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मिडिल स्कूल पसौद का मामला:बैंड बाजा, मोहरी की धुन पर बच्चों को करा रहे योगाभ्यास

बालोद4 दिन पहले
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  • शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक बनाने अच्छी पहल, बच्चों को नैतिक शिक्षा भी दे रहे शिक्षक रजक

जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर ग्राम पसौद (संकुल-हल्दी) के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक बनाने अच्छी पहल हो रही है। कक्षा 6वीं से 8वीं तक अध्ययनरत 82 बच्चे हर शनिवार योगाभ्यास और बैंड बाजा व मोहरी की धुन पर व्यायाम करते हैं। यहां पदस्थ शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक बच्चों को नैतिक शिक्षा भी दे रहे हैं। शैक्षणिक कार्य के अलावा समाज, जन सेवा भी कर रहे हैं।

बच्चों को पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई के साथ नैतिक शिक्षा देकर व्यायाम कराते हैं। बच्चों को योग का महत्व बताते हैं। सभी को रोजाना घरों में भी अपने पालकों के साथ योग करने प्रेरित करते हैं। चित्रकारी, गीत, संगीत व खेलकूद में भी प्रशिक्षित कर रहे हैं। अनुपस्थित बच्चों से पालकों से मिलकर उनकी समस्याओं का निदान भी करते है। किसी बच्चे की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद घर पहुंच जाते हैं। आर्थिक सहयोग करने के लिए भी तत्पर रहते हैं। संकुल स्तर में उत्कृष्ट शिक्षक का सम्मान भी मिल चुका है।

खुद व परिवार के 8 लोग कोरोना की चपेट में आए
परीक्षा की तैयारी को लेकर समय-समय पर पालक-बालक सम्मेलन कराकर सभी को मोटिवेट करते हैं। पौधरोपण, सांस्कृतिक गतिविधियां भी कराते आ रहे हैं। पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अपने पास बुलाकर रजक उनकी समस्या का निराकरण कर प्रेरित करते हैं। बागवानी में रोजाना पेड़, पौधों में पानी डालते हैं। खुद व परिवार के 8 लोग कोरोना की चपेट में आए फिर भी कोरोनाकाल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए मोहल्ला क्लास लेकर पढ़ाया। कबाड़ से जुगाड़ के जरिए अनुपयोगी चीजों को कैसे उपयोगी बनाया जाता है, इसे प्रयोग कर बच्चों को सिखाते है।

विभिन्न खेलों का नियम बताकर कराते हैं अभ्यास
विभिन्न शालेय स्तर पर खेल प्रतियोगिता में बच्चों को प्रेरित कर मार्गदर्शन देकर खेल के नियम के बारे में बताकर अभ्यास करवाते है। बच्चों को पढ़ाने, लिखाने के लिए नवाचार कर रहे हैं। स्कूल में एक हजार लीटर क्षमता वाला आरओ वाटर फिल्टर लगा है। जिसे प्रशिक्षण लेने के बाद खुद ऑपरेट कर रहे हैं।

दीवार पर स्लोगन, हर बच्चे को कैबिनेट मंत्री का दर्जा
शिक्षक रजक ने बताया कि बच्चों को आगे बढ़ाने, प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री का पद देते हैं। जिससे कोई भी एक-दूसरे से भेदभाव नहीं करते। दरअसल हर साल बाल कैबिनेट का गठन होता है। दीवार पर स्लोगन लिखकर समझाते हैं ताकि शब्दों को बच्चे जल्दी समझ सकें। बताया गया कि वर्ष 2006 से 2014 तक बेमेतरा ब्लॉक में पदस्थ रहे। इसके बाद 2014 में प्रमोशन के बाद पसौद में ज्वाइनिंग ली। तब से अब तक यही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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