चैत्र नवरात्रि आज से:कोरोना का संहार करो मां; सीसी कैमरा लगाने वाले संक्रमित, ऑनलाइन दर्शन भी नहीं

बालोद8 महीने पहले
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नवरात्र के पहले दिन आप कीजिए गंगा मैया मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा के दर्शन, यहां 1680 ज्योति कलश की स्थापना होगी। - Dainik Bhaskar
नवरात्र के पहले दिन आप कीजिए गंगा मैया मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा के दर्शन, यहां 1680 ज्योति कलश की स्थापना होगी।
  • गंगा मैया मंदिर में इस बार भी भक्तों की एंट्री नहीं, जंवारा तक नहीं बोया जाएगा, 1680 ज्योत जलेंगी
  • शहर के मंदिरों में भी जोत जगमगाएंगी लेकिन कोरोना के चलते लटके रहेंगे ताले

लॉकडाउन, कोरोना काल के बीच मंगलवार से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होगा। कोरोना के चलते पिछले साल केंद्र शासन तो इस बार जिला प्रशासन का लॉकडाउन लगा है। लिहाजा पिछले साल की तरह इस बार भी धार्मिक आस्था पर कोरोना भारी पड़ रहा है, इसलिए दूसरी बार ऐसी स्थिति बन रही है कि मंदिरों में भक्तों की एंट्री नहीं होगी और न ही दूर से दर्शन कर सकेंगे।

पिछले साल चैत्र नवरात्र में एंट्री नहीं दी जा रही थी। वहीं शारदीय नवरात्र में बारी-बारी से भक्तों को दूर से दर्शन करने का मौका दिया गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। लिहाजा मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहेगा। जिले में 8 शहरी क्षेत्र और 700 से ज्यादा गांव है। जहां नवरात्रि में रौनकता नहीं रहेगी। न माता सेवा का आयोजन होगा और न ही भक्तिमय माहौल रहेगा

घट स्थापना के साथ ज्योत जगमगाएंगी: जिले व प्रदेश के धार्मिक आस्था का केंद्र गंगा मैया मंदिर झलमला में पिछले व इस साल दोनों मिलाकर कुल 1680 ज्योति कलश (80 घी व 1600 तेल) की स्थापना होगी यानी ज्योत जलेंगे लेकिन भक्तों की एंट्री नहीं होगी। ऑनलाइन दर्शन कराने की तैयारी चल रही थी लेकिन सिस्टम लगाने वाले ही संक्रमित हो गए है। फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को दर्शन लाभ मिल सकें। ट्रस्ट प्रमुख सोहनलाल टावरी ने बताया कि पिछले साल एक जोत जला था।

बाकी जो बचा था, उसे इस बार स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। ज्योति कलश स्थापना को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। पूजा पाठ, आरती का दौर चलता रहेगा लेकिन लोगों को दर्शन लाभ नहीं मिलेगा। जंवारा नहीं रहेगा क्योंकि कोरोनाकाल, लॉकडाउन है। शोभायात्रा नहीं निकलेगी। जिनको ज्योत जलाना है वे संपर्क कर सकते है।

जानिए, बालोद शहर के देवी मंदिरों में धार्मिक आयोजन की क्या स्थिति

  • शीतला माता मंदिर:यहां ज्योति कलश की स्थापना होगी। माता सेवा, भंडारा सहित अन्य धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। यह इस बार भी 201 ज्योत जलेंगे।
  • चंडी माता मंदिर: यहां 71 ज्योति कलश की स्थापना होगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश कौशिक ने बताया कि माता सेवा नहीं होगा।
  • दुर्गा मंदिर गंजपारा: यहां ज्योति कलश की स्थापना होगी। माता सेवा, भंडारा सहित अन्य धार्मिक आयोजन नहीं होंगे।
  • मोखला मांझी, महामाया मंदिर: यहां ज्योति कलश की स्थापना होगी। माता सेवा, भंडारा सहित अन्य धार्मिक आयोजन नहीं होंगे।

इधर नवरात्रि के 9 में से 6 दिन व्रतियों के लिए फलाहार का संकट क्योंकि लॉकडाउन के कारण फल दुकानें बंद
मंदिरों के द्वार भक्तों के लिए बंद रहेंगे। वहीं शक्ति की भक्ति के लिए भक्तों को शक्ति कैसे मिले, इस नवरात्रि में यही बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि आज से नवरात्रि शुरू हो रही है और 19 अप्रैल सुबह 6 बजे तक पूरा जिला लॉक रहेगा। ऐसे में नवरात्र के 9 में से 6 दिन व्रतियों के लिए फलाहार की व्यवस्था नहीं हो पाएगी। पौष्टिक आहार के अभाव में व्रतियों की इम्युनिटी कमजोर भी हो सकती है और कोरोना काल में यह सबसे बड़ा खतरा है।

अमूमन ज्यादातर व्रती दिनभर के उपवास में एक बार ही फलाहार लेते हैं। इसमें फल प्रमुख है। जो फिलहाल लॉकडाउन के चलते मिलना मुश्किल है। पुष्पा, उषा बाई ने कहा कि लॉकडाउन से पहले सामान की खरीदारी के लिए 2 दिन का ही समय मिला था। जरूरी सामग्रियां तो खरीदीं, लेकिन फलाहार नहीं खरीद पाए क्योंकि इन्हें ज्यादा दिन तक स्टोर करके नहीं रख सकते। खासतौर पर फलों काे। हम यह सोचने के लिए मजबूर हो गए हैं कि इस नवरात्रि व्रत रखें या नहीं।

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