकारी बनाया है। इस दल में नगर निगम और नगर पालिका और स्वास्थ विभाग के अन्य कर्मचारी भी शामिल होंगे।

मेकाज में है यह व्यवस्था
डिमरापाल में स्थित बस्तर के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज (मेकाज) में एलाइजा के जरिए डेंगू की जांच हो रही है। वर्तमान में यहां हर 5 घंटे में 90 सैंपल की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर यहां 24 घंटे में 400 से 500 सैंपल की जांच की जा सकती है। यदि एलाइजा की संख्या बढ़ा दी जाए तो मेडिकल कॉलेज में जांच की संख्या हजार के करीब भी पहुंच सकती है। इसके अलावा मेकाज में ब्लड कंपोजिट मशीन की शुरुआत की गई है। इससे ब्लड से प्लेटलेट अलग करने का काम किया जाता है। यह सुविधा इससे पहले किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में नहीं थी। फिलहाल मुफ्त में यह सेवा फ़ी जा रही है। बाजार में इसकी कीमत 2 से 4 हजार तक होती है।

नगर निगम करवा रहा दवा का छिड़काव
जगदलपुर शहर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीजों को देखते हुए नगर निगम भी अब अलर्ट मोड पर आ गया है। नगर निगम के अधिकारी स्वास्थ विभाग के साथ मिलकर शहर के हर वार्ड की नालियों में दवा का छिड़काव करवा रहे हैं। खास कर ऐसे स्थानों जहां पानी का जमाव होता है, उसे साफ किया जा रहा है। गाड़ियों के खाली पड़े टायर, नाली, कूलर, समेत ऐसे स्थान जहां पानी एकत्रित होता है। उन्हें साफ किया जा रहा है। साथ ही लोगों को भी सफाई करने जागरूक किया जा रहा है।

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