सतर्कता जरूरी है:खतरा... जिले में सिर्फ एक फायर ब्रिगेड, इन्हीं के भरोसे 8 निकायों में लगेंगी पटाखे की 100 दुकानें

बालोदएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • तमिलनाडु के कल्लाकुरिची की घटना से सबक लें जिम्मेदार क्योंकि जिले में सुरक्षा की गारंटी नहीं

बीएसपी को छोड़ जिले में सिर्फ एक फायर ब्रिगेड बालोद नगर पालिका के पास है। बाकी 7 निकायों में एक भी नहीं है। आलम यह है कि जिले के सबसे बड़े नगर पालिका क्षेत्र में भी आग बुझाने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है, सिर्फ बीएसपी का फायर ब्रिगेड है, जिसका किराया ज्यादा है। इस लिहाज से एक ही फायर ब्रिगेड के भरोसे 8 नगरीय निकाय बालोद, दल्लीराजहरा, गुरूर, अर्जुन्दा, गुंडरदेही, डौंडी, डौंडी लोहारा में पटाखा की लगभग 100 दुकानें लगेगी।

चिखलाकसा में जगह की कमी है इसलिए दल्ली में लोग पटाखा खरीदने पहुंचेंगे। हाल ही में तमिलनाडु के कल्लाकुरिची की घटना से जिम्मेदारों को सबक लेने की जरूरत है। जहां शंकर पुरम कस्बे में मंगलवार को एक पटाखा दुकान में हुए विस्फोट में लगभग 5 लोगों की मौत हुई थी और 10 लोग घायल हुए थे। वैसे तो नियम बना है कि पटाखा दुकानों के बीच 10 फीट का अंतर तथा आमने-सामने 25 फीट की दूरी होनी चाहिए। रहवासी क्षेत्रों में सड़क किनारे पटाखा दुकान लगाने की अनुमति नहीं रहेगी लेकिन इसका पालन नहीं होता और नियम कागजों में ही शोभा देता है।

दिवाली: 2 से 5 नवंबर तक पटाखे बेच सकेंगे व्यापारी
दीपावली पर्व को लेकर बालोद शहर के बीच सरदार पटेल मैदान में धनतेरस यानी 2 नवंबर से 33-34 पटाखा दुकानें लगेगी। इसके लिए राजस्व विभाग की सहमति के बाद नगर पालिका की ओर से एनओसी दे दी गई है। नपा के अनुसार व्यापारी वर्ग 2 से 5 नवंबर तक पटाखों की बिक्री कर सकते है हालांकि ज्यादा मुनाफे के चक्कर में कई व्यापारी निर्धारित दिन के पहले ही दुकानें लगा लेते है। वैसे तो नियम बना है कि पटाखा दुकानों के बीच 10 फीट का अंतर तथा आमने-सामने 25 फीट की दूरी होनी चाहिए। वर्तमान में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है। कुछ साल पहले सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम के खुले मैदान में पटाखा दुकानें लगाने की तैयारी थी लेकिन व्यापारियों के दबाव के चलते प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया। व्यापारियों का तर्क है कि स्टेडियम की दूरी ज्यादा है।

व्यापारियों की बैठक लेकर समझाइश देंगे
बालोद तहसीलदार परमेश्वर मंडावी ने बताया कि शहर में पटाखा दुकानें लगेगी। इसको लेकर जल्द ही व्यापारियों की बैठक लेकर उच्च अफसरों के आदेश पर सुरक्षा के संबंध में समझाइश दी जाएगी। सुरक्षा के लिए तय गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। इसके लिए पटाखा व्यापारियों को बैठक लेकर जागरूक किया जाएगा ताकि नियमों का पालन हो सके।

नियम की अनदेखी कैसे करते हैं जिम्मेदार, समझें
1. पटाखा दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी होनी चाहिए।
हकीकत: बालोद में भास्कर टीम पहुंची तो कर्मचारियों ने बताया एक ही साथ दुकानें लगेगी। हर साल एक लाइन में दुकानें सटकर लगती है, इस बार भी ऐसी ही तैयारियां चल रही है। दूरी संबंधी नियम का पालन नहीं होता।
2. आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम होना चाहिए।
हकीकत: पटाखा दुकानों के लिए सिर्फ एक अग्निशमन यंत्र यानी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था है।
3. दुकानदार, पटाखे दुकान के बाहर न तो रखेंगे न ही प्रदर्शन करेंगे।
हकीकत: अधिकतर दुकानदार अपनी दुकान के बाहर ही पटाखों को प्रदर्शनी के लिए रख देते है।
4. दो बाल्टी रेत, वाहनों की पार्किंग की उचित व्यवस्था।
हकीकत: रेत को लेकर कोई ध्यान नहीं देते, पार्किंग के लिए स्थान चिह्नांकित होने के बाद भी ग्राहक वाहन को लेकर दुकान के सामने ही खड़ी करते हैं।
5. रहवासी क्षेत्र में पटाखा दुकान लगाने की अनुमति नहीं।
हकीकत: बालोद में शहर के अंदर ही पटाखा दुकानें लगाई जाती है। कई व्यापारी तो अपने मकान स्थित दुकान में बेचते है।

खबरें और भी हैं...