पुलिस विभाग:सड़क सुरक्षा में सुधार से जुड़े एप के बारे में बताया

बेमेतरा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

एसपी धर्मेन्द्र सिंह व एएसपी पंकज पटेल, रामकुमार बर्मन के निर्देश व डीएसपी कमल नारायण शर्मा के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए आईआरएडी के सबंध में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर आईआरएडी बेमेतरा मुकुल धुरंधर ने जिले के थाना-चौकी प्रभारियों, विवेचकों व थानों मे पदस्थ सीसीटीएनएस ऑपरेटरों को आईआरएडी के संबंध में प्रशिक्षण दिया। आईआरएडी प्रोजेक्ट भारत सरकार के पुलिस सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा में सुधार करना है। छत्तीसगढ़ के पूरे जिले में इस प्रोजेक्ट की 1 जुलाई 2021 से संचालन और आईआरएडी एप ट्रेनिंग की शुरुआत हो चुकी है। आईआरएडी से जुड़े सभी विभागों के लिए सिंगल यूनिट प्लेटफार्म है, जिसमें दुर्घटना की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त किया जाता है। अफसरों व कर्मियों को एप के बारे में विस्तार से बताया।

प्रशिक्षण में इन विभागों के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद

इस दौरान निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज, अंजोर लाल चतुर्वेदी, उप निरीक्षक बीआर ठाकुर, अंजोर सिंह साहू, राकेश साहू, टीआर कोसिमा, नासिर खान, रंजित प्रताप सिंह, घनश्याम चिन्डा, महिला सेल प्रभारी नीता राजपूत, सउनि मोहन साहू, ताण्डेकर, डीएल सोना, सुभाष सिंह, भानू प्रताप पटेल, संतोष ध्रुर्वे, राजेन्द्र कश्यप, प्रधान आरक्षक सुखेलाल बंजारे, दिनेश मंडावी, चंद्रशेखर सिंह, दिनेश साहू, खेमु वर्मा, ठाकुर राम घृतलहरे, अशोक तिर्की, आरक्षक नरेन्द्र सिंह, रोशन, देवेन्द्र साहू, प्रमोद बंजारे, अर्जुन ध्रर्वे, ऋतुराज सिंह, राजेश कुर्रे, सौरभ सिंह, भूषण राजपूत, रोहित ध्रुर्वे, नरेन्द्र बंजारे व अन्य सीसीटीएनएस ऑपरेटरों सहित पुलिस के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

दुर्घटना होने पर विभाग को रिक्वेस्ट भेजा जाता है

आईआरएडी एप में किसी भी नए दुर्घटना स्थल पर जाकर एंट्री की जाती है, उसके बाद पुलिस विभाग दुर्घटना से जुड़े वाहन का परिवहन व जिस रोड में दुर्घटना हुई है उस विभाग को रिक्वेस्ट भेजता है और इससे जुड़ी जानकारी भरी जाती है। के डाक्टर द्वारा एप में भरी जाती है।

खबरें और भी हैं...