छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का म्यू थाई वर्ल्ड चैंपियनशिप में चयन:बस्तर के युवराज ने कहा-WWE देख प्रोफेशन में आया; देश के लिए गोल्ड लाऊंगा

जगदलपुर4 महीने पहले
नेशनल चैंपियनशिप जीतने के बाद गोल्ड मेडल लेता युवराज।

मलेशिया में होने वाले म्यू थाई यूथ वर्ल्ड चैम्पियनशिप में बस्तर के खिलाड़ी का चयन हुआ है। 13 साल के युवराज सिंह ने इससे पहले नेशनल चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता था। 9 अगस्त से 20 अगस्त तक मलेशिया के कुआलालम्पुर में सारे मैच होंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में युवराज ने बताया कि WWE देखकर इस गेम को चुना। सुल्तान और दंगल मूवी देखकर प्रभावित हुआ। नेशनल में गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद अब विदेश में होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप में इंडिया को गोल्ड दिलाने का लक्ष्य है। पढ़िए युवराज की कहानी उसी की जुबानी....

मैं जगदलपुर के दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 9वीं में पढ़ाई करता हूं। पिता कांट्रेक्टर हैं। मुझे WWE बेहद पसंद है। बड़ा होकर रेसलर बनना चाहता हूं। जब 7 साल का था तब कुश्ती की कोचिंग जॉइन की। धीरे-धीरे फाइटिंग का शौक हुआ और फिर म्यू थाई गेम की कोचिंग लेना शुरू कर दिया। 3 साल की प्रोफेशनल कोचिंग लेने के बाद 10 साल की उम्र में म्यू थाई गेम का पहला स्टेट लेवल का मैच खेला। कोच अब्दुल मोईन के दिए गए टिप्स को फॉलो किया, किस्मत ने साथ दिया और स्टेट चैम्पियन बन गया। यह देख परिजन बेहद खुश हुए। फिर नेशनल टूर्नामेंट की तैयारी की।

लोगों ने बधाई दी।
लोगों ने बधाई दी।

इस बीच सुल्तान और दंगल यह दोनों मूवी रिलीज हुई थी। दोनों मूवी से बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ और देश के लिए गोल्ड लाने का लक्ष्य रखा। साल 2018 में स्टेट चैम्पियन बनने के कुछ दिनों के बाद गोवा में नेशनल चैम्पियनशिप था। वहां गया और देशभर से आए विरोधियों को रिंग में परास्त किया। गोवा में पहली बार नेशनल चैम्पियन बना और गोल्ड मेडल हासिल किया। उस समय भी फुकेट में होने वाले वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए चयन हो गया था, लेकिन उम्र कम होने की वजह से वीजा नहीं मिला था। इस वजह से थोड़ी निराशा जरूर हुई थी लेकिन हार नहीं मानी।

शहर में जगह-जगह पोस्टर लगे हैं।
शहर में जगह-जगह पोस्टर लगे हैं।

एक साल के बाद फिर से स्टेट चैम्पियनशिप मैच था। यह भी जीता। फिर नेशनल के लिए चयन हुआ, लेकिन तब तक कोरोना देश में फैलने लगा था। इसी वजह से ऑनलाइन गेम हुआ और उसमें भी मैंने अपना बेहतर प्रदर्शन किया। फिर फुकेट में होने वाले वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए चयन हुआ था। कोरोना की वजह से फुकेट जाने भारत को ग्रीन सिग्नल नहीं मिला। इस वजह से नहीं जा पाया। फिर से निराश होना पड़ा। अपनी उम्मीदों को मैंने नहीं छोड़ा। साल 2022 में देवास में हुए नेशनल चैम्पियनशिप में फिर से गोल्ड मेडल हासिल किया। अब मलेशिया के लिए चयनित हुआ हूं। इतने सालों की मेहनत के बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए जा रहा हूं। उम्मीद है भारत के लिए गोल्ड लेकर लौटूंगा।

ब्लू कॉर्नर वाला युवराज सिंह।
ब्लू कॉर्नर वाला युवराज सिंह।

रोज 4 घंटे की होती है प्रैक्टिस

युवराज ने बताया कि, म्यू थाई गेम के लिए रिंग में रोज 4 घंटे पसीना बहाता हूं। कोच अब्दुल हर तरह की टिप्स देते हैं। अच्छी बात यह है कि पैरेंट्स का भी पूरा सपोर्ट मिलता है। जब पीछे पलटकर देखता हूं तो पैरेंट्स की आंखों में मुझसे बहुत उम्मीद नजर आती है। इसी वजह से मेरा मनोबल और बढ़ता है। स्कूल के शिक्षक और दोस्त भी बहुत सपोर्ट करते हैं। इधर, कोच अब्दुल ने बताया कि, युवराज 71 किलो कैटेगरी में गेम खेलेगा। उम्मीद है यह अपना बेहतर प्रदर्शन करेगा और देश को गोल्ड मेडल दिलाएगा।

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