नया सत्र:इंग्लिश मीडियम स्कूल में खाली रह गईं 49 सीटें

बालाेदएक वर्ष पहले
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  • 3-5 किलोमीटर का दायरा, गरीबी, अंग्रेजी पास होने की अिनवार्यता बन रहे बच्चों के प्रवेश में बाधा

शिक्षा विभाग की ओर से इसी सत्र से शासकीय हाईस्कूल आमापारा में अंग्रेजी माध्यम के तहत प्राथमिक से लेकर हाईस्कूल तक कक्षाएं लगाने की तैयारी अंतिम चरण में है। 15 जुलाई से ऑनलाइन क्लास शुरू हो जाने के दावे कर रहे हैं लेकिन अभी 49 सीटें खाली रह गई है।  ऐसे में सभी कक्षाओं में निर्धारित 40 सीटें एक सप्ताह के अंदर भरने के बाद ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर पाना चुनौती है। क्योंकि 3-5 किमी का दायरा, गरीबी, अंग्रेजी की बंदिशें ही प्रवेश में बाधा बन रही है इसलिए अब तक कक्षा 7वीं में 15, 8वीं में 14 एवं 10वीं में लगभग 20 सीटें खाली है। इसे भरने के लिए आवेदन जमा करने की तारीख बढ़ा दी गई है। इसके लिए समय सीमा भी तय नहीं किया गया है। प्रत्येक कक्षा में 40-40 सीटें निर्धारित है। बता दें कि किलोमीटर के दायरे में सिर्फ शहरी क्षेत्र और आसपास लगभग 20 गांव आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के अधिकतर बच्चे पहले से प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र मंे पालक शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में ही प्रवेश दिलाना चाह रहे हैं। किलोमीटर का बंधन होने के कारण कई पालक जो अपने बच्चों को पढ़ाना चाह रहे हैं, वह पात्रता की श्रेणी में नहीं आ पा रहे हैं। 

प्रवेश के लिए तय मापदंड, जो बन रहे बाधा

  • स्कूल से 3 किलोमीटर की दूरी में निवासरत माध्यमिक कक्षा 7वीं और 8वीं के लिए पात्रता में आएंगे।
  • स्कूल से 5 किमी की दूरी में निवासरत कक्षा 10वीं के लिए पात्रता में आएंगे।
  • प्रवेश में गरीब परिवार के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • स्कूल में एडमिशन के लिए अंग्रेजी माध्यम से उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

दूरी हिसाब से प्रवेश, मेधावी बच्चों को नहीं मिलेगा मौका
ग्राम पंचायत दुधली के सरपंच फिरोज ने डीईओ को आवेदन सौंपकर स्कूल में प्रवेश के लिए गांव क्षेत्र के बच्चों को भी प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में कक्षा प्राथमिक से लेकर हाईस्कूल तक कक्षावार एडमिशन प्रकिया चल रही है। बालोद के 3-4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो अनुचित है। संपूर्ण योग्यता होने के बावजूद केवल किलोमीटर दूरी पर यदि प्रतिभावान बच्चे प्रवेश से वंचित रह जाते हैं तो गलत होगा। 

नियमों के तहत प्रवेश के लिए आवेदन ले रहे: तुली  
प्राचार्य एल. तुली ने बताया कि शासन व शिक्षा विभाग स्तर से तय नियमों के तहत ही प्रवेश के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। जिन कक्षाओं के लिए सीटें खाली है, उसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं।

डीईओ बोले- निर्धारित मापदंड पर ही प्रवेश  
डीईओ आरएल ठाकुर ने बताया कि शासन स्तर से निर्धारित मापदंड पर ही आवेदन करने वाले बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। कुछ को छोड़ अधिकतर कक्षाओं के लिए पर्याप्त आवेदन मिल चुके हैं।

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