तीन दिवसीय अखंड महामंत्र कीर्तन महायज्ञ शुरु:लक्ष्मीनारायण मंदिर में 1 हजार कमल फूल से हुई पूजा

जगदलपुर5 महीने पहले
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लक्ष्मीनारायण मंदिर में कीर्तन करते मंडली के सदस्य - Dainik Bhaskar
लक्ष्मीनारायण मंदिर में कीर्तन करते मंडली के सदस्य

शहर के लक्ष्मीनारायण मंदिर में रविवार से तीन दिवसीय अखंड महामंत्र कीर्तन महायज्ञ शुरु हो गया। इंद्रावती नदी के किनारे इस मंदिर में होने वाले इस कार्यक्रम में दूसरे दिन पूरा मंदिर परिसर हरे रामा, हरे कृष्णा का जाप किया गया। सुबह से शाम तक चले कीर्तन में बड़ी संख्या में शहरवासी और ग्रामीण शामिल हुए।

महायज्ञ के दौरान हवन और अन्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान कृष्ण और देवी देवताओं की पूजा भी की। मंदिर के पुजारी किशोर तिवारी ने बताया कि दूसरे दिन होने वाले विधान को पूरा करने के लिए कीर्तन मंडली और श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचने लगे थे। उन्होंने बताया कि सोमवार को मंदिर परिसर में यज्ञ मंडप की स्थापना के साथ अखंड महामंत्र का भी जाप किया गया। हर विधान को सालों से चले आ रहे नियमों के अनुसार पूरा किया गया।

8 भजन मंडली पहुंची लक्ष्मीनारायण मंदिर
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस्तर जिले के 8 कीर्तन मंडली यहां पर पहुंची है। सभी बारी- बारी से कीर्तन कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नारायण सेवा समिति के माध्यम से होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जो कीर्तन मंडली यहां पर पहुंची है उसमें केशापुर, चिंगपाल, कुटुंबसर, चिलकुटी, खमारगांव, नगरनार और चोकावाड़ा शामिल है।

108 नारियल से कराया गया हवन-पूजन
वैशाख शुक्ल पूर्णिमा के मौके पर होने वाले इस कार्यक्रम में देवी देवताओं की पूजा करने के लिए एक हजार कमल के फूलों का उपयोग किया गया। इसके अलावा हवन में 108 नारियलों की आहूति दी गई, जिसमें 21 किलो घी का उपयोग किया गया। पूजा करने के लिए पहुंचे कीर्तन मंडली के सदस्य और श्रद्धालुओं ने कहा कि यह पूजा विधान पिछले सात सालों से किया जा रहा है। काेरोना के चलते दो साल तक यह कार्यक्रम नहीं हो पाया था। इसके बावजूद लोगो की आस्था और श्रद्धा पर कोई असर नहीं पड़ा ।

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