पीएम किसान सम्मान निधि योजना:गलत एंट्री से पात्र 5267 किसानों का 1.5 करोड़ अटका, अपात्र 1881 के खाते में 1.46 करोड़ ट्रांसफर

बालोद3 महीने पहले
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कार्यालय में भौतिक सत्यापन व त्रुटि सुधार करते शाखा अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कार्यालय में भौतिक सत्यापन व त्रुटि सुधार करते शाखा अधिकारी।

जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का हाल बेहाल है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते है कि पात्रता में आने वाले 5 हजार 267 किसानों को पंजीयन के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया है, क्योंकि पोर्टल में एंट्री गलत हुई है। किसी का खाता क्रमांक नंबर तो किसी का आधारकार्ड नंबर तो किसी का नाम, पता व अन्य जानकारियां गलत है।

किसी किसान की पहली तो किसी की दूसरी, तीसरी किस्त का लगभग एक करोड़ 5 लाख 34 हजार रुपए राशि अटका है। जिनका भुगतान तभी होगा जब आंकडे सही होंगे। विभागीय अफसर बता नहीं पा रहे है कि कितने किसानों को वास्तविक कितनी राशि का भुगतान किया जाना है। वहीं जो 1881 लोग अपात्र है, उनके बैंक अकाउंट में योजना के तहत एक करोड़ 41 लाख 96 हजार रुपए ट्रांसफर कर दी गई है। यूं कहें कि अपात्रों के लिए राशि जारी कर दी गई और जो पात्र है, वे राशि मिलने का इंतजार कर रहे है। केंद्र सरकार की ओर से लिस्ट भेजने के बाद भौतिक सत्यापन किया गया। सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले जिले के 1881 लोग सरकारी कर्मचारी व आयकरदाता हैं। अफसर कह रहे है त्रुटिपूर्ण तरीके से पंजीयन हो गया होगा।

क्या है योजना, पात्र को 6 हजार देने का प्रावधान
जिले में 16 फरवरी 2018 से यह योजना लागू है। प्रति वर्ष 6 हजार रुपए प्रत्येक पात्र किसान को तीन किस्तों में भुगतान करने का प्रावधान है। राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा होती है। जब योजना जिले में लागू हुई थी तब राजस्व विभाग से आवेदन लेकर पंजीयन प्रोसेस कंपलीट किया गया था। जुलाई 2020 से कृषि विभाग को जिम्मेदारी मिली। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है।

केंद्र सरकार ने लिस्ट भेजकर रिकवरी के निर्देश दिए
योजना के तहत अपात्र लोगों को भी राशि जारी कर दी गई है, जिनकी लिस्ट केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई है लेकिन अब तक रिकवरी नहीं हो पाई है, आगे रिकवरी होगी कि नहीं? इस पर भी संशय की स्थिति है। दरअसल जिम्मेदार विभागों के अफसर सिर्फ औपचारिकता ही निभा रहे है। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे है। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि राजस्व विभाग के पटवारियों ने त्रुटि की है इसलिए ऐसी स्थिति बनी है। अब भौतिक सत्यापन व त्रुटि सुधार करने की नौबत आ रही है। वहीं राजस्व विभाग के अफसरों का कहना है कि शासन की ओर से योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब कृषि विभाग को दे दी है। इसलिए ज्यादा कुछ कह नहीं सकते। उस विभाग के अफसर ही बता सकते है। जिन लोगों के अकाउंट में राशि ट्रांसफर हुई है, उनको रिकवरी के लिए सूचना दे रहे है। बहरहाल कृषि विभाग कार्यालय में अब तक भौतिक सत्यापन व त्रुटि सुधार कार्य हो रहा है। इधर जिनके नाम गलत तरीके से दर्ज किए गए हैं उनकी फिक्र बढ़ गई है।

त्रुटि के चलते पहले से ही 5473 किसान वंचित थे
12 अक्टूबर की स्थिति में 5 हजार 473 किसानों की जानकारियों की एंट्री पोर्टल में गलत हो गई थी। जिसमें बालोद ब्लॉक के 888, डौंडी के 835, डौंडी लोहारा के 1716, गुंडरदेही के 1239, गुरूर के 795 शामिल थे। जिसके बाद सुधार किया गया। कई किसानों को शुरूआत में एक-दो किस्त मिलने की बातें भी कही जा रही है। जिसके बाद आधार, खाता क्रमांक में त्रुटि होने की जानकारी मिली। लिहाजा अब तक सुधार की प्रक्रिया जारी है। राशि अटकी है।

सूची नहीं, कृषि विभाग वाले बताएंगे: एसडीएम
बालोद एसडीएम आरएस ठाकुर ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग वाले ही बता पाएंगे। हमारे पास इसकी सूची नहीं आई है। कहीं-कहीं त्रुटि हुई है, इसकी जानकारी मिली थी। कितना रिकवर हुआ है, फिलहाल संबंधित विभाग से जानकारी मिल सकती है।

सीधी बात; नागेश्वर लाल, कृषि उपसंचालक
योजना के अनुसार ही पात्र किसानों को लाभ मिलेगा

जो किसान पात्र उनको राशि नहीं मिली, जो अपात्र है उनके खाते में राशि ट्रांसफर हो गई।
- अधिकांश का त्रुटि सुधार हो गया है, अपात्रों से राशि रिकवरी के लिए पत्र व्यवहार चल रहा है

भौतिक सत्यापन में खुलासा होने के बाद अब तक रिकवरी नहीं हो पाई
- राजस्व विभाग के समन्वय से रिकवरी होगी

कितने किसानों की कितनी राशि अटकी है
- आंकड़े देखकर ही बता पाएंगे कि कितने किसान है, वैसे अधिकांश का त्रुटि सुधार हो गया है, योजना अनुसार ही पात्र किसानों को लाभ मिलेगा।