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धान की फसल झुकी:3 घंटे में बालोद व गुंडरदेही ब्लॉक में 44 मिमी हुई बारिश

बालोदएक महीने पहले
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  • 33% से ज्यादा नुकसान होने पर किसानों को सहायता राशि मिलेगी, पटवारी करेंगे सर्वे, 9 मई तक छाए रहेंगे बादल

शुक्रवार सुबह 7.40 बजे जिला मुख्यालय से 6 किमी दूर बालोद से तरौद मुख्य मार्ग के बीच खेत में तेज हवा, बारिश थमने के बाद बर्बादी का मंजर दिखा। धान फसल झुक गई है। इधर बालोद में शाम 4.30 बजे से देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। बर्बादी का मंजर ब्लॉक के ग्राम मेड़की, बघमरा, खरथुली, भोथली, कोहंगाटोला, उमरादाह, घुमका, जगन्नाथपुर, जुंगेरा, झलमला, सिवनी, लाटाबोड़, सुंदरा, नयापारा, जुर्रीपारा, गंजपारा बालोद सहित अन्य स्थानों में भी दिखा। नुकसान का आकलन करने कृषि व राजस्व विभाग की टीम जल्द खेतों में पहुंचेगी। पटवारियों की रिपोर्ट अनुसार 33% से ज्यादा फसल खराब होने पर सहायता राशि दी जाएगी

किसान की जुबानी
तबाही ऐसी कि बालियों में अब दाना ही नहीं बचा:जुर्रीपारा बालोद निवासी किसान मोहन सोनकर ने बताया कि 9 एकड़ में धान लगाया था। दो दिन बाद हार्वेस्टर से कटाई, मिंजाई की तैयारी कर रहे थे। इसके पहले ही आंधी तूफान, बारिश से सब कुछ तबाह हो गया है, बालियों में अब एक दाना ही नहीं बचा है, सब खेतों में बिखर गए हैं। पूरी मेहनत बेकार हो गई। लागत भी नहीं निकल पाएगी।

इस वजह से हुई बारिश
पहला चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर अंदरूनी कर्नाटक के ऊपर 0.9 किमी और दूसरा मध्य मध्यप्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित रहा।एक साथ 3 द्रोणिका सकिय होना- पहला द्रोणिका उत्तर अंदरूनी कर्नाटक से दक्षिण केरल तक, दूसरा पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर मध्य मध्यप्रदेश से त्रिपुरा तक झारखंड और गंगेटिक पश्चिम बंगाल होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक और तीसरा (हवा की अनियमित गति) उत्तर मध्य मध्यप्रदेश से मराठवाड़ा तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित रहा।

अगले दो दिन धूप-छांव
रायपुर के मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि शनिवार व रविवार को धूप-छांव के बीच बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर बौछारें भी पड़ सकती है।

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